इज़रायल और रूस में जान गंवाने वाले भारतीयों का दोषी कौन है?

वीडियो: मिसाइल इज़रायल पर चलाई गई और मौत एक भारतीय की हुई. युद्ध यूक्रेन और रूस के बीच चल रहा है और युद्ध के मैदान में मजबूरन पहुंचे दो भारतीय भी जान गंवा चुके हैं. कैसे ये लोग युद्धग्रस्त इलाके में पहुंचे? क्या मोदी सरकार के दौर में आर्थिक बदहाली से झेल रहे भारतीय इतने मजबूर हो चुके हैं कि आजीविका के लिए उन्हें जंग से जूझ रहे इलाकों में रहने से गुरेज़ नहीं है?

2021 के किसान आंदोलन पर बनी डॉक्यूमेंट्री को बेंगलुरू फिल्म महोत्सव में स्क्रीनिंग से रोका गया

कर्नाटक चलचित्र अकादमी के रजिस्ट्रार का कहना है कि दिखाई जाने वाली सभी फिल्मों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मंज़ूरी दी जाती है. केंद्रीय अधिकारियों ने बताया कि उक्त डॉक्यूमेंट्री में फिल्माया गया मसला संवेदनशील है और इसलिए इसे फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित होने से रोका जाना चाहिए.

मदद सामग्री लेने पहुंची भीड़ पर इज़रायली सेना ने गोलियां बरसाईं, 100 से अधिक की मौत

गाजा शहर में गुरुवार को सहायता दल से खाना लेने की कोशिश कर रहे फिलिस्तिनियों की बड़ी भीड़ पर गोलियां बरसाने की बात इज़रायली अधिकारियों ने भी स्वीकारी है. वहीं, फिलीस्तानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे नरसंहार ठहराते हुए कहा कि कम से कम 104 लोगों की मौत हुई और लगभग 760 लोग घायल हुए हैं.

ऐरोन बुशनेल का आत्मदाह इज़रायली क्रूरता के प्रति अमेरिकी शासन के अंधे समर्थन का परिणाम है

अमेरिकी सैनिक ऐरोन बुशनेल ने वॉशिंगटन डीसी में इज़रायली दूतावास के सामने 'फ्री फ़िलिस्तीन' का नारा लगाते हुए ख़ुद को ज़िंदा जला लिया ताकि दुनिया की नज़रें गाजा की ओर मुड़ जाएं. क्या बुशनेल जैसे लोग भुला दिए जाएंगे? क्या कोई युद्ध के विरोध में प्रतिबद्धता दिखाएगा और गाजा से लेकर यूक्रेन तक मानवीय नरसंहार का विरोध करने के लिए खड़ा हाेगा?

इज़रायल के लिए हथियार ले जाने वाले जहाजों के लिए काम नहीं करेंगे: जल परिवहन श्रमिक संघ

प्रमुख भारतीय बंदरगाहों पर लगभग 3,500 श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले वॉटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से कहा गया है कि उसने इज़रायल या किसी अन्य देश से हथियारबंद कार्गो को लोड या अनलोड करने से इनकार करने का फैसला किया है, जो फिलिस्तीन के साथ युद्ध का हिस्सा हो सकते हैं.

अडानी समूह की हिस्सेदारी वाले उपक्रम के इज़रायल को निर्यात ड्रोन का इस्तेमाल गाज़ा नरसंहार में हुआ

इज़रायली रक्षा बलों द्वारा गाज़ा के घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में हमलों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ड्रोन हर्मेस 900 की आपूर्ति में एक भारतीय समूह की भूमिका मोदी सरकार की तत्काल युद्धविराम की मांग करने वाली आधिकारिक स्थिति के विपरीत प्रतीत होती है.

युद्धग्रस्त इज़रायल में नौकरी के लिए उत्तर प्रदेश और हरियाणा से 5,600 से अधिक श्रमिकों का चयन

युद्धग्रस्त इज़रायल में कुशल श्रमिकों की भर्ती के लिए चलाए गए अभियान के तहत हरियाणा से 530 और उत्तर प्रदेश से 5,087 का चयन किया गया. इसके बाद मिज़ोरम, तेलंगाना, राजस्थान, बिहार और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों ने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम इंटरनेशनल से इज़रायल के लिए भर्ती अभियान चलाने का अनुरोध किया है.

यूपी: बेरोज़गार श्रमिक युद्धग्रस्त इज़रायल जाने को मजबूर, नौकरी की शर्तों पर भर्तीकर्ता चुप

युद्धग्रस्त इज़रायल में लुभावने वेतन पर 10,000 भारतीय निर्माण श्रमिकों को काम के लिए भेजे जाने के लिए लखनऊ में हुई भर्ती प्रक्रिया में शामिल लोगों ने बताया कि वे इज़रायल जाना चाहते हैं क्योंकि भारत में उन्हें रोज़गार नहीं मिल रहा.

क्या अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसले को मानेगा इज़रायल?

वीडियो: गाजा पर इज़रायल के हमले के बीच दक्षिण अफ्रीका ने इस पर नरसंहार का आरोप लगाते हुए इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस का रुख़ किया था, जिसने अपने निर्णय में इज़रायल को जेनोसाइड कन्वेंशन का पालन करने को कहा है. हालांकि इसने युद्धविराम का निर्देश नहीं दिया. फैसले की बारीकियों पर द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन से बातचीत.

आईसीजे ने इज़रायल से नरसंहार कन्वेंशन का पालन करने को कहा, सैन्य अभियान रोकने का निर्देश नहीं

दक्षिण अफ्रीका ने इजरायल पर नरसंहार का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में मुक़दमा दायर करते हुए इससे युद्धविराम का निर्देश देने की मांग की थी.

भारतीय श्रमिकों को बिना सुरक्षा इज़रायल भेजे जाने पर मज़दूर संगठनों ने चिंता जताई

बीते दिसंबर में उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार ने इज़रायल में नौकरियों के लिए निर्माण श्रमिकों से आवेदन मांगे थे. सरकार की योजना संघर्ष प्रभावित देश में कम से कम 10,000 श्रमिकों को भेजने की है. ट्रेड यूनियनों का तर्क है कि भारत सरकार संघर्षरत क्षेत्रों में काम करने जाने वाले श्रमिकों के लिए तय सुरक्षा मानकों को नज़रअंदाज़ कर रही है.

यूएन विशेषज्ञों ने गाज़ा नरसंहार की सुनवाई अंतरराष्ट्रीय अदालत में शुरू होने का स्वागत किया

इज़रायल द्वारा गाज़ा में जारी नरसंहार के मामले को लेकर दक्षिण अफ्रीका ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस का दरवाजा खटखटाया है, जिसका स्वागत करते हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि हम इस मामले को आईसीजे में लाने के लिए दक्षिण अफ्रीका की सराहना करते हैं, जब गाज़ा में फिलिस्तीनियों के अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है.

इस भयावह समय में फ़िलिस्तीनी कविता सारी मनुष्यता का शायद सबसे मार्मिक और प्रश्नवाचक रूपक है

कभी-कभार | अशोक वाजपेयी: फ़िलिस्तीनी कविता में गवाही, हिस्सेदारी और ज़िम्मेदारी एक साथ है. यह कविता मातृभूमि को भूगोल भर में नहीं, कविता में बचाने की कोशिश और संघर्ष है. दुखद अर्थ में यह कविता मानो फ़िलिस्तीनियों की मातृभूमि ही होती जा रही है- वह ज़मीन जिस पर कब्ज़ा नहीं किया जा सकेगा.

इज़रायली हमले को अमेरिकी समर्थन के विरोध में संदीप पांडेय ने मैग्सेसे पुरस्कार लौटाया

सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडेय को वर्ष 2002 में प्रतिष्ठित मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. उन्होंने एक बयान जारी कर कहा है कि फ़िलिस्तीनी नागरिकों के ख़िलाफ़ मौजूदा हमले में इज़रायल का खुलेआम समर्थन करने में अमेरिका की भूमिका को देखते हुए उनके लिए पुरस्कार अपने पास रखना असहनीय हो गया है.

फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फिलिस्तीन समर्थक आवाज़ों को दबा रहा है मेटा: ह्यूमन राइट्स वॉच

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ ने अपनी एक रिपोर्ट में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर उन आवाजों को अनुचित तरीके से दबाने और हटाने के एक पैटर्न का दस्तावेज़ीकरण किया है, जिसमें फिलिस्तीन के समर्थन में शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति और मानवाधिकारों के बारे में बहस शामिल है.