वीडियो: 22 सितंबर को देश के तीन राज्यों में तीन आरोपियों का कथित एनकाउंटर किया गया. उत्तर से दक्षिण तक पुलिस एनकाउंटर को मिली स्वीकार्यता पर द वायर के पॉलिटिकल एडिटर अजॉय आशीर्वाद और पत्रकार सौरव दास के साथ चर्चा कर रही हैं मीनाक्षी तिवारी.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति द्वारा व्यक्त की गईं चिंताओं में से एक यह है कि भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को 2023 से राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थानों के वैश्विक गठबंधन ने 'ए' श्रेणी का दर्जा प्रदान नहीं किया है. इसका मतलब यह हुआ कि देश मानवाधिकार के क्षेत्र में अच्छा नहीं कर रहा है और इसलिए उसे शीर्ष दर्जा नहीं मिल रहा है.
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह पहली बार है कि मानवाधिकार का मुद्दा आधिकारिक स्तर पर उठाया जाएगा. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के एक नोटिस में कहा गया है कि इसकी एक समिति 7 फरवरी से 9 फरवरी तक श्रीनगर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के संबंध में आम जनता की शिकायतों पर सुनवाई करेगी.
सीबीआई बनाम सीबीआई विवाद को लेकर चर्चा में रहे दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना को केंद्र ने सेवानिवृत्ति के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सात 'विशेष मॉनिटरों' में से एक के रूप में चुना है. वे आयोग में आतंकवाद विरोधी, सांप्रदायिक दंगों और वामपंथी उग्रवाद से संबंधित हिंसा जैसे क्षेत्रों पर नज़र रखेंगे.
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिसकर्मियों ने एक सड़क दुर्घटना पीड़ित के शव को एक नहर में फेंक दिया था. यह मामला तब सामने आया जब इस कृत्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. राष्ट्रीय मानव आयोग ने कहा कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के साथ मानवाधिकारों का अस्तित्व समाप्त नहीं होता है.
नरेंद्र मोदी की छवि को ख़राब करने वालीं तीस्ता सीतलवाड़ अकेली नहीं हैं. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और भारतीय चुनाव आयोग जैसे स्वतंत्र संस्थानों ने भी अतीत में गुजरात हिंसा और मुख्यमंत्री के रूप में मोदी द्वारा चलाई गई सरकार की भूमिका पर कड़ी टिप्पणियां की थीं.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक परामर्श जारी करते हुए इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि हाल के वर्षों में भारत की जेलों में बड़ी संख्या में हुई मौतें आत्महत्या के चलते हुईं. बताया गया है कि जेलों में होने वाली अप्राकृतिक मौतों में से 80 प्रतिशत की वजह आत्महत्या थी.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में एक सवाल के जवाब में बताया है कि पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों की संख्या में पिछले तीन वर्षों में लगभग 60 फीसदी और पिछले दो वर्षों में 75 फीसदी की वृद्धि देखी गई है. महाराष्ट्र में ऐसे मामलों में दस गुना की वृद्धि हुई है.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने देश के 46 मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम के अमल को जांचने के लिए दौरा किया था. इसमें सामने आया कि इन संस्थानों में मरीज़ों को ठीक होने के बाद भी रखा जा रहा था और उनके परिवारों से मिलाने या फिर समाज से जोड़ने का कोई प्रयास नहीं किया गया.
विश्व भर में मानवाधिकारों की स्थिति पर नज़र रखने वाले अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि कैसे 2022 में भारत की विभिन्न राज्यों की सरकारों ने कम आय वाले समूहों, विशेष तौर पर मुसलमानों के ख़िलाफ़ ग़ैर-न्यायिक सज़ा के तौर पर उनके घर गिराने की कार्रवाई की है.
दो दिन पहले दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में एक व्यक्ति और उनके आठ वर्षीय बेटे के खुले सीवर में गिरने की ख़बर को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली सरकार और शहर के पुलिस प्रमुख को नोटिस भेजते हुए कहा है कि वह इस घटना के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों के ख़िलाफ़ हुई कार्रवाई के बारे में भी जानना चाहता है.
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस अरुण मिश्रा ने एक समारोह में कहा कि संविधान का अनुच्छेद 44 समान नागरिक संहिता को लागू करके समानता की बात करता है, उसे अप्रभावी नहीं रहना चाहिए.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि देवदासी प्रथा की शिकार ज़्यादातर महिलाओं का यौन शोषण किया जा रहा है, जब वे गर्भवती हो जाती हैं तो उन्हें उनके भाग्य पर छोड़ दिया जाता है.
ओडिशा के केंद्रपाड़ा ज़िले का मामला. पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) क़ानून के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है.
अमेरिका के वकीलों के एक अंतरराष्ट्रीय समूह ग्वेर्निका 37 ने अमेरिकी ट्रेजरी विभाग को सौंपे निवेदन में मांग की है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व डीजीपी ओमप्रकाश सिंह व कानपुर एसपी संजीव त्यागी के ख़िलाफ़ मानवाधिकारों का हनन करने के चलते वैश्विक प्रतिबंध लगाए जाएं.