migrant laborers

साल 2020 में रेल की पटरियों पर हुई मौतों का कारण अतिक्रमण: रेलवे

हाल ही में आरटीआई आवेदन के जवाब में रेलवे ने बताया था कि साल 2020 में रेल की पटरियों पर 8,733 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकतर प्रवासी मज़दूर थे. रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने कहा है कि ये मौतें अतिक्रमण के कारण हुई हैं न कि रेल हादसों की वजह से. इनका रेलवे से कुछ लेना-देना नहीं है.

साल 2020 में 8,000 से अधिक लोगों की रेल पटरियों पर जान गई, इनमें ज़्यादातर प्रवासी मज़दूर थे: आरटीआई

आरटीआई आवेदन के जवाब में दी गई जानकारी में अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में अधिकतर प्रवासी मज़दूर थे, जिन्होंने पटरियों पर चलकर घर पहुंचने का विकल्प चुना था, क्योंकि इससे वे लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन के लिए पुलिस से बच सकते थे और उनका यह भी मानना था कि वे रास्ता नहीं भटकेंगे.

लॉकडाउन के पहले चार हफ़्तों में आठ लाख से अधिक प्रवासी कामगार दिल्ली छोड़कर गए: रिपोर्ट

दिल्ली परिवहन विभाग ने बताया कि बीते 19 अप्रैल से 14 मई के बीच 8,07,032 प्रवासी कामगार दिल्ली से बसों के ज़रिये अपने गृह राज्यों के लिए रवाना हुए. इनमें से 3,79,604 प्रवासी लॉकडाउन के पहले सप्ताह में निकले.

मध्य प्रदेश: दिल्ली से घर लौट रहे प्रवासी मज़दूरों से भरी बस पलटी, तीन लोगों की मौत

प्रवासी मज़दूरों से भरी यह बस ग्वालियर-झांसी राजमार्ग के जौरासी घाटी मोड़ पर पलट गई. दिल्ली में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के मद्देनज़र एक हफ़्ते के लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद बस मज़दूरों को लेकर मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ होते हुए छतरपुर जा रही थी.

लॉकडाउन: रेल हादसे में मारे गए मज़दूरों के परिजनों को 10 माह बाद भी नहीं मिला मृत्यु प्रमाण पत्र

पिछले साल कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान आठ मई को महाराष्ट्र के औरंगाबाद ज़िले में रेल की पटरियों पर सो रहे 16 प्रवासी मज़दूरों की एक मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई थी. इनमें से 11 मज़दूर शहडोल ज़िले के थे एवं बाकी उमरिया ज़िले के थे.

उत्तर प्रदेश: कथित आर्थिक संकट के चलते बांदा और हमीरपुर ज़िले में छह लोगों ने आत्महत्या की

उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले में कथित रूप से आर्थिक तंगी के चलते दो प्रवासी मज़दूर समेत पांच लोगों ने फ़ांसी लगाकर आत्महत्या की. वहीं हमीरपुर ज़िले में कर्ज़ वापस न कर पाने से परेशान एक किसान के ख़ुदकुशी करने का मामला सामने आया है.

लॉकडाउन ख़त्म हो गया, मगर क्या प्रवासी मज़दूर और ग़रीबों की ज़िंदगी में कोई बदलाव आया?

वीडियो: कोरोना वायरस के मद्देनज़र लगाए गए लॉकडाउन के बाद अनलॉक फेज़ शुरू हो गया है, लेकिन कई दैनिक वेतनभोगी अभी भी लॉकडाउन की स्थिति में जी रहे हैं. लॉकडॉउन के दौरान हुए वित्तीय नुकसान से नहीं उबर पा रहे हैं.

उत्तर प्रदेश: बांदा में कथित तौर पर आर्थिक तंगी से दो प्रवासी मज़दूरों ने फांसी लगाकर जान दी

पहली घटना बांदा ज़िले के अलिहा गांव और दूसरी घटना चिल्ला थाना क्षेत्र के दिघवट की है. एक मज़दूर हरियाणा में ईंट पथाई का काम करते थे, जबकि दूसरे दिल्ली में मज़दूरी करते थे. लॉकडाउन के बाद दोनों अपने अपने घर लौट आए थे.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

सुप्रीम कोर्ट कोविड-19 के कथित कुप्रबंधन के लिए जांच आयोग गठित करने के पक्ष में नहीं

देश में कोविड-19 महामारी से निपटने में केंद्र सरकार द्वारा कथित कुप्रबंधन की जांच के लिए आयोग गठित करने के लिए पूर्व नौकरशाहों सहित छह याचिकाकर्ताओं की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

प्रवासी श्रमिक: सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेशों के अनुपालन पर राज्यों से तीन सप्ताह में जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने केंद्र और राज्य सरकारों को प्रवासी श्रमिकों को 15 दिन के भीतर उनके घर पहुंचाने, उन पर दर्ज लॉकडाउन उल्लंघन के मामले वापस लेने और रोज़गार की व्यवस्था करने का आदेश दिया था.

असम: ग़रीबी और काम न मिलने से परेशान प्रवासी मज़दूर ने अपनी नवजात बच्ची को बेचा

मामला कोकराझार ज़िले का है. लॉकडाउन के दौरान गुजरात लौटे एक मज़दूर ने आर्थिक तंगी और काम न मिलने से परेशान होकर अपनी 15 दिन की बच्ची को 45 हज़ार रुपये में बेच दिया. पुलिस ने मज़दूर और बच्ची खरीदने वाली महिलाओं को गिरफ़्तार कर लिया है.

महाराष्ट्र में सब कुछ ठीक नहीं, प्रवासी संकट से उत्पन्न समस्याओं का पता लगाएं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश उस आवेदन पर दिया है, जिसमें कहा गया था कि अभी भी प्रवासियों का एक वर्ग अपने गृह राज्य वापस लौटने का इंतज़ार कर रहा है.

यूपी: बांदा में कथित तौर पर आर्थिक तंगी से परेशान एक और प्रवासी मज़दूर ने फांसी लगाई

मामला बांदा ज़िले गिरंवा थाना क्षेत्र का है. लॉकडाउन के बाद से बांदा में 20 से 21 लोग आत्महत्या कर चुके हैं. इसमें कई मज़दूर भी शामिल हैं, जो लॉकडाउन में काम बंद होने से दूसरे प्रदेशों से घर लौटे थे.

उत्तर प्रदेश: बांदा में प्रवासी मज़दूर ने फांसी लगाकर आत्महत्या की

मामला बांदा ज़िले के बिसंडा थाना क्षेत्र के अमलोहरा गांव का है. 35 वर्षीय मज़दूर 20 दिन पहले ही गुजरात के सूरत शहर से लौटे थे.

यूपी: बांदा में बीमारी और क़र्ज़ से परेशान किसान ने फांसी लगाई, एक अन्य व्यक्ति ने भी जान दी

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट ज़िले में हुई एक अन्य घटना में गुजरात के सूरत शहर से लौटे में प्रवासी मज़दूर ने भी फांसी लगाकर जान दे दी है.