नई दिल्ली: असम के कई हिस्सों में बुधवार (5 अगस्त) को बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही. रात भर हुई बारिश के कारण निचले इलाकों में फिर से बाढ़ आने का खतरा पैदा हो गया है, जबकि मरने वालों की संख्या 95 तक पहुंच गई है और 14 ज़िलों में 1.6 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं.
नॉर्थईस्ट नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की ताज़ा रिपोर्ट में बताया कि, इस साल राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 95 हो गई है.
एएसडीएमए की रोज़ाना की बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, 38 राजस्व मंडलों (रेवेन्यू सर्कल) के 563 गांवों में रहने वाले 1,60,653 लोग बाढ़ की मौजूदा लहर से प्रभावित हैं. प्रभावित ज़िलों में गोलाघाट, लखीमपुर, चराइदेव, शिवसागर, बिस्वनाथ, धेमाजी, कामरूप (मेट्रो), जोरहाट, सोनितपुर, तिनसुकिया, नागांव, दरांग, कार्बी आंगलोंग और उदलगुरी शामिल हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने बताया कि बुधवार सुबह गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी गंभीर बाढ़ की स्थिति में बह रही थी.
एएसडीएमए के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी से दूर रहें.’
प्रभावित ज़िलों में शिवसागर सबसे ज़्यादा प्रभावित रहा, जहां 57,243 लोग प्रभावित हुए. इसके बाद गोलाघाट (33,871), जोरहाट (24,923), चराइदेव (22,122), लखीमपुर (5,787), धेमाजी (4,533), बिस्वनाथ (3,747), दरांग (3,613) और नागांव (2,764) लोग प्रभावित हैं.
राज्य भर में 16,951.76 हेक्टेयर खेती जलमग्न हो गई है, जबकि 26,575 पालतू जानवर और पोल्ट्री (मुर्गी-पालन) भी प्रभावित हुए हैं.
बाढ़ से अहम सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 22 सड़कें, दो पुल, कई तटबंध और 76 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं; इनमें से कुछ घर पूरी तरह या बुरी तरह बर्बाद हो गए हैं. इसके अलावा, 266 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है.
एएसडीएमए की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एक व्यक्ति अभी भी लापता है, जबकि राज्य भर में बाढ़ से 35,025 पशु प्रभावित हुए हैं.
पीटीआई के अनुसार, प्रशासन चार जिलों में 55 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र चला रहा है, जहां अभी 17,857 विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं. मेडिकल और पशु चिकित्सा टीमों के साथ-साथ अन्य एजेंसियां प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य कर रही हैं.
इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा के साथ शिवसागर ज़िले के बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित बिहुबोर और नेपाली खुटी इलाकों का दौरा किया. उन्होंने असम को भरोसा दिलाया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा.
उन्होंने कहा कि केंद्र की टीमें बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही हैं ताकि समय पर पुनर्वास और बहाली का काम हो सके.
