वायु प्रदूषण: सरकारी दफ़्तरों में एयर प्यूरीफायर लगाने के लिए बढ़ा सरकारी व्यय, 2024-25 में दस लाख ख़र्चे

सरकार ने लोकसभा को बताया है कि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने बीते पांच वित्तीय वर्षों- 2020-21 से 2024-25 के बीच विभिन्न सरकारी और हाई-प्रोफ़ाइल परिसरों में लगाने के लिए कुल 405 एयर प्यूरीफायर खरीदे. एयर प्यूरीफायर पर 2021-22 में 4,20,394 रुपये, 2022-23 में 4,69,300 रुपये, 2023-24 में 6,29,219 रुपये और 2024-25 में 10,24,500 रुपये ख़र्च किए गए.

मध्य प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में ‘गर्भ संस्कार’ की पढ़ाई होगी, अस्पतालों में बनेंगे गर्भ संस्कार कक्ष

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में ‘गर्भ संस्कार’ को बढ़ावा देने वाले एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने गर्भ संस्कार को भावी पीढ़ियों को सशक्त बनाने का साधन बताया और कहा कि राज्य सरकार इस प्रथा को संस्थागत रूप देने जा रही है.

2050 तक दोगुनी हो सकती है बेहद गर्मी का सामना करने वाली आबादी, भारत सर्वाधिक प्रभावित देशों में शामिल: अध्ययन

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन का अनुमान है कि 2010 में 1.54 अरब (23 प्रतिशत) लोगों की तुलना में सदी के मध्य तक लगभग 3.8 अरब लोग, जो दुनिया की आबादी का लगभग 41 प्रतिशत है, ख़तरनाक गर्मी की स्थिति का सामना करेंगे. इस स्थिति में भारत सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल होगा.

2018 के बाद सबसे ज़हरीली रही दिसंबर की हवा: दिल्ली में पीएम 2.5 ने तोड़ा रिकॉर्ड

2018 के बाद इस साल दिसंबर में दिल्ली की हवा सबसे ख़राब रही. पीएम 2.5 का औसत स्तर 211 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया. तापमान थोड़ा अधिक होने के बावजूद प्रदूषण बढ़ा, जिससे साफ़ है कि केवल मौसम नहीं, अन्य कारण भी ज़िम्मेदार हैं.

प्रदूषित हवा के बीच हुए संसद सत्र में वायु प्रदूषण पर कोई चर्चा नहीं, मंत्री का एक्यूआई संबंधी दावा ग़लत

1 से 19 दिसंबर तक चले दिल्ली की ख़राब वायु गुणवत्ता के बीच चले संसद के शीतकालीन सत्र में वायु प्रदूषण को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई. वहीं पर्यावरण मंत्रालय के राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में कहा कि उच्च एक्यूआई स्तर और फेफड़ों की बीमारियों के बीच सीधा संबंध स्थापित करने के लिए कोई पुख़्ता आंकड़े मौजूद नहीं हैं. उनका यह दावा सही नहीं हैं.

दिल्ली के स्मॉग के बीच चीन दूतावास ने बिगड़ती आबोहवा सुधारने के लिए ‘बीजिंग मॉडल’ साझा किया

सिंगापुर, ब्रिटेन और कनाडा ने उत्तर भारत में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की हैं. दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है और शहर व आसपास के इलाकों में घना जहरीला स्मॉग छाया हुआ है. इस बीच, चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए बीजिंग द्वारा अपनाए गए उपायों की जानकारी साझा की है.

देशभर के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, समितियों में वैज्ञानिक व तकनीकी के स्वीकृत पदों में से लगभग आधे ख़ाली

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि दिल्ली और उत्तर भारत के अधिकांश हिस्से इस समय भीषण वायु प्रदूषण से जूझ रहे हैं, वहीं देशभर के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और समितियों में स्वीकृत वैज्ञानिक एवं तकनीकी पदों में से लगभग 45% पद रिक्त पड़े हैं.

इथेनॉल ईंधन पर गडकरी के दावों से अलग है विशेषज्ञों की चेतावनी, पर्यावरणीय संकट और विरोध तेज़

लोकसभा में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ई20 ईंधन को पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए सुरक्षित बताया, लेकिन विशेषज्ञों ने इंजन क्षति, माइलेज गिरावट, भूमि-जल संकट और खाद्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं. वहीं राजस्थान में निर्माणाधीन इथेनॉल संयंत्र के ख़िलाफ़ किसानों का ज़ोरदार विरोध जारी है.

वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों और बीमारियों को जोड़ने वाला कोई ठोस राष्ट्रीय डेटा नहीं: सरकार

देश के कई शहरों और विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के गंभीर हालात के बीच केंद्र सरकार ने संसद में कहा कि वायु प्रदूषण के कारण ही होने वाली मौतों या बीमारियों का सीधा संबंध स्थापित करने के लिए देश में कोई ठोस राष्ट्रीय आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. हालांकि, वायु प्रदूषण सांस संबंधी रोगों और संबंधित बीमारियों के लिए एक बड़ा कारण है.

पूरा उत्तराखंड अब भूकंप संवेदनशीलता की सबसे ऊंची श्रेणी- भूकंपीय ज़ोन 6 में शामिल

नए भूकंपीय मानचित्र में पूरे उत्तराखंड राज्य को भूकंप संवेदनशीलता की सबसे ऊंची श्रेणी भूकंपीय ज़ोन 6 में रखा गया है. भूकंपीय ज़ोन 6 में रखे जाने का अर्थ है कि भविष्य में अगर कोई भूकंप आता है, तब राज्य के हर हिस्से में समान और व्यापक नुकसान होने की संभावना रहेगी.

वाहनों से होने वाला प्रदूषण अब दिल्ली की ख़राब वायु गुणवत्ता का मुख्य कारण

इस साल खेतों में पराली जलाने की घटनाएं कम होने के बावजूद अक्टूबर और नवंबर में दिल्ली की वायु गुणवत्ता अब भी ख़राब है. दिल्ली स्थित सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट के ताज़ा विश्लेषण के अनुसार, इसका प्रमुख कारण वाहनों से होने वाला प्रदूषण है.

दिल्ली में हवा के साथ पानी भी प्रदूषित, भूजल में यूरेनियम का स्तर सामान्य से अधिक

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हवा के बाद अब पानी की गुणवत्ता ने भी लोगों को चिंता बढ़ा दी है. केंद्रीय भूजल बोर्ड की वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट 2025 में सामने आया है कि 2024 में देश में यूरेनियम-दूषित भूजल नमूनों का तीसरा सबसे बड़ा हिस्सा दिल्ली शहर का था. राजधानी में उत्तरी दिल्ली, उत्तर-पश्चिमी, पश्चिमी दिल्ली और दक्षिण पश्चिम दिल्ली, रोहिणी, भलस्वा झील क्षेत्र, नांगली राजपुरा की स्थिति ज़्यादा गंभीर है.

भारत में टीबी के मामलों में कमी, हालांकि 2024 में दर्ज हुए दुनिया के सर्वाधिक केस: डब्ल्यूएचओ

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में दुनिया भर में टीबी के सबसे ज़्यादा मामले भारत में दर्ज हुए. इसी दौरान टीबी के मामलों में भी 21% की गिरावट भी आई है- 2015 में प्रति लाख जनसंख्या पर 237 मामले से घटकर 2024 में प्रति लाख 187 मामले हो गए हैं.

दिल्ली की ज़हरीली हवा: सुरक्षित सीमा से तीन गुना नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, एक्यूआई डेटा ग़ायब

नवंबर की शुरुआत से दिल्ली में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) का स्तर रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर है- सीपीसीबी की सीमा से तीन गुना और डब्ल्यूएचओ मानक से दस गुना ज़्यादा. वाहनों से निकलने वाला धुआं इसका मुख्य कारण है. दूसरी तरफ, दिल्ली के 39 प्रदूषण मॉनिटर्स में से किसी ने भी अक्टूबर माह में लगातार डेटा नहीं दिया है.

दिल्ली: ज़हरीली हवा पर एम्स की घर के अंदर रहने की सलाह, पर क्या ऐसा करना सबके लिए मुमकिन है?

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने के बीच एम्स (दिल्ली) ने पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को घर के अंदर रहने, एन 95 मास्क पहनने और एयर प्यूरीफायर लगाने की सलाह दी है. लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसे उपायों को अपनाना निम्न आय वर्ग और ग़रीब तबके के लिए मुमकिन हैं?

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