भुवनेश्वर में कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के प्रथम वर्ष का एक छात्र 30 नवंबर रात अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया. इस साल यह इस तरह की तीसरी घटना है.
राजस्थान शिक्षा विभाग ने रविवार (30 नवंबर) सुबह स्कूलों में 6 दिसंबर को 'शौर्य दिवस' मनाने का आदेश वापस ले लिया है. शनिवार को यह आदेश शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर ही जारी किया गया था.
मध्य प्रदेश के सीहोर में वीआईटी यूनिवर्सिटी कैंपस में फैले पीलिया के प्रकोप को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार की देर रात हिंसक हो गया. छात्रों का आरोप है कि कैंपस में स्वच्छता की ख़राब व्यवस्था और दूषित पानी की वजह से यह बीमारी फैली है. वहीं, विश्वविद्यालय ने इससे इनकार किया है.
भाजपा और दक्षिणपंथी समूह भले ही यह दावा कर रहे हों कि श्री माता वैष्णो देवी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस सरकार से बिना किसी फंडिंग के, केवल चंदे से चल रहा था, लेकिन दस्तावेज़ों से पता चलता है कि इस संस्थान को संचालित करने वाले श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय को सरकार से वित्तीय सहायता मिलती रही है.
भाजपा और कई दक्षिणपंथी संगठन कटरा स्थित वैष्णोदेवी मेडिकल कॉलेज के पहले बैच में 90% कश्मीरी मुस्लिम छात्रों के चयन का विरोध कर रहे हैं. अब जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि आस्था ठीक है लेकिन जब आप कॉलेज बना रहे थे, तो उस समय इसे अल्पसंख्यक दर्जा दिया जाना चाहिए था. प्रवेश नीट और दूसरे टेस्ट के आधार पर होते हैं, धर्म के आधार पर नहीं.
जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित वैष्णोदेवी मेडिकल कॉलेज के पहले बैच में 90% कश्मीरी मुस्लिम छात्रों के चयन के बाद भाजपा ने एडमिशन लिस्ट रद्द करने की मांग को लेकर एलजी मनोज सिन्हा को ज्ञापन सौंपा था, जिसे एलजी ने स्वीकार कर लिया है. इससे पहले दक्षिणपंथी संगठनों ने एडमिशन लिस्ट रद्द करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए थे.
भारतीय प्रबंधन संस्थान, बैंगलोर के एक नए अध्ययन में पाया गया है कि बिहार के सरकारी स्कूलों में जब अलग-अलग जातियों के छात्र परीक्षाओं में समान अंक लाते हैं, तब भी शिक्षकों की धारणाएं वास्तविक प्रदर्शन से मेल नहीं खातीं. पिछड़ी जातियों के छात्रों को लगातार उनकी क्षमता से कम आंका जाता है.
जम्मू के कटरा स्थित श्री माता वैष्णोदेवी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस की पहली बैच में 90% कश्मीरी मुस्लिम छात्रों के चयन के बाद विहिप और बजरंग दल ने विरोध प्रदर्शन किया है. संगठनों का कहना है कि वैष्णोदेवी मंदिर में चढ़ावे से बने संस्थान में मुस्लिम समुदाय के छात्रों का बहुमत नहीं होना चाहिए और हिंदू छात्रों के लिए सीटें आरक्षित की जानी चाहिए.
उत्तर प्रदेश की टीजीटी भर्ती परीक्षा एक बार फिर स्थगित कर दी गई है. तीन साल से लंबित चल रही इस परीक्षा की तारीख़ें कई बार टाली जा चुकी हैं. फिलहाल यह परीक्षा 18 और 19 दिसंबर को प्रस्तावित थी, जिसे आयोग ने अगली तारीख तक टाल दिया है. इसे लेकर अभ्यर्थियों में काफ़ी रोष है.
तमिलनाडु सरकार ने राष्ट्रपति द्वारा उस विधेयक, जो राज्य को नीट के तहत मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश देने से छूट देता है, को मंज़ूरी न दिए जाने के फैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया है. सरकार ने कहा कि नीट शहरी, संपन्न, सीबीएसई से शिक्षित छात्रों के लिए फायदेमंद है, जबकि ग्रामीण पृष्ठभूमि के वंचित छात्रों के लिए नुकसानदेह है, जो सरकारी और ज़्यादातर तमिल माध्यम के स्कूलों में पढ़े हैं.
जेएनयू छात्र संघ में वाम एकता की जीत के बाद महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में नारे लगाने वाले दस छात्रों को छात्रावास से निलंबित कर दिया गया है. प्रशासन के अनुसार इन विद्यार्थियों ने 'सॉरी-सॉरी सावरकर, आरएसएस का छोटा बंदर, भाग नरेंद्र भाग नरेंद्र' नारे लगाए थे, जबकि छात्रों ने कहा उन्होंने 'बाल नरेंद्र-बाल नरेंद्र' कहा था.
उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में डीएवी पीजी डिग्री कॉलेज के बीए द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने फीस को लेकर प्रिंसिपल द्वारा कथित तौर पर मारपीट और अपमानित करने के बाद ख़ुद को आग लगा ली. वे 70 प्रतिशत से ज़्यादा जल गए छात्र को इलाज के लिए दिल्ली भेजा गया है. वहीं, प्रिंसिपल के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर लिया गया है.
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में डोडा ज़िले में एक सरकारी शिक्षक को सुबह की प्रार्थना सभा में बच्चों को 'खून से तिलक करो, गोलियों से आरती करो' का नारा लगाते हुए सुना जा सकता है. उक्त शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में केंद्रीय पैनल के सभी चार पदों पर वामपंथी संयुक्त मोर्चा ने जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही संस्थान में एक बार फिर छात्र राजनीति में लेफ्ट दल प्रभावी भूमिका में आ गए हैं और चार सदस्यीय पैनल में दक्षिणपंथियों की उपस्थिति ख़त्म हो गई.
हिमाचल प्रदेश के शिमला ज़िले में सरकारी स्कूल के तीन शिक्षकों पर आठ वर्षीय दलित बच्चे को बार-बार पीटने और उसकी पैंट में बिच्छू डालने का आरोप लगा है. पिता की शिकायत पर पुलिस ने प्रधानाचार्य समेत तीनों के ख़िलाफ़ बीएनएस, एससी/एसटी एक्ट और बाल न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.