सिक्किम सुरंग हादसा: अब तक 20 श्रमिकों की मौत, फंसे लोगों की तलाशी के लिए बचाव अभियान जारी

सिक्किम के नामची ज़िले में बीते सोमवार समरडुंग के निकट तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में मृतकों की संख्या 20 पहुंच गई है. अभी भी पांच श्रमिकों के फंसे होने की खब़र है, जिन्हें तलाशने के लिए बचाव अभियान जारी है.

सिक्किम के नामची ज़िले में बचावकर्मी बचाव अभियान चला रहे हैं. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: सिक्किम के नामची ज़िले में बन रही एक सुरंग के अंदर सोमवार (20 जुलाई) को मीथेन गैस लीक होने से हुए धमाके में कम से कम 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. वहीं, पांच अन्य लोगों के अभी भी अंदर फंसे होने की ख़बर हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना समरडुंग के पास तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सात किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन सुरंग के अंदर हुई. इस घटना के दौरान राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (एनएचपीसी) और परियोजना का निर्माण कर रही पटेल इंजीनियरिंग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कुल 25 से 38 लोग नियमित निरीक्षण के लिए सुरंग में मौजूद थे.

इस संबंध में नामची के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोनम डी. भूटिया ने बताया, ‘सुरंग में फंसे 25 लोगों में से 20 की मौत की पुष्टि हो चुकी है.’

उन्होंने आगे बताया कि कई एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे बचाव और तलाशी अभियान के दौरान 12 लोगों के शव बरामद किए गए हैं.

इस बचाव अभियान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), फायर एंड इमरजेंसी सर्विस और दूसरी एजेंसियां ​​शामिल हैं.

एनएचपीसी ने एक बयान में कहा कि यह घटना ‘चट्टानों के अंदर फंसी/मौजूद संदिग्ध मीथेन गैस के अचानक विस्फोट’ की वजह से हुई, जिससे ‘घना धुआं और ज़हरीली गैसें’ निकलीं.

बयान में कहा गया है कि घटना के तुरंत बाद ‘प्रोजेक्ट टीम ने अपने इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल लागू कर दिए’ और वे ज़िला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय अधिकारियों और दूसरी इमरजेंसी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

बयान में कहा गया है, ‘इस बचाव अभियान में डीजी माइन्स-सेफ्टी की एक खास रेस्क्यू टीम भी मौके पर मौजूद है. हमारी साइट इंजीनियरिंग टीमें अधिकारियों के साथ मिलकर चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि सुरंग के माहौल को स्थिर किया जा सके और बचाव कार्य सुनिश्चित हो सके.’

उल्लेखनीय है कि यह सुरंग जलविद्युत परियोजना का हिस्सा है. इसे जलाशय से सीधे पावरहाउस (जहां टर्बाइन और जनरेटर लगे हैं) तक तेज़ दबाव वाला पानी पहुंचाने के लिए बनाया जा रहा है.

अख़बार के पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ऐसी आशंका है कि टनल बनाने के लिए चल रही खुदाई के दौरान शायद श्रमिकों से चट्टानों की परतों में फंसी मीथेन गैस के पॉकेट गलती से खुल गए हों. बाहर निकली गैस बंद टनल के अंदर तेज़ी से जमा हो गई और उसमें आग लग गई, जिससे धमाका हुआ. और इसी वजह से टनल ढह गई होगी.

बताया गया है कि इस घटना के बाद सिक्किम के गवर्नर ओम प्रकाश माथुर और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बचाव कार्यों का जायज़ा लेने के लिए घटनास्थल का दौरा किया. सीएम तमांग ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है.

इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं इस दुखद घटना से बहुत दुखी हूं… जिन श्रमिकों की जान गई है, उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. दुख की इस घड़ी में पूरे राज्य की संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं और हम इस मुश्किल समय में मज़बूती से उनके साथ खड़े हैं.’

सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री तमांग ने यह भी कहा कि वह बचाव कार्यों पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हर संभव मदद प्रदान करें, बचाव कार्यों में तेज़ी लाएं और यह सुनिश्चित करें कि पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा के कड़े मानकों का पालन किया जाए.

सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को स्थिति के बारे में जानकारी देने की बात कही.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के प्रति प्रधानमंत्री मोदी ने चिंता और सहानुभूति व्यक्त की है. साथ ही भारत सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया है. यह सिक्किम के लोगों के लिए इस मुश्किल घड़ी में हिम्मत और तसल्ली वाली बात है.’

उन्होंने यह भी बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने भी केंद्र की ओर से मदद का भरोसा दिलाया है. प्रधानमंत्री की ओर से मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की गई है.

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी इस घटना पर चिंता जताई.

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘मैंने स्थिति का जायजा लेने के लिए सिक्किम के माननीय मुख्यमंत्री श्री प्रेम सिंह तमांग जी से फोन पर व्यक्तिगत रूप से बात की है. हम घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं क्योंकि इस बात की प्रबल संभावना है कि प्रभावित श्रमिकों में से कुछ हमारे जलपाईगुड़ी जिले के रहने वाले हैं.’

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के मंत्री विशाल लामा और दार्जिलिंग के ज़िला मजिस्ट्रेट ज़मीनी स्तर पर तालमेल बिठाने के लिए ‘व्यक्तिगत रूप से घटना स्थल पर जा रहे हैं’.

सीएम अधिकारी ने बताया कि राज्य के गृह सचिव सिक्किम प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं और बचाव कार्यों के बारे में लगातार जानकारी ले रहे हैं. इस मुश्किल घड़ी में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से सिक्किम को हर संभव सहयोग और समर्थन मिलेगा.