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जेलों में बंद तीन में से एक विचाराधीन कैदी या तो एससी हैं या एसटी: रिपोर्ट

‘क्रिमिनल जस्टिस इन द शैडो ऑफ कास्ट’ नाम से प्रकाशित एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि ये तथ्य बताते हैं कि पुलिस द्वारा दलित और आदिवासियों को निशाना बनाया जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

जेलों की दयनीय हालत पर सुप्रीम कोर्ट नाराज़, कहा- क्या कैदियों के कोई अधिकार हैं?

जस्टिस मदन बी. लोकुर ने नाराज़गी भरे लहज़े में कहा, ‘पूरी चीज़ का मज़ाक बना दिया गया है. क्या कैदियों के कोई अधिकार हैं? मुझे नहीं पता कि अधिकारियों की नजरों में कैदियों को इंसान भी माना जाता है या नहीं.’

(फोटो: रॉयटर्स)

क़ैदियों के भी मानवाधिकार हैं, उन्हें पशुओं की तरह जेल में नहीं रखा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

देश की कई जेलों में निर्धारित संख्या से छह गुना अधिक क़ैदी रखे जाने पर शीर्ष अदालत ने कहा कि अगर उन्हें सही से नहीं रख सकते हैं तो उन्हें रिहा कर देना चाहिए.

तिहाड़ जेल दिल्ली (फोटो: रायटर्स)

तिहाड़ जेल के क़ैदियों का आरोप, उन्हें भारी शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही है

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया जांच का आदेश, कहा- ‘क़ैदियों के जीवन को सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है भले ही उन पर गंभीर अपराधों के आरोप लगे हों.’

(फोटो: रॉयटर्स)

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, रिहाई की सिफ़ारिश के बावजूद क्यों भरी हैं जेलें

शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के मुख्य सचिवों को जेल में सालों से रह रहे क़ैदियों की स्थिति पर हलफ़नामा दर्ज करने का आदेश दिया है.