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इस बार का बजट चालाकी से अपने असली इरादों को जनकल्याण के परदे में छिपाता है

बजट 2023-24 का लोकलुभावनवाद यह है कि यह दिखने में तो समाज के हर वर्ग, चाहे वे स्त्रियां हों, जनजातियां, दलित, किसान या फिर सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम, को कुछ न कुछ देने की बात करता है, लेकिन घोषणाओं का तभी कोई अर्थ होता है, जब हर किसी के लिए लिए पर्याप्त फंड का आवंटन भी हो.

बीते नौ सालों से ठहरी अर्थव्यवस्था को ‘अमृत काल’ का यह बजट कोई ख़ास राहत नहीं देता

बजट को चाहे जितना भी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाए, नरेंद्र मोदी के सत्ता में नौ साल की विरासत मैन्युफैक्चरिंग, निजी निवेश और रोज़गार में ठहराव की है. हाल के दिनों में बढ़ती महंगाई एक अतिरिक्त समस्या बन गई है.

बजट 2023: नई कर प्रणाली के तहत सात लाख रुपये की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के अंतिम पूर्ण बजट को पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई कर व्यवस्था की घोषणा की. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब से आयकर स्लैब की संख्या छह से घटाकर पांच की गई है.

क्रिप्टोकरेंसी पर लगाए गए तीस प्रतिशत कर के क्या मायने हैं

केंद्र सरकार द्वारा वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से होने वाली आय पर 30 प्रतिशत कर को हितधारकों ने निवेशकों को हतोत्साहित करने वाला बताया है. इनका मानना है कि आने वाला दौर डिजिटलीकरण और टेक्नोलॉजी का है, ऐसे में अगर भारत ने इसके लिए अनुकूल माहौल तैयार नहीं किया तो यह कुछ प्रमुख व्यवसायों और निवेशकों को खो देगा.

सार्वजनिक निवेश के बल पर टिकी विकास की रणनीति को वैश्विक मुद्रास्फीति से ख़तरा है

आम बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटन को 35 फीसदी बढ़ाते हुए उम्मीद की गई है कि राज्य सरकारें पीएम गति शक्ति परियोजना, जिसका मकसद नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के तहत चिह्नित नए इंफ्रा प्रोजेक्ट्स हेतु फंड जुटाने के लिए सरकारी परिसंपत्तियों का मौद्रिकरण है, के तहत फंडिंग में योगदान करेंगी. पर सवाल है कि सरकार द्वारा सार्वजनिक निवेश में इज़ाफ़ा किस हद तक निजी निवेशक को प्रोत्साहित कर पाएगा?

बजट 2022: महामारी के प्रकोप के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कोई बड़ी योजना नहीं

केंद्रीय बजट 2022-23 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए केवल एक नई योजना की घोषणा की गई है. वित्त मंत्री ने कहा कि महामारी ने सभी उम्र के लोगों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाया है, इसलिए ‘गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और देखभाल सेवाओं तक बेहतर पहुंच के लिए एक राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम’ शुरू किया जाएगा.

बजट 2022: सरकारी व्यय में वृद्धि के बावजूद विदेश मंत्रालय के आवंटन में पांच फीसदी की कटौती

विदेश मंत्रालय के वित्तीय वर्ष 2022-23 के आवंटन में बीते साल की तुलना में पांच फीसदी की कटौती के साथ 17,250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. यह 2018-19 के बाद से इस मंत्रालय के लिए सबसे कम बजटीय आवंटन है.

बजट 2022-23: सरकार लाएगी डिजिटल रुपया, क्रिप्टो से आय पर तीस प्रतिशत टैक्स

बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि डिजिटल मुद्रा की शुरुआत करने से रुपये का प्रबंधन सस्ता और आसान होगा. इससे भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. उन्होंने यह भी बताया कि क्रिप्टो से कमाई पर कर लगेगा. डिजिटल एसेट उपहार में देना भी कर के दायरे में होगा, जहां प्राप्तकर्ता टैक्स देगा.

बजट 2022: वित्त मंत्री के चौथे बजट में जनता को क्या मिलेगा

विशेषज्ञों का मानना ​​​​है कि 2020 में महामारी के प्रकोप के बाद आर्थिक व्यवधान के बाद अपर्याप्त राहत पर बढ़ती सार्वजनिक आलोचना के बीच वित्त मंत्री किफायती आवास और उर्वरक के लिए उच्च सब्सिडी के अलावा सड़कों और रेलवे पर अधिक ख़र्च की घोषणा करेंगी.

बजट से पहले कार्यकर्ताओं ने कहा- सामाजिक सुरक्षा उपायों पर ख़र्च बढ़ाने की ज़रूरत

प्रगतिशील नागरिक समाज संगठनों, सामाजिक आंदोलनों, शिक्षाविदों और अन्य विशेषज्ञों के एक मंच जन सरोकार ने आगामी केंद्रीय बजट से पहले नरेगा, खाद्य सुरक्षा, पेंशन, कृषि, बैंकिंग और वित्त, जेंडर, पर्यावरण जैसे क्षेत्रों को लेकर अपनी अपेक्षाएं और मांगें जारी की हैं.

पिछले पांच साल में विदेशी खातों में काले धन के बारे में औपचारिक आकलन नहीं: सरकार

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में बताया कि पिछले पांच साल के दौरान विदेशी खातों में काले धन की राशि के संबंध में कोई औपचारिक आकलन नहीं है. हालांकि, सरकार ने विदेशों में जमा काले धन के खिलाफ अनेक कदम उठाएं हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम मिले हैं.

‘एक्ट ऑफ गॉड’ का दावा कर वित्त मंत्री ने कहा, इस वित्त वर्ष अर्थव्यवस्था में हो सकता है संकुचन

जीएसटी काउंसिल की बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 में जीएसटी संग्रह में 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है. उन्होंने इसकी भरपाई के लिए राज्यों को दो विकल्प सुझाए हैं.

राजस्थान सरकार ने बीते दो वर्षों में गोरक्षा पर लगाए टैक्स से 1,200 करोड़ से अधिक की कमाई की

राजस्थान विधानसभा में एक सवाल के जवाब में राज्य के गो-पालन विभाग की ओर से मुहैया कराए गए आंकड़ों से यह जानकारी पता चली है. यह भी पता चला है कि बीते दो सालों में सरकार ने राज्य में गोशालाओं को 645.79 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है.

केंद्र सरकार राज्यों को जीएसटी बकाये का भुगतान करने में सक्षम नहीं है: केंद्रीय वित्त सचिव

राज्यों को किए जाने वाले मुआवज़े के भुगतान के फॉर्मूला पर दोबारा काम करने के लिए जुलाई में जीएसटी परिषद की बैठक होने वाली थी. हालांकि, अब तक यह बैठक नहीं हो सकी है.

कोरोना वायरस: आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए सऊदी अरब ने तीन गुना बढ़ाया टैक्स

कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के साथ मक्का और मदीना की यात्रा भी बंद है. इससे राजशाही को राजस्व का नुकसान हो रहा है. वहां के नागरिकों को 2018 से शुरू हुआ निर्वाह व्यय भत्ता भी नहीं मिलेगा.