विज्ञान

कोरोना महामारी के दौरान भारत में अन्य किसी देश की तुलना में सर्वाधिक मौतें हुईंः रिपोर्ट

लांसेट जर्नल के एक नए विश्लेषण के मुताबिक़, साल 2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान भारत में अनुमानित रूप से 40.7 लाख लोगों की मौत हुई. यह संख्या आधिकारिक तौर पर भारत में कोविड-19 से हुई मौतों से आठ गुना अधिक है. हालांकि इस रिपोर्ट को सरकार ने ख़ारिज कर दिया है.

डब्ल्यूएचओ ने कोवैक्सीन के आपात उपयोग की मंज़ूरी दी, फार्मा कंपनी ने महत्वपूर्ण क़दम बताया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से कहा गया है कि उसके द्वारा बनाया गया तकनीकी परामर्शदाता समूह, जिसमें दुनियाभर के नियामक विशेषज्ञ हैं, पूरी तरह से आश्वस्त है कि कोवैक्सीन कोविड-19 के ख़िलाफ़ रक्षा करने संबंधी उसके मानकों पर खरी उतरती है और इस टीके के लाभ इसके जोख़िमों से कहीं अधिक हैं, अत: इसका उपयोग किया जा सकता है.

सरकार का टीका उत्सव मनाना जल्दबाज़ी, 100 करोड़ का लक्ष्य बहुत पहले पा लेना चाहिए था: टिस प्रोफेसर

टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस (टिस) के प्रोफेसर आर. रामकुमार ने कोविड-19 टीके का 100 करोड़ डोज़ के लक्ष्य प्राप्ति को ‘भारतीय विज्ञान की जीत’ बताते हुए प्रधानमंत्री के ट्वीट की भी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि देश में 88 फ़ीसदी टीका कोविशील्ड का लगाया गया है, जो कि एक ब्रिटिश वैक्सीन है. टीकाकरण की धीमी रफ़्तार और टीके की कमी के चलते इस साल के आख़िर तक सभी वयस्कों को दोनों डोज़ लगाने का सरकार का लक्ष्य भी क़रीब पांच-छह महीने पिछड़ गए हैं.

भारत सरकार की संशोधित वैक्सीन नीति अब भी राष्ट्रीय हित का उल्लंघन है

कोविड-19 टीकाकरण में निजी क्षेत्र की विफलता दिखाती है कि केंद्र सरकार को टीकों की सौ फीसदी ख़रीद करनी चाहिए और समान मूल्य निर्धारण नीति अपनानी चाहिए.

दो से 18 साल तक के बच्चों के लिए कोवैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंज़ूरी देने की सिफ़ारिश

हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने दो साल से 18 साल तक के बच्चों एवं किशोरों में इस्तेमाल के लिए कोविड-19 रोधी टीके कोवैक्सीन के दूसरे-तीसरे चरण का परीक्षण पूरा कर लिया है. कंपनी ने इसके सत्यापन तथा आपातकालीन उपयोग की मंज़ूरी के लिए इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को आंकड़े सौंप दिए थे.

New Delhi: Residents of Vivekanand camp gather around a Municipal Corporation tanker to fill water, at Chanakyapuri in New Delhi, on Wednesday. According to the UN, the theme for World Water Day 2018, observed on March 22, is ‘Nature for Water’ – exploring nature-based solutions to the water challenges we face in the 21st century. PTI Photo by Ravi Choudhary (PTI3_21_2018_000121B)

पानी की कमी जारी रहने पर भारत जलवायु शरणार्थी संकट का कर सकता है सामना: ‘वॉटरमैन’ राजेंद्र सिंह

भारत के वॉटरमैन नाम से मशहूर जल संरक्षणवादी राजेंद्र सिंह ने कहा कि यूरोप कई अफ्रीकी देशों से आ रहे जलवायु शरणार्थियों का सामना कर रहा है. सौभाग्य से भारतीयों को अभी जलवायु शरणार्थी नहीं कहा जाता है, लेकिन अगले सात साल में अगर देश में जल की कमी बनी रही तो भारतीयों को भी उसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ेगा.

अणु बनाने का नया तरीका विकसित करने पर जर्मन और अमेरिकी वैज्ञानिक को रसायन विज्ञान का नोबेल

मैक्स प्लैंक इंस्टिट्यूट के जर्मन वैज्ञानिक बेंजामिन लिस्ट और प्रिंसटन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डेविड डब्ल्यूसी मैकमिलन को रसायन विज्ञान क्षेत्र में नोबेल दिया गया है. इससे पहले जापान के रहने वाले स्यूकूरो मनाबे, जर्मनी के क्लॉस हैसलमैन और इटली के जिओर्जिओ पारिसी को जलवायु परिवर्तन के संबंध में काम करने के लिए भौतिकी के नोबेल के लिए चुना गया है.

बढ़ते समुद्र, घटते ग्लेशियर; लगभग 100 प्रतिशत ग्लोबल वार्मिंग का कारण इंसान: यूएन जलवायु समिति

जलवायु परिवर्तन पर आई आईपीसीसी की हालिया रिपोर्ट बताती है कि अगर पृथ्वी के जलवायु को जल्द स्थिर कर दिया जाए, तब भी जलवायु परिवर्तन के कारण जो क्षति हो चुकी है, उसे सदियों तक भी ठीक नहीं किया जा सकेगा. आईपीसीसी इस बात की पुष्टि करता है कि 1950 के बाद से अधिकांश भूमि क्षेत्रों में अत्यधिक गर्मी, हीटवेव और भारी बारिश भी लगातार और तीव्र हो गई है. संयुक्त राष्ट्र ने इसे ‘मानवता के लिए कोड रेड’ क़रार दिया है.

कोविड-19ः भारत में जॉनसन एंड जॉनसन के एक खुराक वाले टीके को आपात इस्तेमाल की मंज़ूरी

अमेरिकी दवा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन का टीका भारत में कोविड-19 के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होने वाली पांचवीं वैक्सीन है. कंपनी ने अपने टीके के आपात इस्तेमाल अधिकार के लिए छह अगस्त को आवेदन दिया था और भारत के औषधि महानियंत्रक ने उसी दिन उसे मंज़ूरी दे दी.

Thiruvananthapuram: Former ISRO scientist Nambi Narayanan speaks to media, in Thiruvananthapuram, Friday, Sept 14, 2018. The Supreme Court today held Narayanan was “arrested unnecessarily, harassed and subjected to mental cruelty” in a 1994 espionage case and ordered a probe into the role of Kerala police officers. (PTI Photo) (PTI9_14_2018_000100B)

नंबी नारायणन को फ़ंसाने से भारत के क्रायोजेनिक प्रौद्योगिकी विकास में देरी हुई: सीबीआई

इसरो में जासूसी का यह मामला भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम पर कुछ गोपनीय दस्तावेज़ों को दूसरे देशों को दिए जाने के आरोपों से जुड़ा था. वैज्ञानिक नंबी नारायणन को नवंबर 1994 में इसरो के अन्य वैज्ञानिकों और कुछ अन्य लोगों के साथ गिरफ़्तार किया गया था. बाद में सीबीआई ने अपनी जांच में कहा था कि उन्हें ग़लत तरीके से फंसाया गया था. बीते जून में इस मामले में केरल पुलिस 18 कर्मचारियों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है.

कल्पना चावला, सुनीता विलि​यम्स के बाद भारतीय मूल की तीसरी महिला सिरिशा अंतरिक्ष उड़ान भरेंगी

आंध्र प्रदेश के गुंटूर ज़िले में जन्मीं सिरिशा बैंडला अमेरिका के ह्यूस्टन शहर में पली बढ़ी हैं. अमेरिका की निजी अंतरिक्ष एजेंसी वर्जिन गैलेक्टिक के ‘यूनिट 22’ के छह सदस्य का एक दल 11 जुलाई को अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरेगा. सिरिशा इस दल का हिस्सा हैं.

भारत में 50 साल में प्रचंड गर्मी से 17,000 से अधिक लोगों की मौत: अध्ययन

देश के शीर्ष मौसम वैज्ञानिकों द्वारा प्रकाशित शोध पत्र में कहा गया है कि लू अति प्रतिकूल मौसमी घटनाओं में से एक है. अध्ययन के मुताबिक, 1971-2019 में ऐसी ने 141,308 लोगों की जान ली है. इनमें से 17,362 लोगों की मौत लू की वजह से हुई है. लू से अधिकतर मौत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में हुईं.

कोरोना वायरस का ‘डेल्टा’ स्वरूप सबसे ज़्यादा संक्रामक: डब्लूएचओ

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कहा है कि कोरोना वायरस का भारत में पहली बार पाया गया ‘डेल्टा’ स्वरूप अब तक का सबसे संक्रामक प्रकार है. अब यह स्वरूप कम से कम 85 देशों में फैल रहा है. ग़रीब देशों में टीके की अनुपलब्धता इसके प्रसार में सहायक सिद्ध हो रही है और अमीर देश विकासशील देशों को तत्काल टीका नहीं देना चाहते.

उत्तराखंड: आयुर्वेदिक डॉक्टरों को एलोपैथिक दवाइयां लिखने की मंज़ूरी देने की योजना

उत्तराखंड के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे अवैध ठहराया. संगठन ने कहा है कि एलोपैथी के बारे में जाने बिना आयुर्वेदिक डॉक्टर एलोपैथिक दवाएं कैसे लिख सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों की इस सबंध में स्पष्ट राय है कि आयुर्वेदिक डॉक्टर एलोपैथी की प्रैक्टिस नहीं कर सकते, क्योंकि वे इसके योग्य नहीं हैं.

भारत और ब्रिटेन में एस्ट्राजेनेका कोविड-19 टीके से दुर्लभ न्यूरो विकार के मामले सामने आए

भारत में केरल के एक चिकित्सा केंद्र से सात मामले सामने आए हैं, जहां करीब 12 लाख लोगों को एस्ट्राज़ेनेका टीके दिए गए थे. भारत में इस टीके को कोविशील्ड कहा जाता है. ब्रिटेन के नॉटिंघम में इस प्रकार के चार मामले सामने आए हैं. गुलेन-बैरे सिंड्रोम में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने तंत्रिका तंत्र के एक हिस्से पर हमला करती है, जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के बाहर स्थित तंत्रिकाओं का नेटवर्क है.