AIIMS

(प्रतीकात्मक फोटोः पीटीआई)

बिहारः एम्स डॉक्टरों की रोटेशनल क्वारंटीन की मांग, हड़ताल की चेतावनी दी

पटना एम्स के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा है कि कोविड वॉर्ड में ड्यूटी पर कर रहे डॉक्टरों को हफ्ते भर के रोटेशनल क्वारंटीन में रखा जाए. डॉक्टरों ने उनकी मांगे पूरी करने के लिए अस्पताल प्रशासन को पांच दिन की समयसीमा देते हुए इसके बाद हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है.

एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया. (फोटो: एएनआई)

मृत्यु में कमी अच्छा संकेत, लेकिन भारत को कई ‘कोविड-19 चरम’ का सामना करना पड़ सकता है: विशेषज्ञ

देश की तीन बड़े स्वास्थ्य विशेषज्ञों डॉ. रणदीप गुलेरिया, डॉ. गगनदीप कांग और डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने अपनी नई किताब में कहा है कि संक्रमण के बाद उत्पन्न होने वाली स्थितियां इस महामारी का अगला चरण हो सकता है.

डॉ. सुब्बैया षणमुगम. (फोटो: लिंकडन)

महिला उत्पीड़न के आरोपी एबीवीपी अध्यक्ष एम्स के मदुरई बोर्ड के सदस्य नियुक्त

इस साल जुलाई में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुब्बैया षणमुगम की की सोसाइटी में रहने वाली 62 वर्षीय एक महिला ने उनके ख़िलाफ़ उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी और दरवाजे पर पेशाब करने का आरोप लगाया था. हालांकि बाद में उन्होंने यह शिकायत वापस ले ली थी.

Varanasi

वाराणसी: कोरोना संक्रमित युवक ने कथित तौर पर बीएचयू अस्पताल की छत से कूदकर आत्महत्या की

वाराणसी पुलिस ने बताया कि युवक को मानसिक बीमारी को लेकर 16 अगस्त को बीएचयू के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया था और कोविड-19 संक्रमित होने का पता चला था.

एम्स दिल्ली. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: एक महीने में एम्स के तीसरे डॉक्टर ने कथित तौर पर आत्महत्या की

दक्षिणी दिल्ली के हौज़ ख़ास इलाके में किराये के मकान में शुक्रवार की दोपहर को एम्स के 40 वर्षीय डॉक्टर का शव छत से लटका हुआ मिला. इससे पहले एक महीने के अंदर एम्स के दो डॉक्टरों ने कथित तौर पर संस्थान की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी.

नई दिल्ली स्थित एम्स. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: एम्स में एमबीबीएस छात्र ने कथित तौर पर छत से कूद जान दी, दो महीने में चौथी घटना

पुलिस ने बताया कि बेंगलुरु के रहने वाले साल 2018 बैच के 22 वर्षीय एमबीबीएस छात्र विकास को अस्पताल के मनोरोग वार्ड में भर्ती कराया गया था. कुछ मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर उनका इलाज चल रहा था.

नई दिल्ली स्थित एम्स. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: एम्स के एससी/एसटी सेल ने डॉक्टर के ख़िलाफ़ जातिगत टिप्पणी के आरोपों को सही पाया

एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर की शिकायत पर जांच कर रही समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि महिला से आरोपी फैकल्टी सदस्य ने ‘अपनी औकात में रहो’ जैसे वाक्यों और जातिगत शब्दों का प्रयोग किया था, इसलिए उनके ख़िलाफ़ सख़्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए.

(फोटो साभार: एएनआई)

दिल्ली: एम्स में एक और मरीज़ ने कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दी

पुलिस ने बताया कि 35 वर्षीय मृतक राजमणि सत्तार मध्य प्रदेश के सतना के रहने वाले थे. पांच-छह महीने पहले उनकी आंत का ऑपरेशन हुआ था. उसके बाद से ही वह एम्स में भर्ती थे. पिछले दो हफ्तों में एम्स में कथित तौर पर आत्महत्या की यह तीसरी घटना है.

अनुराग कुमार. (फोटो: सोशल मीडिया)

दिल्ली: हॉस्टल की 10वीं मंजिल से कथित तौर पर कूदकर एम्स के जूनियर डॉक्टर ने जान दी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि एम्स के 25 वर्षीय जूनियर रेज़िडेंट डॉक्टर अनुराग कुमार पिछले कुछ समय से अवसाद में चल रहे थे. इससे पहले कोरोना संक्रमित पत्रकार तरुण सिसोदिया ने एम्स ट्रॉमा सेंटर की चौथी मंज़िल से कथित तौर पर कूदकर जान दे दी थी.

पत्रकार तरुण सिसोदिया. (फोटो साभार: फेसबुक)

कोरोना संक्रमित पत्रकार की मौत के पीछे कोई ग़लत नीयत नहीं: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री

कोरोना संक्रमित पत्रकार तरुण सिसोदिया की दिल्ली के एम्स में छह जुलाई को मौत हो गई थी, अस्पताल प्रशासन का दावा था उन्होंने चौथी मंज़िल से छलांग लगा ली थी जिससे उनकी मौत हो गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने एम्स और जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के प्रशासन में आवश्यक बदलाव के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का भी निर्देश दिया है.

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मीडिया बोल: मीडिया में मौतें, मायूसी और बढ़ती बेकारी!

वीडियो: राजधानी दिल्ली में 37 वर्षीय कोरोना वायरस से संक्रमित एक पत्रकार ने एम्स की चौथी मंजिल से कूदकर कथित तौर पर खुदकुशी कर ली है. उनके निधन के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं. इस मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश का नज़रिया.

पत्रकार तरुण सिसोदिया. (फोटो साभार: फेसबुक)

दिल्ली: क्या कोरोना संक्रमित पत्रकार तरुण सिसोदिया ने वाकई आत्महत्या की?

दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर में कोविड-19 का इलाज करा रहे दैनिक भास्कर में कार्यरत पत्रकार तरुण सिसोदिया की बीते छह जुलाई को मौत हो गई. एम्स प्रशासन ने दावा किया था कि उन्होंने अस्पताल की चौथी मंज़िल से कूदकर जान दे दी. उनकी मौत की जांच किए जाने की मांग के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एक जांच समिति का गठन किया है.

पत्रकार तरुण सिसोदिया. (फोटो साभार: फेसबुक)

दिल्ली: कोरोना संक्रमित पत्रकार की मौत, एम्स प्रशासन का दावा- छत से कूदकर दी जान

पत्रकार तरुण सिसोदिया के निधन के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने मामले की जांच आदेश देते हुए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है. तरुण ​दैनिक भास्कर अख़बार में कार्यरत थे.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

भारत में मध्य नवंबर तक कोविड-19 महामारी अपने चरम पर पहुंच सकती है: अध्ययन

आईसीएमआर द्वारा कराए गए एक अध्ययन के अनुसार कोविड महामारी के नवंबर के पहले सप्ताह तक अपने चरम पर पहुंचने के बाद 5.4 महीनों के लिए आइसोलेशन बेड, 4.6 महीनों के लिए आईसीयू बेड और 3.9 महीनों के लिए वेंटिलेटर कम पड़ जाएंगे.