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(फोटो साभार: फेसबुक)

बिहार सूचना आयोग की वेबसाइट 2017 से ख़स्ताहाल, चार साल से कोई रिपोर्ट पेश नहीं की

बिहार राज्य सूचना आयोग के सचिव ने कहा कि वेबसाइट से जुड़ीं समस्याओं को सुलझाने की कोशिश की जा रही है. यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि वार्षिक रिपोर्ट तैयार हो.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

बिहार: 10 सालों में आरटीआई कार्यकर्ताओं पर हमले के 213 केस दर्ज, 2018 से कोई कार्रवाई नहीं

राज्य के गृह विभाग ने आरटीआई के तहत बताया कि इसमें से 184 मामलों का निपटारा किया जा चुका है. हालांकि विभाग द्वारा यह नहीं बताया गया है कि आरोपियों के ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई हुई है.

उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय. (फोटो साभार: ट्विटर)

उत्तराखंड: आरटीआई कार्यकर्ता की मौत पर परिवार के हत्या का संदेह जताने के बाद एफआईआर दर्ज

उत्तराखंड के आरटीआई कार्यकर्ता चार दिसंबर को हरिद्वार में एक घर में मृत पाए गए थे. मृतक कार्यकर्ता ने 2013 में उत्तराखंड में करोड़ों रुपयों के छात्रवृत्ति घोटाले को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

(​फोटो साभार: विकिपीडिया)

आरटीआई कार्यकर्ताओं का सवाल, केंद्रीय सूचना आयोग में सभी रिक्त पदों पर क्यों नहीं हुईं नियुक्तियां

मौजूदा समय में केंद्रीय सूचना आयोग के समक्ष 37,000 से अधिक अपीलें और शिकायतें लंबित हैं. सुप्रीम कोर्ट के समक्ष त्वरित सुनवाई के लिए दायर किए गए आवेदन के बाद हाल ही में मुख्य सूचना आयुक्त समेत तीन सूचना आयुक्तों की नियुक्तियां की गई हैं, जिसके बाद भी तीन पद अब भी रिक्त हैं.

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प्रधानमंत्री मोदी पर किताब लिखने वाले पत्रकार को सूचना आयुक्त चुना गया, विपक्ष का कड़ा विरोध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय चयन समिति द्वारा सूचना आयुक्त के तौर पर पत्रकार उदय महुरकर की नियुक्ति पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा है कि महुरकर ने इस पद के लिए आवेदन भी नहीं दिया था और वे ‘खुले तौर पर भाजपा के समर्थक’ हैं.

सीआईसी. (फोटो साभार: पीआईबी)

छह साल में पांचवीं बार केंद्रीय सूचना आयोग के अध्यक्ष का पद ख़ाली

साल 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से एक भी बार ऐसा नहीं हुआ है कि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति में देरी न हुई हो. कई बार आरटीआई कार्यकर्ताओं को अदालत का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बिहारः आरटीआई कार्यकर्ता के नाबालिग बेटे को ज़मानत, पुलिस ने बालिग बताकर गिरफ़्तार किया था

बिहार के बक्सर ज़िले का मामला. एक आरटीआई कार्यकर्ता के 14 वर्षीय बेटे को बीते फरवरी में आर्म्स एक्ट के तहत पुलिस ने बालिग बताकर गिरफ़्तार किया था. अब जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने उसे नाबालिग घोषित किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बिहारः धान खरीद का ब्योरा मांगा, तो नाबालिग बेटे को बालिग बताकर जेल में डाला-आरटीआई कार्यकर्ता

आरटीआई कार्यकर्ता के बेटे को फरवरी में गिरफ़्तार किया गया था. उनका कहना है कि उनकी आवाज़ दबाने के लिए ऐसा किया गया है. वहीं पुलिस का कहना है कि उसके पास से एक देसी पिस्तौल मिली थी, जिसके बाद उसे दो अन्य लोगों के साथ बक्सर जेल भेज दिया गया.

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत. (फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र: कांग्रेस ने राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए

महाराष्ट्र कांग्रेस का कहना है कि राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी बलदेव सिंह के ख़िलाफ़ पद के दुरुपयोग के आरोपों पर केंद्रीय सतर्कता आयोग की जांच लंबित होने के बावजूद बीते साल विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले उनकी नियुक्ति की गई.

(फोटो: पीटीआई)

चुनाव आयोग पर आरोप, महाराष्ट्र चुनाव में सोशल मीडिया की ज़िम्मेदारी भाजपा से जुड़ी एजेंसी को दी थी

आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले का आरोप है कि महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिस एजेंसी को चुनाव आयोग के सोशल मीडिया प्रचार का ज़िम्मा सौंपा था, वह भाजपा की युवा इकाई के आईटी सेल के संयोजक देवांग दवे की है.

(फोटो साभार: ट्विटर/@AnjaliB_)

लॉकडाउन के दौरान 29 में से 21 सूचना आयोग आरटीआई मामलों की कोई सुनवाई नहीं कर रहे

सतर्क नागरिक संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक 11 सूचना आयोगों की वेबसाइट पर लॉकडाउन में कामकाज के संबंध में कोई भी नोटिफिकेशन उपलब्ध नहीं था. बिहार, मध्य प्रदेश और नगालैंड राज्य सूचना आयोगों की वेबसाइट ही काम नहीं कर रही थी.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

लॉकडाउन: देश भर के सूचना आयोगों की स्थिति बदहाल, कब शुरू होगी सुनवाई, कुछ पता नहीं

कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव के टेलिफोनिक सर्वे में ये जानकारी सामने आई है कि देश के अधिकतर सूचना आयोग एकाध स्टाफ के सहारे काम कर रहे हैं. अधिकतर आयोगों के ऑफिस नंबर या हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने पर किसी ने जवाब नहीं दिया.

केंद्रीय सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी. (फोटो: पीटीआई)

राष्ट्रपति के सचिव संजय कोठारी केंद्रीय सतर्कता आयुक्त नियुक्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय चयन समिति ने फरवरी में राष्ट्रपति के सचिव संजय कोठारी के नाम की अनुशंसा की थी. उस समय कांग्रेस ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति के लिए अपनाई प्रक्रिया को ‘गैरकानूनी और असंवैधानिक’ बताया था और फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की थी.

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मोदी सरकार ने नए सीवीसी और सीआईसी की नियुक्ति की, चयन प्रक्रिया पर उठ रहे कई सवाल

आलम ये है कि चयन समिति के एक सदस्य वित्त सचिव राजीव कुमार ने भी सीवीसी पद के लिए आवेदन किया था और उन्हें इसके लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था.

(फोटो: पीटीआई)

आरटीआई संशोधन क़ानून को चुनौती देने वाली जयराम रमेश की याचिका पर कोर्ट ने नोटिस जारी किया

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने अपनी याचिका में कहा है कि आरटीआई क़ानून में संशोधन करने का मुख्य उद्देश्य आरटीआई के तहत बने संस्थानों को प्रभावित करना है ताकि वे स्वतंत्र और निष्पक्ष होकर काम न कर पाएं.