Supreme Court

विनोद दुआ. (फोटो: द वायर)

विनोद दुआ ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, सरकार की सभी आलोचनाएं राजद्रोह नहीं हैं

हिमाचल प्रदेश के एक भाजपा नेता की शिकायत पर विनोद दुआ पर फ़र्ज़ी ख़बरे फैलाने और प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप में राजद्रोह समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है. दुआ ने अदालत में कहा कि अगर वे प्रधानमंत्री की आलोचना करते हैं, तो यह सरकार की आलोचना के दायरे में नहीं आता.

फोटो: रॉयटर्स

राज्यों का महामारी का हवाला देकर केवल धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाना अजीब है: सुप्रीम कोर्ट

पर्यूषण पर्व के लिए मुंबई के दादर, बायकुला और चेंबूर में जैन मंदिरों को खोलने की इजाज़त देते हुए सीजेआई एसए बोबड़े ने कहा कि हमें यह अजीब लगता है कि राज्य आर्थिक हितों से जुड़ी गतिविधियों की अनुमति देने के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर इसमें धर्म शामिल है तो वे कोविड-19 का हवाला देते हैं.

Bordeaux: A view of Rafale Jet at its Dassault Aviation assembly line, in Bordeaux, France, Tuesday, Oct. 8, 2019. Rajnath Singh is in the city for the handover ceremony of the first Rafale combat jet acquired by the Indian Air Force. (PTI Photo)
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कैग के रक्षा ऑडिट में रफाल सौदे की जांच शामिल नहीं: मीडिया रिपोर्ट

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि दिसंबर 2019 में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा सौंपी गई परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट में सीएजी ने केवल बारह रक्षा ऑफसेट सौदों की समीक्षा की है. रक्षा मंत्रालय ने ऑडिटर को रफाल ऑफसेट सौदे संबंधी कोई जानकारी होने से इनकार किया है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी. (फोटो: द वायर)

कोर्ट का मान ट्वीट से नहीं, जजों के काम और उनके फ़ैसलों से घटता है: अरुण शौरी

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराए के सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने कहा कि इससे पता चलता है कि लोकतंत्र का यह स्तंभ इतना खोखला हो चुका है कि महज़ दो ट्वीट से इसकी नींव हिल सकती है.

Prashant Bhushan, a senior lawyer, speaks with the media after a verdict on right to privacy outside the Supreme Court in New Delhi, India August 24, 2017. REUTERS/Adnan Abidi

अवमानना मामला: प्रशांत भूषण ने कहा- न मैं माफ़ी मांगता हूं और न ही कोई उदारता बरतने की अपील है

बीते 14 अगस्त को अवमानना के दोषी ठहराए गए प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट को दिए अपने बयान में कहा कि उन्हें दुख है कि जिस अदालत की महिमा क़ायम रखने के लिए वे तीन दशकों से काम करते आ रहे हैं, उन्हें उसी की अवमानना का दोषी माना गया है. कोर्ट ने भूषण को अपने बयान पर 2-3 दिन पुनर्विचार कर जवाब देने को कहा है.

जस्टिस कुरियन जोसेफ (फोटो: पीटीआई)

अवमानना मामले की सुनवाई पर जस्टिस जोसेफ ने उठाए सवाल, कहा- संवैधानिक पीठ द्वारा सुना जाना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा कि भारत के संविधान की व्याख्या पर क़ानून के मूलभूत सवालों के मद्देनज़र और इसके मौलिक अधिकारों पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को ध्यान में रखते हुए इन विषयों को संविधान पीठ द्वारा सुना जाना चाहिए.

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नीट और जेईई छात्रों की चिंताओं का कैसे निकलेगा समाधान?

वीडियो: मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट) और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (जेईई) की परिक्षाएं सितंबर में तय शेड्यूल के मुताबिक ही होंगी. सुप्रीम कोर्ट ने इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग वाली याचिका ख़ारिज कर दी. इस मुद्दे पर जामिया हमदर्द के वाइस चांसलर प्रो. ई. हसनैन से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

Ujjain: Gangster Vikas Dubey, the main accused in killing of eight policemen in the Kanpur encounter recently, being apprehended by police personnel after a nearly week-long manhunt, in Ujjain, Thursday, July 9, 2020. (PTI Photo)(PTI09-07-2020 000172B)

विकास दुबे एनकाउंटर: सुप्रीम कोर्ट ने जांच समिति के पुनर्गठन की मांग की याचिका ख़ारिज की

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर मामले में गठित जांच समिति के सदस्यों के राजनीतिक और पुलिस प्रशासन में पारिवारिक संबंध हैं, इसलिए समिति का पुनर्गठन किया जाना चाहिए क्योंकि यहां पर हितों के टकराव की स्थिति है और जांच प्रभावित किए जाने की संभावना है.

(फोटो: पीटीआई)

भूषण अवमानना मामला: 1,500 वकीलों ने की मांग, न्याय की विफलता को रोके अदालत

देश भर के क़रीब डेढ़ हज़ार वकीलों ने अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रशांत भूषण को दोषी ठहराए जाने पर कहा कि अवमानना का डर दिखाकर यदि वकीलों को चुप कराया जाता है, तो इससे कोर्ट की ताकत और स्वतंत्रता प्रभावित होगी.

(फोटो: रॉयटर्स)

तमिलनाडु: हाईकोर्ट का वेदांता समूह के स्टरलाइट कॉपर प्लांट को खोलने की मंज़ूरी देने से इनकार

प्रदूषण संबंधी चिंताओं पर हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद तमिलनाडु सरकार ने मई, 2018 में तूतीकोरिन स्थित वेदांता समूह के स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद करने का निर्देश दिया था. वेदांता समूह ने आदेश को अवैध और असंवैधानिक बताते हुए मद्रास हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी थी.

(फोटो: रॉयटर्स)

सार्वजनिक रूप से जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप कब लगाए जा सकते हैं, सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के ख़िलाफ़ चल रहे साल 2009 के अवमानना मामले के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ सवाल तय किए हैं. भूषण की ओर से पेश हुए वकील ने कहा है कि जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने से अवमानना का मामला नहीं बनता है.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

नीट और जेईई की परीक्षाएं स्थगित करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

जेईई की परीक्षा एक से छह सितंबर के बीच और नीट की परीक्षा 13 सितंबर को होनी है. विभिन्न राज्यों के 11 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि कोरोना के मद्देनज़र इन्हें रद्द किया जाना चाहिए. अदालत ने याचिका ख़ारिज करते हुए कहा कि ऐसा करने से छात्रों का करिअर संकट में पड़ जाएगा.

FILE PHOTO: Children play games on their mobile phones in a neighbourhood in Srinagar October 10, 2019. REUTERS/Danish Ismail

जम्मू कश्मीर: साल भर के प्रतिबंध के बाद दो ज़िलों में ट्रायल के आधार पर 4जी इंटरनेट सेवा बहाल

जम्मू कश्मीर के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, 4जी मोबाइल इंटरनेट सेवा जम्मू क्षेत्र के उधमपुर ज़िले और कश्मीर के गांदेरबल ज़िले में तत्काल प्रभाव से बहाल होंगी.

New Delhi: Migrants take refuge in a school while waiting for transport to reach their native places in different states, during the fifth phase of nationwide lockdown, in New Delhi, Saturday, June 6, 2020. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI06-06-2020_000124B)

भारत बीते 50 सालों की सबसे भयावह मानवीय त्रासदी के दौर में प्रवेश कर चुका है

अब जब देश में सारी व्यवस्थाएं धीरे-धीरे खुलने लगी हैं, तब ऐसा दिखाने की कोशिश हो रही है कि भूख और रोजी-रोटी की समस्या ख़त्म हो गई है. जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

सुप्रीम कोर्ट कोविड-19 के कथित कुप्रबंधन के लिए जांच आयोग गठित करने के पक्ष में नहीं

देश में कोविड-19 महामारी से निपटने में केंद्र सरकार द्वारा कथित कुप्रबंधन की जांच के लिए आयोग गठित करने के लिए पूर्व नौकरशाहों सहित छह याचिकाकर्ताओं की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की.