मणिकर्णिका में आज के उग्र-राष्ट्रवाद का अक्स है

बॉलीवुड भले ही अवसरवादी और रीढ़विहीन नज़र आता हो लेकिन अलग-अलग नज़रिया रखने वाले इसके सदस्य अपने देश की मार्केटिंग और उससे पैसे बनाने के मामले में एक-दूसरे से कोई मतभेद रखते नहीं दिखते.

राष्ट्रवाद और देशभक्ति सिर्फ़ नारा नहीं: जावेद अख़्तर

पटकथा लेखक और गीतकार जावेद अख़्तर ने कहा कि राष्ट्रवाद और देशभक्ति का मतलब सामाजिक रूप से जागरूक होना होता है. यह सिर्फ़ नारा नहीं बल्कि एक जीवनशैली है.

क़ादिर ख़ान: जिन्हें लेकर अपनी-अपनी ग़लतफ़हमियां हैं

क़ादिर ख़ान हिंदी सिनेमा में उस पीढ़ी के आख़िरी लेखक थे, जिन्हें आम लोगों की भाषा और साहित्य की अहमियत का एहसास था. उनकी लिखी फिल्मों को देखते हुए दर्शकों को यह पता भी नहीं चलता था कि इस सहज संवाद में उन्होंने ग़ालिब जैसे शायर की मदद ली और स्क्रीनप्ले में यथार्थ के साथ शायरी वाली कल्पना का भी ख़याल रखा.

द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर के निर्देशक से जुड़ी कंपनी पर ब्रिटेन में टैक्स धोखाधड़ी का आरोप

'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' के निर्देशक विजय रत्नाकर गुट्टे से जुड़ी कंपनी वीआरजी डिजिटल कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड को न केवल भारतीय कर कानूनों के उल्लंघन के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि उस पर ब्रिटेन में भी टैक्स छूट के लिए धोखाधड़ी करने का आरोप है.

भारत को नसीरुद्दीन शाह जैसे और लोगों की ज़रूरत है

जहां बॉलीवुड के अधिकतर अभिनेता सच से मुंह मोड़ने और चुप्पी ओढ़ने के लिए जाने जाते हैं, वहीं मुखरता नसीरुद्दीन शाह की पहचान रही है. उनका व्यक्तित्व उन्हें फिल्म इंडस्ट्री की उस भीड़ से अलग करता है, जिसके लिए शक्तिशाली की शरण में जाना, गिड़गिड़ाते हुए माफ़ी मांगना और कभी भी मन की बात न कहना एक रिवाज़-सा बन चुका है.

फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ को लेकर भाजपा-कांग्रेस के बीच ज़बानी जंग

भाजपा के आधिकारिक फेसबुक और ट्विटर एकाउंट पर फिल्म का ट्रेलर साझा किया गया. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि फिल्म पार्टी के ख़िलाफ़ भाजपा का दुष्प्रचार है. महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस ने रिलीज़ से पहले स्पेशल स्क्रीनिंग की मांग की. मध्य प्रदेश सरकार ने फिल्म पर प्रतिबंध की ख़बर को ग़लत बताया.

‘वीराना’, ‘बंद दरवाज़ा’, ‘तहख़ाना’ जैसी हॉरर फिल्मों के निर्देशक तुलसी रामसे का निधन

भारतीय सिनेमा में हॉरर श्रेणी की फिल्मों में सबसे लंबे समय तक रामसे ब्रदर्स का दबदबा था. तुलसी रामसे एफयू रामसे के पुत्र थे और सात भाइयों में एक थे. ज़ी टीवी पर प्रसारित हुए बहुचर्चित ‘ज़ी हॉरर शो’ का भी किया था निर्देशन.

मुझे अपनी मिडिल क्लास मानसिकता से बाहर आने में 40 साल लग गए: आदिल हुसैन

वीडियो: ‘लाइफ ऑफ पाई’, ‘ज़ेड प्लस’, ‘इंग्लिश विंग्लिश’, ‘इश्क़िया’, ‘मुक्ति भवन’ और ‘ह्वॉट विल पीपल से’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता आदिल हुसैन के साथ फ़ैयाज़ अहमद वजीह की बातचीत.

रजनीकांत और अक्षय कुमार की फिल्म ‘2.0’ पर रोक लगाने की मांग

सेल्युलर आॅपरेटर्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया ने आरोप लगाया है कि मोबाइल टावर और स्मार्ट फोन से होने वाले रेडिएशन प्रभावों पर गलत जानकारी फैलाई जा रही है. इससे डर की स्थिति पैदा होगी.

एक उदास और ख़ाली दौर में अज़ीज़ की आवाज़ सावन की तरह थी

मोहम्मद अज़ीज़ के कई गानों में अमीरी और ग़रीबी का अंतर दिखेगा. हम समझते हैं कि गायक को गाने संयोग से ही मिलते हैं फिर भी अज़ीज़ उनके गायक बन गए जिन्हें कहना नहीं आया, जिन्हें लोगों ने नहीं सुना.

अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने कोमा में गई बेटी से मिलवाने के लिए अदालत से लगाई गुहार

बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दाख़िल कर अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने अपने दामाद पर आरोप लगाया है कि वह उनकी बेटी से मिलने नहीं देते इसलिए उचित देखभाल के लिए उन्हें बेटी का अभिभावक घोषित किया जाए.

‘चमकीला के गीतों में अफ़ीम जैसा नशा था, इसी ने मुझे उन पर फिल्म बनाने को प्रेरित किया’

साक्षात्कार: वर्ष 1988 में पंजाब के प्रसिद्ध लोक गायक अमर सिंह चमकीला की 27 साल की उम्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. कहा जाता है कि उनके गीतों की वजह से उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया. उनकी ज़िंदगी पर आधारित फिल्म ‘मेहसमपुर’ रिलीज़ होने वाली है. फिल्म के निर्देशक कबीर सिंह चौधरी से प्रशांत वर्मा की बातचीत.

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