MHA

हिंदुओं को रैडिकल बनाने के संगठित अभियान से ईमानदार पुलिस अधिकारियों का चिंतित होना वाजिब है

बीते दिनों हुई पुलिस महानिदेशकों, महानिरीक्षकों की बैठक में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी शामिल थे. यहां राज्यों के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी चेतावनी दे रहे थे कि हिंदुत्ववादी रैडिकल संगठन देश के लिए ख़तरा बन गए हैं. हालांकि, यह ख़बर बाहर आते ही सम्मेलन की वेबसाइट से यह रिपोर्ट हटा दी गई.

केंद्र युवाओं को अलग-थलग कर लद्दाख में उग्रवाद के बीज बो रहा है: सोनम वांगचुक

लद्दाख के शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने क्षेत्र में छठी अनुसूची की मांग को दोहराते हुए कहा कि डर यह नहीं है कि लोग भारत के ख़िलाफ़ हो जाएंगे, डर यह है कि भारत के लिए प्यार कम हो जाएगा और ऐसा होना उस देश के लिए ख़तरनाक है जो चीन का सामना कर रहा है. 

केंद्र के 78 मंत्रालयों और विभागों में नौ लाख से अधिक पद ख़ाली: सरकार

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के 78 मंत्रालयों और विभागों में 9.79 लाख से अधिक रिक्तियां हैं, जिनमें से रेलवे में 2.93 लाख, रक्षा (सिविल) में 2.64 लाख और गृह मंत्रालय में 1.43 लाख  पद ख़ाली हैं.

सीएए के नियम तय करने के लिए गृह मंत्रालय ने फिर समय विस्तार मांगा

विवादित नागरिकता संशोधन अधिनियम के प्रावधान तैयार करने के लिए गृह मंत्रालय ने सातवीं बार समय विस्तार मांगा है. अधिकारियों के अनुसार, मंत्रालय को राज्यसभा से अगले छह महीनों के लिए मंज़ूरी मिल गई. हालांकि लोकसभा से अनुमति मिलना शेष है.

जम्मू कश्मीर में निवेश को लेकर गृह मंत्रालय की रिपोर्ट लोकसभा में दिए गए आंकड़े से अलग

गृह मंत्रालय ने 2022 की अपनी समीक्षा रिपोर्ट में कहा है कि बीते तीन सालों में मोदी सरकार के नेतृत्व में जम्मू कश्मीर में 56,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, लेकिन इससे पहले दिसंबर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में समान अवधि में 1,084 करोड़ रुपये का निवेश होने की बात कही थी.

लोकसभा में कांग्रेस सांसद के पेगासस जासूसी मुद्दा उठाने पर केंद्रीय गृह मंत्री ने ‘सबूत’ मांगे

लोकसभा में ड्रग्स की तस्करी को लेकर सर्विलांस से जुड़े मसले पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पेगासस स्पायवेयर से जासूसी के आरोपों के बारे में केंद्र सरकार से जवाब देने को कहा था.

नगालैंड: अलग राज्य की मांग कर रहे जनजातीय समूहों से मिलने पहुंची गृह मंत्रालय की समिति

नगालैंड के 16 ज़िलों में प्रभावशाली सात नगा समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाला ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन बीते कुछ समय से पूर्वी हिस्से को अलग राज्य बनाने की मांग कर रहा है. यह मांग पूरी न होने पर संगठन ने अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करने की धमकी दी है.

नौ राज्यों के 31 डीएम पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफ़ग़ानिस्तान के ग़ैर-मुस्लिमों को नागरिकता दे सकेंगे

केंद्रीय गृह मंत्रालय की वर्ष 2021-22 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र ने अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले हिंदुओं, सिखों, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाइयों को नागरिकता देने का अधिकार 2021-22 में और 13 ज़िला कलेक्टरों और दो राज्यों के गृह सचिवों को सौंपा गया है.

सरकार द्वारा मीडिया वन पर प्रतिबंध के कारण न बताने पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए

दिसंबर 2021 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मलयालम समाचार चैनल ‘मीडिया वन’ को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का हवाला देते हुए सुरक्षा मंज़ूरी देने से मना कर दिया था और जनवरी में इसके प्रसारण पर रोक लगाने को कहा था. शीर्ष अदालत ने सरकार से बिना विशेष कारण बताए प्रतिबंध लगाने को लेकर सवाल-जवाब किए हैं.

रोहिंग्या डिटेंशन केंद्र को लेकर आरटीआई के जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा- जानकारी गोपनीय

अगस्त में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के दिल्ली के रोहिंग्याओं को ईडब्ल्यूएस फ्लैट देने के बयान का खंडन करते हुए गृह मंत्रालय ने कहा था कि ऐसे कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं और दिल्ली सरकार को उनके ठहरने के वर्तमान स्थल को डिटेंशन केंद्र घोषित करने का निर्देश दिया गया है. 

सीएए के नियम तैयार करने के लिए सरकार को फिर अतिरिक्त समय दिया गया

विवादित नागरिकता संशोधन अधिनियम के प्रावधान तैयार करने के लिए राज्यसभा ने गृह मंत्रालय को 31 दिसंबर 2022, जबकि लोकसभा ने नौ जनवरी 2023 तक का समय दिया है. यह सीएए के प्रावधान तैयार करने के लिए गृह मंत्रालय को दिया गया सातवां विस्तार है.

दिल्ली दंगे: गृह मंत्रालय द्वारा अतिरिक्त बलों की तैनाती में देरी से हिंसा और भड़की- रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के पूर्व जज वाली फैक्ट-फाइंडिंग समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि गृह मंत्रालय की लापरवाह प्रतिक्रिया, हिंसा में दिल्ली पुलिस की मिलीभगत, मीडिया की विभाजनकारी रिपोर्टिंग और सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ भाजपा का घृणा अभियान दिल्ली दंगों के लिए ज़िम्मेदार थे.

पीएफआई पर पाबंदी न्यायोचित है या नहीं, इस पर निर्णय के लिए केंद्र ने अधिकरण गठित किया

केंद्र सरकार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर यूएपीए के तहत पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाया है. यूएपीए के तहत एक बार किसी संगठन पर प्रतिबंध लगाने के बाद केंद्र सरकार द्वारा 30 दिनों के भीतर यह देखने के लिए एक न्यायाधिकरण गठन किया जाता है कि संगठन को ग़ैर क़ानूनी घोषित करने के लिए पर्याप्त आधार है या नहीं.

बीते कुछ सालों में पीएफआई के नेता-कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ 1,400 से अधिक मामले दर्ज हुए: रिपोर्ट

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल ही में प्रतिबंधित किए गए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और उसके सहयोगी संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ पिछले कुछ वर्षों में 1,400 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं.

देशव्यापी छापों के बाद पीएफआई व उससे जुड़े संगठनों पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया गया

बीते दिनों देशभर में पीएफआई दफ्तरों पर पड़े छापों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यूएपीए के तहत इस पर प्रतिबंध लगाते हुए दावा किया है कि वे ‘देश में असुरक्षा होने की भावना फैलाकर एक समुदाय में कट्टरता को बढ़ाने के मक़सद’ से गुप्त रूप से काम कर रहे हैं.