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न्यायाधीशों की नियुक्ति न्यायाधीश करते हैं, यह धारणा ग़लत है: एनवी रमना

प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने कॉलेजियम प्रणाली का बचाव करते हुए कहा कि न्यायिक नियुक्तियों पर उच्चतम न्यायालय के फ़ैसले जनता के विश्वास को बनाए रखने के मक़सद से होते हैं. न्यायाधीशों की नियुक्ति लंबी परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से होती है, जहां कई हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया जाता है.

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए स्वतंत्र कॉलेजियम के गठन की मांग को लेकर याचिका

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग के सदस्यों की नियुक्ति में केवल कार्यपालिका अकेली प्रतिभागी नहीं हो सकती, क्योंकि इससे सत्तारूढ़ दल को अपने प्रति निष्ठावान किसी अधिकारी को चुनने का विशेषाधिकार मिल जाता है.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

क़रीब 57.51 लाख लंबित मामलों में 54 प्रतिशत पांच उच्च न्यायालयों में: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश के 25 उच्च न्यायालयों में 57.51 लाख से अधिक लंबित मामलों में 54 प्रतिशत मामले पांच उच्च न्यायालयों- इलाहाबाद, पंजाब एवं हरियाणा, मद्रास, बॉम्बे और राजस्थान में हैं. राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड के डेटा के अनुसार, 56.4 प्रतिशत लंबित मामले पिछले पांच वर्षों के दौरान मामले दायर किए गए हैं, जबकि 40 प्रतिशत लंबित मामले 5 से 20 साल पहले दर्ज किए गए थे.

जजों की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए कोर्ट ने केंद्र को दी समयसीमा, कहा- अदालतों की स्थिति ख़राब

सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए समयसीमा पर ज़ोर देते हुए ऐसे उच्च न्यायालयों को लेकर चिंता व्यक्त की, जहां न्यायाधीशों के 40-50 प्रतिशत पद रिक्त हैं. कोर्ट ने कहा कि अगर कॉलेजियम अपनी सिफ़ारिशों को सर्वसम्मति से दोहराता है तो केंद्र को तीन-चार सप्ताह के भीतर न्यायाधीशों की नियुक्ति कर देनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कॉलेजियम के भेजे नामों को मंज़ूरी देने की समयसीमा बताने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा कि वे एक तर्कसंगत समयसीमा बताए जिसके अंदर वे शीर्ष अदालत के कॉलेजियम द्वारा जजों की नियुक्ति के लिए की गई सिफ़ारिशों पर कार्रवाई कर सकता है. कोर्ट ने यह भी पूछा कि उसके कॉलेजियम द्वारा भेजे गए दस नाम, जो सरकार के पास डेढ़ साल से लंबित हैं, को कब तक मंज़ूरी मिलने की उम्मीद की जा सकती है.

न्याय व्यवस्था के लिए नियुक्तियां-तबादले अहम, इनमें हस्तक्षेप ठीक नहीं होता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने जस्टिस अकील कुरैशी की पदोन्नति के मामले में कॉलेजियम की सिफ़ारिश लागू करने का केंद्र को निर्देश देने के लिए गुजरात उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की.

देश के 25 उच्च न्यायालयों में जजों के 414 पद ख़ाली

उच्च न्यायालयों में कुल 1,079 न्यायाधीश होने चाहिए. क़ानून मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक एक सितंबर को हाईकोर्ट में जजों के 414 पद खाली थे, जो इस साल की अब तक की सर्वाधिक रिक्तियां हैं.

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने पीएम को पत्र लिख कहा- कॉलेजियम सिस्टम में है भाई-भतीजावाद और जातिवाद

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस रंगनाथ पांडेय ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट दोनों के जजों की नियुक्ति लॉबिंग और पक्षपात के आधार पर होती है. जस्टिस पांडेय 4 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले हैं.

Mumbai: A security personnel stands guard during the RBI's bi-monthly policy review, in Mumbai, Thursday, June 6, 2019. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI6_6_2019_000048B)

आरबीआई यूनियन ने कहा, स्वायत्तता के लिए गवर्नर और डिप्टी गवर्नरों का चयन कॉलेजियम से हो

रिज़र्व बैंक कर्मचारी यूनियन की ओर से कहा गया है कि इस तरह के संवेदनशील और महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति का फैसला मंत्रालय के कुछ अधिकारियों द्वारा नहीं किया जाना चाहिए. न ही वित्त मंत्री को यह काम करना चाहिए.

आपराधिक मानहानि क़ानून ख़त्म होना चाहिए, राजद्रोह क़ानून की हो समीक्षा: जस्टिस लोकुर

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन बी. लोकुर ने एक कार्यक्रम में कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद जजों की नियुक्तियों को लेकर एक सीमा तय होनी चाहिए.

जज पदोन्नति: जस्टिस लोकुर ने कॉलेजियम के 12 दिसंबर के निर्णय को सार्वजनिक न करने पर निराशा जताई

12 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने जस्टिस प्रदीप नंदराजोग और जस्टिस राजेंद्र मेनन की पदोन्नति करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन 10 जनवरी को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने वरिष्ठता को दरकिनार करते हुए जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना को पदोन्नत किया.

New Delhi: Chief Justice of India Justice Dipak Misra and CJI-designate Justice Ranjan Gogoi during the launch of SCBA Group Life Insurance policy, at the Supreme court lawns, in New Delhi, Tuesday, Sep 26, 2018. (PTI Photo/ Shahbaz Khan) (PTI9_26_2018_000111B)

मास्टर ऑफ रोस्टर अब मास्टर ऑफ कॉलेजियम भी बन गए हैं

उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण फैसले और प्रस्ताव मुख्य न्यायाधीश द्वारा कॉलेजियम की सहमति दरकिनार करते हुए मनमाने और अनौपचारिक तरीके से लिए जा रहे हैं.

**FILE PHOTO** New Delhi: A file photo of Chief Justice of Uttarakhand High Court K M Joseph during the inauguration of the Joint Conference of Chief Ministers and Chief Justices at Vigyan Bhavan in New Delhi on Sunday, April 24, 2016. PTI Photo by Shahbaz Khan (PTI4_26_2018_000058B)

जस्टिस केएम जोसेफ बने सुप्रीम कोर्ट के जज, वरिष्ठता संबंधी आपत्तियां केंद्र द्वारा ख़ारिज

सुप्रीम कोर्ट के कुछ सीनियर जजों ने जस्टिस केएम जोसेफ की वरिष्ठता को लेकर आपत्ति जाहिर की थी. जजों का तर्क है कि चूंकि कॉलेजियम ने पहले ही जस्टिस जोसेफ के नाम की सिफारिश की थी इसलिए उन्हें पहले नंबर पर रखा जाना चाहिए.

**FILE PHOTO** New Delhi: A file photo of Chief Justice of Uttarakhand High Court K M Joseph during the inauguration of the Joint Conference of Chief Ministers and Chief Justices at Vigyan Bhavan in New Delhi on Sunday, April 24, 2016. PTI Photo by Shahbaz Khan (PTI4_26_2018_000058B)

कॉलेजियम की सिफारिश को सरकार ने माना, जस्टिस केएम जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में होगी नियुक्ति

केंद्र सरकार ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम द्वारा जस्टिस जोसेफ की सिफारिश को वापस भेज दिया था. सरकार का तर्क था कि जस्टिस जोसेफ से सीनियर कई जज हैं, जिन्हें मौका मिलना चाहिए.

**FILE PHOTO** New Delhi: A file photo of Chief Justice of Uttarakhand High Court K M Joseph during the inauguration of the Joint Conference of Chief Ministers and Chief Justices at Vigyan Bhavan in New Delhi on Sunday, April 24, 2016. PTI Photo by Shahbaz Khan (PTI4_26_2018_000058B)

कॉलेजियम ने पदोन्नति के लिए जस्टिस केएम जोसेफ के नाम की फिर की सिफ़ारिश

केंद्र सरकार ने अप्रैल महीने में जस्टिस केएम जोसेफ के नाम की सिफ़ारिश संबंधी फाइल कॉलेजियम को पुनर्विचार के लिए प्रधान न्यायाधीश को लौटा दी थी और जस्टिस इंदु मल्होत्रा के नाम को मंज़ूरी दे दी थी.