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नौ राज्यों के 31 डीएम पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफ़ग़ानिस्तान के ग़ैर-मुस्लिमों को नागरिकता दे सकेंगे

केंद्रीय गृह मंत्रालय की वर्ष 2021-22 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र ने अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले हिंदुओं, सिखों, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाइयों को नागरिकता देने का अधिकार 2021-22 में और 13 ज़िला कलेक्टरों और दो राज्यों के गृह सचिवों को सौंपा गया है.

सरकार द्वारा मीडिया वन पर प्रतिबंध के कारण न बताने पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए

दिसंबर 2021 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मलयालम समाचार चैनल ‘मीडिया वन’ को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का हवाला देते हुए सुरक्षा मंज़ूरी देने से मना कर दिया था और जनवरी में इसके प्रसारण पर रोक लगाने को कहा था. शीर्ष अदालत ने सरकार से बिना विशेष कारण बताए प्रतिबंध लगाने को लेकर सवाल-जवाब किए हैं.

रोहिंग्या डिटेंशन केंद्र को लेकर आरटीआई के जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा- जानकारी गोपनीय

अगस्त में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के दिल्ली के रोहिंग्याओं को ईडब्ल्यूएस फ्लैट देने के बयान का खंडन करते हुए गृह मंत्रालय ने कहा था कि ऐसे कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं और दिल्ली सरकार को उनके ठहरने के वर्तमान स्थल को डिटेंशन केंद्र घोषित करने का निर्देश दिया गया है. 

सीएए के नियम तैयार करने के लिए सरकार को फिर अतिरिक्त समय दिया गया

विवादित नागरिकता संशोधन अधिनियम के प्रावधान तैयार करने के लिए राज्यसभा ने गृह मंत्रालय को 31 दिसंबर 2022, जबकि लोकसभा ने नौ जनवरी 2023 तक का समय दिया है. यह सीएए के प्रावधान तैयार करने के लिए गृह मंत्रालय को दिया गया सातवां विस्तार है.

दिल्ली दंगे: गृह मंत्रालय द्वारा अतिरिक्त बलों की तैनाती में देरी से हिंसा और भड़की- रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के पूर्व जज वाली फैक्ट-फाइंडिंग समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि गृह मंत्रालय की लापरवाह प्रतिक्रिया, हिंसा में दिल्ली पुलिस की मिलीभगत, मीडिया की विभाजनकारी रिपोर्टिंग और सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ भाजपा का घृणा अभियान दिल्ली दंगों के लिए ज़िम्मेदार थे.

पीएफआई पर पाबंदी न्यायोचित है या नहीं, इस पर निर्णय के लिए केंद्र ने अधिकरण गठित किया

केंद्र सरकार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर यूएपीए के तहत पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाया है. यूएपीए के तहत एक बार किसी संगठन पर प्रतिबंध लगाने के बाद केंद्र सरकार द्वारा 30 दिनों के भीतर यह देखने के लिए एक न्यायाधिकरण गठन किया जाता है कि संगठन को ग़ैर क़ानूनी घोषित करने के लिए पर्याप्त आधार है या नहीं.

बीते कुछ सालों में पीएफआई के नेता-कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ 1,400 से अधिक मामले दर्ज हुए: रिपोर्ट

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल ही में प्रतिबंधित किए गए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और उसके सहयोगी संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ पिछले कुछ वर्षों में 1,400 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं.

देशव्यापी छापों के बाद पीएफआई व उससे जुड़े संगठनों पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया गया

बीते दिनों देशभर में पीएफआई दफ्तरों पर पड़े छापों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यूएपीए के तहत इस पर प्रतिबंध लगाते हुए दावा किया है कि वे ‘देश में असुरक्षा होने की भावना फैलाकर एक समुदाय में कट्टरता को बढ़ाने के मक़सद’ से गुप्त रूप से काम कर रहे हैं.

पेगासस जासूसी मामला: सुप्रीम कोर्ट सच जानने से बस दो क़दम दूर है

पेगासस मामले पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तकनीकी समिति के कोई निर्णायक निष्कर्ष न देने के बाद अदालत के पास सच्चाई जानने के दो आसान तरीके हैं. एक, केंद्रीय गृह मंत्री, एनएसए समेत महत्वपूर्ण अधिकारियों से व्यक्तिगत हलफ़नामे मांगना और दूसरा, समिति के निष्कर्षों की प्रतिष्ठित संगठनों से समीक्षा करवाना.

केंद्रीय मंत्री के रोहिंग्याओं को घर देने के दावे के बाद गृह मंत्रालय ने कहा- ऐसा कोई आदेश नहीं

बुधवार सुबह केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक ट्वीट में कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों को बाहरी दिल्ली के ईडब्ल्यूएस फ्लैट में भेजा जाएगा, साथ ही यूएनएचसीआर कार्ड और पुलिस सुरक्षा दी जाएगी. कुछ ही घंटों बाद गृह मंत्रालय ने इसका खंडन करते हुए कहा कि ऐसे कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं.

बीते दो सालों में पुलिस हिरासत में 4,484 मौतें, उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक: केंद्र सरकार

लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि देश भर में साल 2020 में हिरासत में मौत के 1,940 और साल 2021 में 2,544 मामले दर्ज किए गए. सरकारी डेटा के अनुसार, साल 2020 में पुलिस एनकाउंटर में मौत के 82 और साल 2021 में 151 मामले दर्ज किए गए.

पिछले तीन वर्ष में 3.92 लाख भारतीयों ने नागरिकता छोड़ी: सरकार

केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 से 2021 के दौरान नागरिकता छोड़ने वाले भारतीयों की संख्या 3,92,643 थी. इसमें वर्ष 2019 में 1,44,017 भारतीयों ने नागरिकता छोड़ी, जबकि 2020 में 85,256 और वर्ष 2021 में 1,63,370 भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ दी थी.

केंद्र सरकार ने एफसीआरए की वेबसाइट से एनजीओ संबंधी डेटा डिलीट किया

गृह मंत्रालय ने अपनी विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम वेबसाइट से वो डेटा हटा दिया है, जिसमें एनजीओ के वार्षिक रिटर्न और उन एनजीओ की सूची शामिल है जिनके लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं. मंत्रालय ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ये डेटा जनता के देखने के लिए ‘गैर-ज़रूरी’ माना गया था.

सीएपीएफ, असम राइफल्स में 10 प्रतिशत रिक्तियां ‘अग्निवीरों’ के लिए आरक्षित होंगी: गृह मंत्रालय

विभिन्न राज्यों में अग्निपथ योजना को लेकर विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि लघु संविदा पर सेना में काम करने के बाद ‘अग्निवीरों’ को सीएपीएफ और असम राइफल्स में भर्ती के लिए दस फीसदी आरक्षण के साथ ऊपरी आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी.

केंद्र सरकार ने एनजीओ सीएचआरआई, एएडब्ल्यूडब्ल्यू का एफसीआरए लाइसेंस रद्द किया

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दो ग़ैर सरकारी संगठनों- ‘कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनीशिएटिव’ और ‘अपने आप विमेन वर्ल्डवाइड’ का एफसीआरए लाइसेंस रद्द करते हुए दावा किया है कि उन्होंने क़ानून का उल्लंघन किया है और विदेशी चंदे के रूप में प्राप्त धन की कथित तौर पर हेराफेरी की.