काशी- मथुरा के मंदिरों के लिए राम मंदिर जैसा आंदोलन ज़रूरी नहीं: दत्तात्रेय होसबाले

आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने काशी और मथुरा के संदर्भ में कहा कि मामलों की सुनवाई अदालत में हो रही है, अयोध्या विवाद का समाधान भी अंततः अदालतों के माध्यम से ही निकला. अगर मामला न्यायपालिका द्वारा हल किया जा सकता है तो समान पैमाने के आंदोलन की आवश्यकता कहां है.

लोकसभा चुनाव: अयोध्या में तो मुक़ाबला शुरू भी नहीं हुआ और उसकी ‘गर्मी’ ख़त्म हो गई!

भाजपा ने उत्तर प्रदेश की फैजाबाद लोकसभा सीट (जिसके अंतर्गत अयोध्या आती है) पर अपने दो बार के सांसद लल्लू सिंह को ही तीसरी बार टिकट दिया है. ऐसे में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद चर्चा में आई अयोध्या में चुनावी मुक़ाबले में नएपन की उम्मीद कर रहे लोगों को ख़ासी नाउम्मीदी हुई है.

अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के साथ हुईं घटनाओं की ख़बर देने से परहेज़ क्यों कर रहा मीडिया?

अयोध्या में मीडिया के एक हिस्से द्वारा ‘नकारात्मक’ ख़बरों को नकारने का सिलसिला राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के अगले दिन ही शुरू हो गया था. तभी, जब रामलला के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ की धक्का-मुक्की में कुछ घायल हो गए और इनमें से एक की मौत हो गई तो मीडिया ने इसे प्रसारित करने से परहेज़ किया था.

विपक्ष की सबसे बड़ी समस्या उसका बिखराव नहीं, आत्मविश्वास खो देना है 

विपक्ष की सबसे बड़ी समस्या यह है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में अपने आक्रामक हिंदुत्व कहें या बहुसंख्यकवाद की बिना पर समता, बंधुत्व और धर्मनिरपेक्षता जैसे उदार संवैधानिक मूल्यों को आक्रांत कर देश के राजनीतिक विमर्श को इस हद तक बदल दिया है कि हतप्रभ विपक्ष इन मूल्यों की बिना पर उससे जीतने का विश्वास ही खो बैठा है.

मुंबई: राम मंदिर समारोह के विरोध में कथित पोस्ट पर आईआईपीएस का एक और छात्र गिरफ़्तार

इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज (आईआईपीएस) के एक छात्र को मुंबई पुलिस ने इसलिए गिरफ़्तार कर लिया है, क्योंकि उसने राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का संस्थान में जश्न मनाए जाने के ख़िलाफ़ विरोधस्वरूप वॉट्सऐप पर एक स्टोरी पोस्ट की थी.  इससे पहले 22 जनवरी को संस्थान के एक और छात्र को गिरफ़्तार किया गया था.

जिंदल विश्वविद्यालय: राम मंदिर पर चर्चा के लिए निलंबित किए गए दो छात्रों को बहाल करने की मांग

बीते 7 फरवरी को हरियाणा की ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों ने अयोध्या के ‘राम मंदिर’ को लेकर एक चर्चा का आयोजन किया था, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने संस्थान की आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए दो छात्रों को पूरे सेमेस्टर के लिए निलंबित कर दिया था. दोनों पर कार्यक्रम के दौरान ‘अपमानजनक और भड़काऊ बयान’ देने का आरोप है.

नई नरलीला के बीच अयोध्या

जब भी अपने भक्तों के अहंकार की परीक्षा लेनी होती है, रामलला ऐसी नरलीला करते ही करते हैं. कभी भक्त समझ जाते हैं और कभी नहीं समझ पाते. नहीं समझ पाते तो अपना अहंकार बढ़ाते जाते हैं. फिर एक दिन अचानक रामलला उसे तोड़ देते हैं तो वे पछताते हैं. अहंकार दरअसल, रामलला का आहार है.

‘जिन्होंने बाबरी मस्जिद तोड़ी, उन्हें भाजपा राज्यसभा भेज रही है’

वीडियो: महाराष्ट्र से जिन लोगों को राज्यसभा में भेजने का ऐलान भाजपा ने किया है उनमें से एक वह हैं, जो बाबरी विध्वंस के समय गुंबद पर खड़े थे. जो कारसेवा के काम में लगे थे. उनका नाम अजीत गोपचड़े है. हाल ही में भाजपा ने महाराष्ट्र से गोपचड़े के अलावा कांग्रेस से आए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण, पूर्व विधायक मेधा कुलकर्णी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है.

फ़ैज़ाबाद: अयोध्या नगर निगम का एक अनाम-सा हिस्सा

नवाबों का शहर फ़ैज़ाबाद, अब उस अयोध्या नगर निगम का अनाम-सा हिस्सा है, जिसके ज़्यादातर वॉर्डों के पुराने नाम भी नहीं रहने दिए गए हैं. नवाबों के काल की उसकी दूसरी कई निशानियां भी सरकारी नामबदल अभियान की शिकार हो गई हैं. हालांकि अब भी ग़ुलामी के वक़्त के तमाम नाम नज़र आते हैं, जो सरकार को नज़र नहीं आते.

भारत रत्न या भारत की धरती पर ज़ख्म!

वीडियो: भाजपा के वरिष्ठतम नेता लाल कृष्ण आडवाणी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान- ‘भारत रत्न’ देने पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

रथ यात्रा से भारत रत्न तक के लाल कृष्ण आडवाणी के सफ़र में हिंसा और ध्रुवीकरण साथ बने रहे

96 बरस वर्षीय लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न ऐसे समय दिया गया है, जब देश अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहा है और इसके केंद्र में नरेंद्र मोदी हैं. बेरहमी से दरकिनार किए जा गए अपने 'गुरु' को देश का सर्वोच्च सम्मान देकर नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है.

लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की घोषणा

भारत रत्न सम्मान को स्वीकार करते हुए भाजपा के संरक्षक लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा कि यह न केवल एक व्यक्ति के रूप में मेरे लिए सम्मान की बात है, बल्कि उन आदर्शों और सिद्धांतों के लिए भी है, जिनकी मैंने अपनी पूरी क्षमता से जीवन भर सेवा करने का प्रयास किया. उन्होंने इसके लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद दिया.

क्या आज के सत्ताधारी राम राज्य बना सकते हैं?

राम राज्य अपने आप नहीं आएगा, इसके लिए बड़े पैमाने पर सामाजिक प्रयास करने होंगे. सभी के लिए न्याय चाहिए होगा. लिंग, जाति, समुदायों के बीच समता लानी होगी. सभी के लिए उचित कमाई वाले रोज़गार, अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं और माहौल चाहिए होगा. लेकिन सिर्फ राम का आह्वान करने से ये नहीं होगा.

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