National Human Rights Commission

ई-कॉमर्स से महामारी के दौरान उपजी असमानता, छोटे व्यापारियों के अधिकार प्रभावित हुए: एनएचआरसी

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा ने कहा है कि ई-कॉमर्स ने कोविड-19 के दौरान छोटे विक्रेताओं के अधिकारों को प्रभावित करने वाली असमानता उत्पन्न की है. उनके अधिकारों को संरक्षित करने की आवश्यकता है.

राजनीतिक दलों की कलह से प्रभावित नहीं होगा आंदोलन: संयुक्त किसान मोर्चा

पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि हमारी मांगें माने जाने तक किसान आंदोलन मजबूती के साथ शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा. राजनीतिक दलों की आंतरिक कलह या दूसरे दलों के साथ झगड़े से आंदोलन प्रभावित नहीं होगा.

किसान आंदोलन: 27 सितंबर को ‘भारत बंद’ का आह्वान, संगठन ने कहा- शांतिपूर्ण रहेगा विरोध प्रदर्शन

चालीस से अधिक किसान संघों के निकाय संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि दिल्ली की सीमाओं पर लाखों किसान अपनी मर्ज़ी से विरोध प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्हें अलग-अलग राज्यों की पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वहां रहने के लिए मजबूर किया है.

किसानों के प्रदर्शन के ‘प्रतिकूल प्रभाव’ पर मानवाधिकार आयोग ने चार राज्यों को नोटिस भेजा

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान की सरकारों और पुलिस प्रमुखों को इस आरोप पर नोटिस भेजे हैं कि किसानों के जारी विरोध प्रदर्शनों से औद्योगिक इकाइयों और परिवहन पर ‘प्रतिकूल प्रभाव’ पड़ा है और आंदोलन स्थलों पर कोविड-19 सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन किया गया है.

एनएचआरसी ने गुजरात सरकार से कहा- हर छह माह पर क़ैदियों की टीबी व एड्स की जांच कराएं

एक मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट में सूरत के एक केंद्रीय कारागार में कई क़ैदियों को टीबी होने की जानकारी सामने आने के बाद एनएचआरसी के एक दल ने जेल का दौरा किया था. बताया गया था कि जेल में उचित चिकित्सा के अभाव में 21 साल के एक विचाराधीन क़ैदी की 15 जुलाई 2020 को टीबी से मौत हो गई थी. अप्रैल 2019 में  जेल में आने के वक़्त यह व्यक्ति स्वस्थ था.

बाल मज़दूरी ख़त्म करने के लिए उठाए गए कदमों पर एनएचआरसी ने सभी राज्यों से रिपोर्ट मांगी

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राजस्थान से बच्चों की तस्करी के संबंध में मिली शिकायत को लेकर कहा कि स्वतंत्रता के 70 साल बाद भी बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए विभिन्न क़ानूनों और योजनाओं के बावजूद बाल मज़दूरी और बच्चों की तस्करी का जारी रहना राज्य की मशीनरी पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है.

सीमा विवाद: केंद्र, असम और मिज़ोरम को मानवाधिकार आयोग का नोटिस

26 जुलाई को असम-मिज़ोरम सीमा पर हुई एक हिंसक झड़प में असम के छह पुलिसकर्मियों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक घायल हुए थे. असम के एक निवासी की शिकायत पर मानवाधिकार आयोग ने केंद्रीय गृह सचिव के साथ असम व मिज़ोरम के मुख्य सचिवों से चार हफ़्तों में इस पर रिपोर्ट देने को कहा है.

बंगाल चुनाव बाद हिंसा: हाईकोर्ट ने कहा- एनएचआरसी समिति के ख़िलाफ़ पक्षपात के आरोप बेबुनियाद

पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की समिति की जांच रिपोर्ट के बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है. बताया जा रहा है कि आयोग की समिति के कुछ सदस्यों के भाजपा से संबंध थे. सीबीआई जांच करने का फ़ैसला देने वाली कलकत्ता हाईकोर्ट की पीठ में शामिल जस्टिस सौमेन सेन ने कहा है कि इनकी पृष्ठभूमियों को देखते हुए उन्हें समिति में शामिल करने से बचा जा सकता था.

बंगाल में चुनाव बाद हिंसा: हत्या और रेप के मामलों की सीबीआई करेगी जांच, एसआईटी का भी गठन

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अगुवाई वाली कलकत्ता हाईकोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने चुनाव के बाद कथित हिंसा के संबंध में अन्य आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल के गठन का भी आदेश दिया है. पीठ ने कहा कि सीबीआई और एसआईटी जांच अदालत की निगरानी में की जाएंगी. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के इस आरोप को ख़ारिज कर दिया कि एनएचआरसी द्वारा की गई जांच पक्षपातपूर्ण थी.

मानवाधिकार आयोग पैनल ने आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधारों की धीमी गति पर चिंता जताई

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के ‘आपराधिक न्याय प्रणाली पर कोर समूह’ ने कहा कि यह महसूस किया गया कि मामलों के निस्तारण में विलंब विचाराधीन और सज़ायाफ़्ता क़ैदियों के मानवाधिकार का उल्लंघन है. जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि न केवल सुनवाई में देरी होती है, बल्कि किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने वाले अदालत के आदेशों को लागू करने में भी सालों लग जाते हैं, जो चिंता का विषय है.

किसी भी आदिवासी को उसके दावे का निपटारा किए बिना ज़मीन से बेदख़ल नहीं किया जाना चाहिए: एनएचआरसी

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा ने एक वेबिनार में कहा कि आयोग इस बात पर ग़ौर करेगा कि वह अपनी ज़मीन पर आदिवासी लोगों के दावों के न्यायनिर्णयन और उसके वितरण की नीति के संबंध में क्या कर सकता है. आयोग मानवाधिकार के नज़रिये से विभिन्न क़ानूनों की समीक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

बंगाल चुनाव बाद हिंसा: राज्य सरकार ने एनएचआरसी की रिपोर्ट को पूर्वाग्रहों से भरा बताया

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा को लेकर ममता बनर्जी सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट में हलफ़नामा दायर कर आरोप लगाया गया है कि एनएचआरसी जांच समिति के सदस्यों के भाजपा नेताओं या केंद्र सरकार के साथ क़रीबी संबंध हैं. एनएचआरसी की रिपोर्ट में कहा गया था कि बंगाल में क़ानून का शासन नहीं, बल्कि शासक का क़ानून चल रहा है. बंगाल में हिंसक घटनाएं पीड़ितों की दशा के प्रति राज्य सरकार की उदासनीता को दर्शाती है.

असम पुलिस को क़ानून के दायरे में अपराधियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की आज़ादीः मुख्यमंत्री

असम विधानसभा में राज्य में मुठभेड़ों की बढ़ती संख्याओं पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने बताया कि गत दो महीनों के दौरान पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में 15 कथित अपराधी मारे गए, जबकि 23 अन्य घायल हुए. ये मुठभेड़ कथित अपराधियों द्वारा पुलिस के हथियार छीनकर हमला करने और भागने की कोशिश के दौरान हुई. 

बंगाल चुनाव बाद हिंसा: बनर्जी ने कहा- एनएचआरसी ने रिपोर्ट लीक कर अदालत का अपमान किया

पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की जांच करने वाली राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की समिति ने अपनी रिपोर्ट में ममता बनर्जी सरकार पर टिप्पणी करते हुए हत्या एवं बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों की जांच सीबीआई से कराने और इन मामलों में मुक़दमा राज्य से बाहर चलाने की सिफ़ारिश की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा अब हमारे राज्य की छवि ख़राब करने और राजनीतिक बदला लेने के लिए निष्पक्ष एजेंसियों का सहारा ले रही है. उसे अभी भी विधानसभा चुनाव में अपनी हार पच नहीं रही है.

55% लाभार्थियों को पोषक आहार न मिलने की रिपोर्ट पर झारखंड सरकार को एनएचआरसी का नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने झारखंड के 159 प्रखंडों में एक सरकारी योजना के तहत 55 फीसदी लाभार्थियों को पूरक पोषक आहार न मिलने की रिपोर्ट को लेकर राज्य सरकार और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भेजे नोटिस में कहा कि यदि मीडिया की ख़बर में मौजूद तथ्य सही हैं तो यह भोजन के अधिकार के हनन का एक गंभीर मुद्दा है.