गुजरात

मध्य प्रदेश: भाजपा नेता ने फोटो खिंचवाकर रवाना किए शव वाहन, विपक्ष ने साधा निशाना

कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के बीच भोपाल में भाजपा के स्थानीय नेता कुछ नये ‘मुक्ति वाहनों’ को समारोहपूर्वक फोटो खिंचवाकर रवाना करते हुए नज़र आए. कांग्रेस ने इस पर तंज़ कसते हुए कहा कि ‘फोटोबाज़ी’ करके आपदा में भी अवसर तलाशा जा रहा है. इससे पहले इंदौर में भाजपा नेताओं द्वारा ऑक्सीजन लेकर पहुंचे टैंकर के सामने पूजा-पाठ करने पर भी विवाद हुआ था.

गुजरात: कुंभ मेला से लौटने वाले 49 लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए

कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार पर रोक लगाने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने घोषणा की थी कि कुंभ मेला में हिस्सा लेकर राज्य लौटने वाले लोगों को अपने शहरों एवं गांवों में जाने से पहले कोविड-19 की जांच करवानी होगी.

गुजरात: अस्पताल ने कोविड-19 के संदिग्ध मरीज़ का शव देने से इनकार किया, जांच के आदेश

गुजरात के वलसाड ज़िले के वापी स्थित एक कोविड-19 अस्पताल का मामला. परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रबंधन ने बिल बकाया होने की वजह से शव को सौंपने से मना कर दिया. शव के बदले में उनकी कार ज़ब्त कर ली गई थी. डीएम ने कोरोना मरीज़ों का इलाज करने के लिए अस्पताल को दी गई अनुमति रद्द कर दी है.

कोविड 19ः शवदाह गृहों में लंबी क़तारें आधिकारिक आंकड़ों में हेरफेर की गवाही दे रही हैं

कई राज्यों में कोरोना मृतकों की आधिकारिक संख्या और कोरोना प्रोटोकॉल के तहत निश्चित श्मशानों में हो रहे दाह संस्कार के आंकड़ों के बीच बहुत बड़ा अंतर है. मसलन, 12 अप्रैल को भोपाल के भदभदा में 37 शवों का दाह संस्कार होना था, लेकिन उस रोज़ के स्वास्थ्य बुलेटिन में पूरे राज्य में केवल 37 मौतें होने की बात कही गई थी.

कोविड-19: गुजरात में शवों के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को घंटों करना पड़ रहा इंतज़ार

कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर की वजह से गुजरात में मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. शवों की संख्या बढ़ने से लगातार इस्तेमाल के कारण गुजरात के सूरत शहर में कुछ शवदाह गृह में धातु की भट्ठियां पिघल रही हैं या उनमें दरार आ गई है. राज्य के अन्य शहरों में स्थित अंतिम संस्कार स्थल भी शवों की बढ़ती संख्या के कारण दबाव महसूस कर रहे हैं.

जब वोट धर्म के नाम पर पड़ना है तो अस्पतालों को ठीक करने की मेहनत कोई क्यों करे

पिछले साल कोरोना वायरस के कारण गुजरात के अस्पतालों के बाहर जो हाहाकर मचा था, उसकी ख़बरें देश को कम पता चलीं. इस साल भी हाहाकार मचा है. जिस राज्य की जनता ने नरेंद्र मोदी को इतना प्यार किया वह बिलख रही है और प्रधानमंत्री बंगाल में गुजरात मॉडल बेच रहे हैं.

गुजरात: परिवार ने धर्मांतरण कर जबरन शादी की शिकायत की, महिला ने कहा- सहमति से हुआ विवाह

गुजरात के वडोदरा शहर का मामला. महिला के परिवार ने राज्य में हाल ही में पारित धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक, 2021 के तहत जबरन धर्मांतरण का मामला दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन महिला ने आरोप से इनकार कर दिया. इसके बाद परिवार को शिकायत वापस लेनी पड़ी.

गुजरातः कचरा वाहन में वेंटिलेटर्स अस्पताल पहुंचाने का आरोप, जांच के आदेश

गुजरात के सूरत का मामला. सूरत नगर निगम द्वारा वलसाड सिविल अस्पताल से 20 से अधिक वेंटिलेटर कथित तौर पर कचरा उठाने वाले वाहन से एसएमआईएमईआर अस्पताल ले जाया गया था.

गुजरात: सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान ज़हरीली गैस से दम घुटने से दो की मौत

गुजरात के भरूच ज़िले का मामला है. तीन श्रमिक टैंक के अंदर द्रव से ठोस अपशिष्ट अलग कर रहे थे, तब यह घटना घटी. वे ज़हरीली गैस के कारण अचानक बेहोश हो गए.

गुजरात: भाजपा कार्यकर्ताओं की पिटाई करने के आरोप के बाद पुलिस अधिकारी का तबादला

भाजपा ने दावा किया है कि अमरेली में पार्टी प्रमुख सीआर पाटिल से संबंधित एक कार्यक्रम की तैयारी कर रहे उनके कार्यकर्ताओं को सहायक पुलिस आयुक्त (एएसपी) अभय सोनी द्वारा पीटा गया. वहीं सोनी का कहना है कि उन्होंने कार्यकर्ताओं से सिर्फ़ वहां से जाने के लिए कहा था, क्योंकि रात बहुत ज़्यादा हो गई थी.

गुजरात विधानसभा ने जबरन धर्मांतरण कराने के मामले में सज़ा के प्रावधान वाला विधेयक पारित किया

गुजरात विधानसभा ने ‘गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक, 2021’ को मंज़ूरी दे दी. इसमें अधिकतम 10 वर्ष की सज़ा का प्रावधान है. विधेयक के अनुसार, शादी करके या किसी की शादी कराके या शादी में मदद करके जबरन धर्मांतरण कराने पर तीन से पांच साल तक की क़ैद की सजा सुनाई जा सकती है और दो लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है.

आरोपी पुलिसवालों को बरी करने पर इशरत जहां की मां ने कहा- शुरू से एकतरफ़ा थी सुनवाई

2004 में 19 वर्षीय इशरत जहां की अहमदाबाद के बाहरी इलाके में हुई एक मुठभेड़ में मौत हो गई थी. मुठभेड़ को जांच में फ़र्ज़ी पाया गया था और सीबीआई ने सात पुलिस अधिकारियों को आरोपी बताया था. इनमें से तीन को बुधवार को आरोप मुक्त कर दिया गया. इससे पहले तीन अन्य आरोपी अधिकारी बरी किए जा चुके हैं, जबकि एक की बीते साल मौत हो गई थी.

इशरत जहां मुठभेड़: अदालत ने बाकी बचे तीन आरोपी पुलिसकर्मियों को भी आरोप मुक्त किया

साल 2004 में मुंबई के नज़दीक मुम्ब्रा की रहने वाली 19 वर्षीय इशरत जहां तीन अन्य लोगों के साथ अहमदाबाद के बाहरी इलाके में गुजरात पुलिस की मुठभेड़ में मारी गई थीं. जांच में ये मुठभेड़ फ़र्ज़ी निकली थी. मामले के तीन अन्य आरोपी पुलिसकर्मी- पीपी पांडेय, डीजी वंजारा, एनके अमीन पहले ही आरोपमुक्त किए जा चुके हैं, जबकि जेजी परमार की बीते साल मौत हो गई.

इशरत जहां एनकाउंटर: तीन पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ मुक़दमे की मंज़ूरी से गुजरात सरकार का इनकार

2004 के इशरत जहां फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले में सीबीआई ने विशेष अदालत के निर्देश के बाद गुजरात सरकार से तीन आरोपी पुलिस अधिकारियों पर मुक़दमा चलाने की अनुमति मांगी थी, जिससे राज्य सरकार ने मना कर दिया.

गुजरात विधानसभा में दलित आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या का मामला उठाने के बाद मेवाणी निलंबित

वडगाम से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी ने विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति के बगैर एक दलित आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद उन्हें अनुशासनहीनता के लिए सदन से एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया. गुरुवार को यही मुद्दा उठाने को लेकर उन्हें सदन से बाहर कर दिया गया था.