national security

मालदीव ने ‘भारत विरोधी’ अभियान पर प्रतिबंध लगाया, सुरक्षा एजेंसियों को कार्रवाई की अनुमति

मालदीव के विपक्षी दल प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव के प्रमुख पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन बीते लगभग एक साल से ‘इंडिया आउट’ अभियान की अगुवाई कर रहे थे. यह अभियान इस अप्रमाणित दावे की वजह से चल रहा था कि यहां भारतीय सैन्य अधिकारियों की तैनाती मालदीव की संप्रभुता का उल्लंघन है. मालदीव के विदेश और रक्षा मंत्रालयों ने बार-बार इस द्वीपीय देश में भारतीय सेना की मौजूदगी से इनकार किया है.

कर्नाटक: हिंदुत्व संगठन ने स्टेशन पर बने नमाज़ कक्ष को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा’ बताया

बेंगलुरु के केएसआर रेलवे स्टेशन पर कुलियों के विश्राम के लिए बने पर इस्तेमाल में न आने वाले कमरे में लंबे समय से मुस्लिम श्रमिकों द्वारा नमाज़ पढ़ी जा रही थी. अब हिंदू जनजागृति समिति ने इस पर आपत्ति जताए हुए इसे ‘साज़िश का हिस्सा’ बताया है.

टेक फॉग केवल प्रोपेगैंडा नहीं बल्कि नरसंहार को उकसाने का टूल है

आईटी सेल की रहस्यमयी दुनिया में राष्ट्र निर्माण के नाम पर कितने नौजवानों को अपराधी बनाया जा रहा है, इससे सतर्क होने की ज़रूरत है. टेक फॉग सरकार का टूलकिट- भाजपा का, भाजपा के द्वारा और भाजपा के काम आने वाला. इससे बहुसंख्यक समाज ने ख़ुद को नहीं बचाया तो घर-घर में हत्यारे पैदा हो जाएंगे.

टेक फॉग ऐप राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरे में डाल सकता हैः डेरेक ओ ब्रायन

द वायर ने दो वर्षों की पड़ताल के बाद स्रोतों की मदद से एक गोपनीय ऐप टेक फॉग का ख़ुलासा किया, जिसका इस्तेमाल सत्ताधारी दल से संबद्ध लोगों द्वारा कृत्रिम रूप से पार्टी की लोकप्रियता बढ़ाने, इसके आलोचकों को प्रताड़ित करने और प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर जनधारणाओं को एक ओर मोड़ने के लिए किया जाता है.

राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर संसद की प्रश्नसूची से हटाए गए भारत-चीन सीमा संबंधी 17 सवाल

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने एक ट्वीट में बताया कि सितंबर 2020 से लेकर अब तक लोकसभा सचिवालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर पूछे गए सत्रह सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि ऐसे और भी कई सवाल हैं, जिनका जवाब सरकार नहीं दे रही है.

कांग्रेस की समस्या सलमान ख़ुर्शीद या मनीष तिवारी की किताबें नहीं आंतरिक लोकतंत्र है

कोई नहीं कह सकता कि नेता के तौर पर मनीष तिवारी या सलमान ख़ुर्शीद की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है या उसे पूरा करने के लिए वे किताब लिखने समेत जो करते हैं, उसे लेकर आलोचना नहीं की जानी चाहिए. लेकिन उससे बड़ा सवाल यह है कि क्या कांग्रेस के नेताओं के रूप में उन्हें अपने विचारों को रखने की इतनी भी आज़ादी नहीं है कि वे लेखक के बतौर पार्टी लाइन के ज़रा-सा भी पार जा सकें?

ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी सरकार को असफल बताया

बीते कुछ दिनों से भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना करते हुए नज़र आ रहे हैं. उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार अर्थव्यवस्था और सीमा सुरक्षा के क्षेत्र में विफल रही है. महंगाई पर स्वामी के एक ट्वीट पर एक उपयोगकर्ता ने कहा था कि यह पूरी तरह से ‘मोदीनॉमिक्स’ है. इसके जवाब में उन्होंने कहा था कि या ये ‘मोदीकॉमिक्स’ है, क्योंकि वह अर्थशास्त्र नहीं जानते हैं.

मनीष तिवारी की किताब पर विवाद, 26/11 हमले के बाद की प्रतिक्रिया को लेकर संप्रग सरकार की आलोचना की

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने अपनी किताब ‘10 फ्लैश पॉइंट्स: 20 ईयर्स – नेशनल सिक्योरिटी सिचुएशन दैट इम्पैक्टेड इंडिया’ में लिखा है कि कई बार संयम कमज़ोरी की निशानी होती है और भारत को 26/11 हमले के बाद कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी. इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि संप्रग सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को ताक पर रख दिया था.

डोभाल और रावत के हालिया बयानों में देश को पुलिसिया राज में तब्दील करने की मंशा छिपी है

बीते सप्ताह नरेंद्र मोदी सरकार के दो ज़िम्मेदार नामों- राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और डिफेंस स्टाफ प्रमुख जनरल बिपिन रावत- ने व्यापक राष्ट्रहित के नाम पर क़ानून के शासन के उल्लंघन को जायज़ ठहराने के लिए नए सिद्धांतों को गढ़ने की कोशिश की है.

पेगासस जासूसी: कैंब्रिज विश्वविद्यालय ने यूएई के साथ क़रीब 4,125 करोड़ रुपये के समझौते को रद्द किया

यूएई पर आरोप है कि उसने पेगासस स्पायवेयर के ज़रिये ब्रिटेन के कई नंबरों को निगरानी के लिए निशाना बनाया था. यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शेख़ मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम को एनएसओ समूह का क्लाइंट माना जाता है. शेख़ की बेटी राजकुमारी लतीफ़ा और उनकी पूर्व पत्नी राजकुमारी हया, जो 2019 में देश छोड़कर ब्रिटेन आ गए थे, दोनों के नंबर पेगासस निगरानी सूची में दिखाई देते हैं.

पेगासस प्रोजेक्ट को पत्रकारिता के लिए यूरोपीय संसद का 2021 डाफ्ने करुआना पुरस्कार मिला

द वायर सहित एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया कंसोर्टियम ने पेगासस प्रोजेक्ट के तहत यह खुलासा किया था कि इज़रायल की एनएसओ ग्रुप कंपनी के पेगासस स्पायवेयर के ज़रिये कई देशों के नेता, पत्रकार, कार्यकर्ताओं आदि के फोन कथित तौर पर हैक कर उनकी निगरानी की गई या फिर वे सर्विलांस के संभावित निशाने पर थे.

हिंदुत्व को सुरक्षा के लिए ख़तरा न मानकर हम किसे बचा रहे हैं?

हिंदुत्ववादी कट्टरपंथी संगठनों को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा बरती जाने वाली ख़ामोशी का अर्थ है कि वे इसे राष्ट्र या सरकार के लिए किसी प्रकार का ख़तरा नहीं मानते. इस तरह के रवैये से बहुसंख्यकवादी नैरेटिव को ही बढ़ावा मिलता है.

पेगासस जासूसी मामले की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञ समिति गठित करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पेगासस जासूसी मामले की स्वतंत्र जांच का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर अगले हफ्ते अंतरिम आदेश पारित करेगा. मौखिक तौर पर तकनीकी समिति गठित करने के बारे में कोर्ट ने कहा कि वह इसी हफ्ते आदेश देना चाहता था लेकिन जिन लोगों को इसमें लेना था, उनमें से कुछ ने निजी वजहों का हवाला देते हुए इसका हिस्सा बनने से मना कर दिया.

बेल्जियम के पत्रकार और उनकी पत्नी को पेगासस स्पायवेयर से निशाना बनाया गया

बेल्जियम की सैन्य ख़ुफ़िया एजेंसी का मानना है कि रवांडा सरकार द्वारा ऐसा किए जाने की संभावना है. पत्रकार पीटर वरलिंडेन ने काफी लंबे समय तक मध्य अफ्रीका में रिपोर्टिंग की है. पत्रकार ने कहा कि पेगासस क्या कर सकता है, यह बहुत निराशाजनक है. जो कोई भी आपके फोन में पेगासस भेजता है, वह आपके फोन पर पूरा क़ब्ज़ा कर लेता है. वे अच्छी तरह जानते हैं कि आप कहां हैं.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

पेगासस: केंद्र ने कहा- वह हलफ़नामा दाख़िल नहीं करना चाहता, कोर्ट बोली- अंतरिम आदेश देंगे

केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि सरकार ने किसी विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है या नहीं, यह सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी का खुलासा करने से राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा है.