Meghalaya

भाजपा नेता के फार्म हाउस में होता था देह व्यापार, छह नाबालिग बचाए, 73 गिरफ़्तार: मेघालय पुलिस

पुलिस ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर उग्रवादी से नेता बने मेघालय भाजपा के उपाध्यक्ष बर्नार्ड एन. मारक के स्वामित्व वाले तुरा स्थित फार्महाउस पर छापा मारा गया. मारक ने कहा कि मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा हताश हैं, क्योंकि उन्हें मालूम है कि वह भाजपा की दक्षिण तुरा सीट से हार रहे हैं. मेरे फार्महाउस पर छापा मेरी छवि को ख़राब करने और राजनीतिक प्रतिशोध का एक हताशापूर्ण प्रयास है.

उत्तर-पूर्व के राज्यों में बारिश और बाढ़ के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त

भारत मौसम विभाग के अनुसार, असम और मेघालय में 15 जून को सामान्य से 272 मिमी अधिक बारिश हुई, जिससे व्यापक बाढ़ और भूस्खलन हुआ. असम के 28 जिलों में इस साल 18.95 लाख से अधिक लोग बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में राज्य में अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है.

एमएसपी क़ानून नहीं बना तो किसानों की सरकार से बहुत भयानक लड़ाई होगी: सत्यपाल मलिक

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जयपुर में जाट समाज के एक कार्यक्रम को में एमएसपी क़ानून लाने का समर्थन करते हुए कहा कि धरना ख़त्म हुआ है, आंदोलन नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल के बतौर उनके कार्यकाल के चार महीने बाकी हैं, जिसके बाद वे किसानों के लिए काम करेंगे.

किसानों से किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए, एमएसपी पर क़ानून बनाए सरकार: सत्यपाल मलिक

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि किसानों ने केवल दिल्ली में अपना धरना समाप्त किया है, लेकिन तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ उनका आंदोलन अभी भी जीवित है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में जिस रफ़्तार से बेरोज़गारी और महंगाई बढ़ रही है उससे देश में संकट खड़ा होने वाला है.

मेघालय के तीन गांवों को लोगों की इच्छा के विरुद्ध असम को दिया गया: एचएसपीडीपी प्रमुख

मेघालय के हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) प्रमुख केपी पांगियांग ने आरोप लगाया है कि तीन गांव – जॉयपुर, सलबाड़ी और हुवापाड़ा – लोगों की इच्छा के विरुद्ध असम को दे दिया गया. बीते मार्च में मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा और असम के उनके समकक्ष हिमंता बिस्वा शर्मा ने सीमा विवादों के हल के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

मेघालय-असम सीमा पर 36 विवादित गांवों में से तीस मेघालय में रहेंगे: कोनराड संगमा

1972 में मेघालय को असम से अलग कर राज्य बनाया गया था. दोनों राज्यों के बीच समस्या तब शुरू हुई जब मेघालय ने 1971 के असम पुनर्गठन अधिनियम को चुनौती दी, जिसने मिकिर हिल्स या वर्तमान कार्बी आंगलोंग क्षेत्र के ब्लॉक एक-दो को असम को दे दिया. वर्तमान में 733 किलोमीटर लंबी सीमा पर विवाद के 12 बिंदु हैं.

सीबीआई जांच के लिए आम सहमति वापस लेने वाला नौवां राज्य बना मेघालय: केंद्र

आम सहमति वापस लेने का अर्थ है कि सीबीआई मेघालय में अब किसी भी मामले की जांच राज्य सरकार की अनुमति के बिना नहीं कर पाएगी. विपक्ष द्वारा शासित राज्यों का आरोप है कि सीबीआई केंद्र की कठपुतली बन गई है. हालांकि मेघालय में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग सरकार होने के बावजूद ऐसा फैसला लिया गया है. फैसले के पीछे मुख्यमंत्री कोनराड संगमा के भाई पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप को वजह बताया जा रहा है.

नॉर्थ ईस्ट डायरीः नगालैंड में देश की पहली विपक्ष रहित सरकार, विपक्ष सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में नगालैंड, मणिपुर,अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, असम, मिज़ोरम और त्रिपुरा के प्रमुख समाचार.

नॉर्थ ईस्ट डायरीः बीते दो सप्ताह में म्यांमार के 2,000 से अधिक शरणार्थी मिज़ोरम पहुंचे

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में मिज़ोरम, मणिपुर, मेघालय, असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख समाचार.

मैंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि 500 किसान मर गए तो वो बोले क्या मेरे लिए मरे: सत्यपाल मलिक

हरियाणा के चरखी दादरी में मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि जब वे कृषि क़ानूनों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले तब ‘वे बहुत घमंड में थे.’ मलिक यह भी कहा कि आगे अगर सरकार किसानों के ख़िलाफ़ कोई क़दम लेगी तो वे इसका विरोध करेंगे और अपना पद छोड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगे.

मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा समेत कांग्रेस के 12 विधायक पार्टी में शामिल: टीएमसी

बताया जा रहा है कि अगस्त में विंसेंट एच. पाला को राज्य इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद से कांग्रेस की मेघालय इकाई में उथल-पुथल मची हुई है. संगमा ने दावा किया था कि नियुक्ति उनकी सहमति के बिना की गई थी. कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी के कुछ नेताओं के तृणमूल में शामिल होने को ‘नाटक’ क़रार देते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी इस तरह के प्रयासों से कमज़ोर नहीं होगी.

दिल्ली में नेता कुत्ते की मौत पर भी दुखी होते हैं, लेकिन किसानों की मौत की परवाह नहीं: मलिक

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना की भी आलोचना यह कहते हुए कि एक नए संसद भवन के बजाय एक विश्व स्तरीय कॉलेज बनाना बेहतर होगा. उन्होंने यह भी कहा कि वे किसानों के आंदोलन का समर्थन करने के लिए अपने पद से हटने को तैयार हैं.