पर्यावरण मंत्रालय के आंकड़ों से पता चला है कि दिल्ली को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत 42.69 करोड़ रुपये मिले थे, लेकिन इसका एक तिहाई से भी कम ख़र्च किया गया.
राष्ट्रीय राजधानी में भीषण गर्मी की चेतावनी जारी है. इस बीच केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि केंद्र सरकार देश भर में एयर कंडीशनर के तापमान को मानकीकृत करने के लिए नए नियम लाएगी, जिसमें एसी को 20 डिग्री सेल्सियस से कम या 28 डिग्री सेल्सियस से अधिक ठंडा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के आयुर्वेदिक चिकित्सा पाठ्यक्रम के साथ एमबीबीएस को मिलाकर पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव की निंदा की और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया. इसने कहा कि विभिन्न चिकित्सा प्रणालियों के इस अवैज्ञानिक मिश्रण से डॉक्टरों या रोगियों को कोई लाभ नहीं होगा.
2001 से 2019 के बीच भारत में हीटवेव से क़रीब 20,000 लोगों की मौत हुई. अध्ययन में पाया गया कि पुरुषों और हाशिए पर मौजूद जातियों से आने वाले लोग सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए. शोधकर्ताओं ने जाति को ध्यान में रखकर तैयार की गई सामाजिक सुरक्षा नीति की सिफारिश की है.
हाल में जारी कुछ सरकारी रिपोर्टें बताती है कि कोविड की डेल्टा लहर ने न सिर्फ भारी तबाही मचाई, बल्कि देश में मृत्यु दर को कम करने की जो सालों की प्रगति थी, वह 2021 में पलट गई. 2016 से 2020 के बीच हर साल दर्ज मौतों की संख्या में 2% से 10% तक की बढ़ोतरी होती रही, लेकिन 2021 में यह 26% हो गई.
स्विस एयर क्वालिटी टेक्नोलॉजी कंपनी ‘आईक्यूएयर’ की विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2024 के अनुसार, दिल्ली वैश्विक स्तर पर सबसे प्रदूषित राजधानी शहर बना हुआ है, जबकि भारत 2024 में दुनिया का पांचवां सबसे प्रदूषित देश बन गया है. 2023 में इस सूची में भारत तीसरे स्थान पर था.
अर्थ सेंटर फॉर रैपिड इनसाइट्स (एसीआरआई) द्वारा पिछले साल 11-13 नवंबर के बीच किए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि पंजाब, राजस्थान और दिल्ली के 60% से ज़्यादा लोगों ने प्रदूषण के कारण सांस संबंधी समस्याओं की शिकायत की है. राष्ट्रीय राजधानी में सांस संबंधी बीमारी सबसे गंभीर थी.
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर के अध्ययन में कहा गया है कि दिल्ली-एनसीआर में थर्मल पावर प्लांट धान के भूसे को जलाने से निकलने वाले वायु प्रदूषक से 16 गुना अधिक प्रदूषक उत्सर्जित करते हैं.
दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाना एक बड़ा कारण है, लेकिन लगभग 75% प्रदूषण दिल्ली के भीतर परिवहन, कचरा जलाना और निर्माण से उत्पन्न होता है. इसके साथ ही बिजली संयंत्र, हरियाणा-पंजाब क्षेत्र में भारी उद्योग से बढ़ते उत्सर्जन को रोकने में विफलता भी बढ़ते वायु प्रदूषण के महत्वपूर्ण कारण हैं.
केंद्र सरकार ने साल 2020 में मेडिकल शिक्षा को सुव्यवस्थित करने और मेडिकल कमिशन ऑफ इंडिया के भीतर की समस्याओं से छुटकारा पाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की स्थापना की थी. एक आरटीआई आवेदन के जवाब के मुताबिक, आयोग के 19 में से 10 पद रिक्त हैं.
मोदी सरकार ने देश में टीबी उन्मूलन के लिए साल 2025 का लक्ष्य तय किया है, हालांकि ग्लोबल ट्यूबरकुलोसिस रिपोर्ट 2024 संकेत देती है कि यह संभव नहीं होगा. दुनिया भर में टीबी के कुल मामलों में से 26% भारत में हैं. वर्तमान में देश में अनुमानित 20 लाख टीबी केस हैं, जो विश्व में सर्वाधिक हैं.
भारतीय राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) का कहना है कि दवा निर्माताओं ने कुछ कारणों का हवाला देते हुए दामों में संशोधन की मांग की थी, जिसके चलते उसने व्यापक जनहित में दवाइयों की क़ीमतें बढ़ाई हैं.
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने अपनी अगस्त 2024 की रिपोर्ट में बताया है कि इसके क्वालिटी टेस्ट में 53 दवाइयां तय मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं. इनमें पैरासिटामोल, विटामिन डी, कैल्शियम सप्लीमेंट समेत मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर के लिए ज़रूरी दवाइयां शामिल हैं.
नागपुर ग्रामीण पुलिस ने नकली दवाओं के रैकेट का ख़ुलासा करते हुए बताया कि हरिद्वार के एक पशु चिकित्सालय की प्रयोगशाला में टैल्कम पाउडर और स्टार्च से एंटीबायोटिक्स बनाई गई थीं, जिनकी आपूर्ति उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के अस्पतालों सहित पूरे भारत में की गई.
अगस्त 2024 के आखिर में प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के एक समूह ने भारत के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद को पत्र लिखकर 'विज्ञान युवा शांति स्वरूप भटनागर (एसएसबी) पुरस्कार 2024' पाने वालों के चयन में अपनाई गई प्रक्रियाओं पर संदेह जताया था.