communal riots

गुजरात दंगा: अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोगों की हत्या के मामले में अदालत ने 22 आरोपियों को बरी किया

गुजरात में 2002 के गोधरा कांड के बाद हुए दंगे के एक मामले में दो बच्चों सहित अल्पसंख्यक समुदाय के 17 सदस्यों की हत्या के 22 आरोपियों में से आठ की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है. अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़ितों को एक मार्च, 2002 को मार दिया गया था और सबूत नष्ट करने के इरादे से उनके शव भी जला दिए गए थे.

मुस्लिम विरोधी हिंसा भारतीय मुस्लिमों के जीवन के हर पहलू को मिटाने का प्रयासः बेबाक कलेक्टिव

मुंबई के संगठन बेबाक कलेक्टिव ने हालिया सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं के मद्देनज़र कहा कि इन्हें धार्मिक सहअस्तित्व की प्रथा को मिटानेकी कोशिशों के व्यापक पैटर्न के रूप में देखे जाने की ज़रूरत है. ये सांप्रदायिक दंगे आरएसएस और बजरंग दल जैसे दक्षिणपंथी संगठनों की सामाजिक नफ़रत का प्रमाण हैं.

‘कर्बला दर कर्बला’ भागलपुर दंगों की विभीषिका की तहें खोलने का प्रयास है

पुस्तक समीक्षा: गौरीनाथ के ‘कर्बला दर कर्बला’ की दुनिया से गुज़रने के बाद भी गुज़र जाना आसान नहीं है. 1989 के भागलपुर दंगों पर आधारित इस उपन्यास के सत्य को चीख़-ओ-पुकार की तरह सुनना और सहसा उससे भर जाना ऐसा ही है मानो किसी ने अपने समय का ‘मर्सिया’ तहरीर कर दिया हो.

मुंबई: रामनवमी जुलूस के बाद भाजपा नेताओं समेत 20 से अधिक लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

उत्तरी मुंबई के मालवणी इलाके में रामनवमी जुलूस के दौरान समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में भाजपा नेताओं तेजिंदर तिवाना, विनोद शेलार और बजरंग दल के पदाधिकारियों समेत 20 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा मानखुर्द इलाके में इसी दिन हुई हिंसा में शामिल होने के आरोप में सात लोगों को गिरफ़्तार किया गया और चार अन्य को हिरासत में लिया गया है.

मध्य प्रदेश: सरकार ने खरगोन में रामनवमी हिंसा के आरोपियों के अवैध निर्माण गिराए

इंदौर के संभागायुक्त पवन शर्मा के मुताबिक, हिंसा के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों से की जाएगी. अब तक 84 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और इन आरोपियों के 50 अवैध निर्माणों की पहचान की गई है, जिन्हें गिराना शुरू हो चुका है. हिंसा को लेकर अफ़वाह फैलाने के लिए राज्य सरकार के चार कर्मचारियों के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की गई है.

दिल्ली दंगा: इशरत जहां को ज़मानत, अदालत ने कहा- वह चक्का जाम या साज़िश का हिस्सा नहीं थीं

पूर्व कांग्रेसी पार्षद इशरत जहां उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में कथित संलिप्तता के आरोप में 26 फरवरी 2020 से जेल में थीं. सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि आरोप-पत्र में ऐसा कुछ नहीं है जिससे पता चले कि इशरत जहां फरवरी 2020 में हुए दंगों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली के क्षेत्रों में मौजूद थीं या इन दंगों की कथित साज़िश में शामिल किसी संगठन या वॉट्सऐप ग्रुप की सदस्य थीं.

मुज़फ़्फ़रनगर दंगों के आठ साल बाद भी नर्क जैसा जीवन जीने को मजबूर दंगा विस्थापित

वीडियो: सितंबर 2013 में उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में हुए सांप्रदायिक दंगों में 60 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और 60 हज़ार से अधिक बेघर हो गए थे. दंगों में भाजपा नेताओं के शामिल होने के आरोप लगे थे और पार्टी के कुछ विधायकों को सांप्रदायिक भाषण देने और दंगा भड़काने के लिए जेल जाना पड़ा था. आठ साल बाद द वायर की टीम दंगों में विस्थापित हुए परिवारों का हाल जानने की कोशिश की.

दिल्ली दंगा मामले में दोषी ठहराए गए पहले व्यक्ति को मिली पांच साल जेल की सज़ा

अदालत ने बीते साल छह दिसंबर को दिनेश यादव को 73 वर्षीय मनोरी देवी के घर को दिल्ली दंगों के दौरान 25 फरवरी, 2020 को आग लगाने वाली दंगाई भीड़ का सक्रिय सदस्य होने का दोषी पाया था. अदालत ने दोषी तय करते हुए कहा था कि केवल यह तथ्य कि यादव को शिकायतकर्ता के घर में घुसते या तोड़फोड़ या लूटपाट या आग लगाते नहीं देखा गया था, इसका मतलब यह नहीं है कि वह केवल चुपचाप दर्शक की भांति खड़ा था.

दिल्ली दंगा: हाईकोर्ट ने कहा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता सुनिश्चित करना अदालत का संवैधानिक कर्तव्य

2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े हत्या के एक मामले में छह आरोपियों को ज़मानत देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि ज़मानत नियम है और जेल अपवाद. यह सुनिश्चित करना अदालत का संवैधानिक कर्तव्य है कि सरकार द्वारा अतिरिक्त शक्तियों का इस्तेमाल किए जाने की स्थिति में व्यक्तिगत स्वतंत्रता से किसी को मनमाने तरीके से वंचित नहीं किया जाए.

दिल्ली दंगा: लोक अभियोजक के 10 महीने तक पेश नहीं होने पर अदालत ने जुर्माना लगाया

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने विशेष लोक अभियोजक की अनुपलब्धता के चलते फरवरी 2020 के सांप्रदायिक दंगों के एक मामले में सुनवाई के दौरान स्थगन अनुरोध के बाद 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया. न्यायाधीश ने कहा कि मामले में 30 जनवरी 2021 को आरोप-पत्र दाख़िल किए जाने के बाद से लोक अभियोजक एक बार भी अदालत में पेश नहीं हुए हैं.

दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में हाईकोर्ट ने 20 वर्षीय छात्र को ज़मानत दी

अप्रैल 2020 से हिरासत में रखे गए एक छात्र पर दंगा भड़काने का आरोप लगाते हुए अभियोजन पक्ष ने सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए ज़मानत का विरोध किया था. हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता महज़ बीस साल का छात्र है और उसके द्वारा सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका दूर-दूर तक नज़र नहीं आती.

दिल्ली दंगों के सिलसिले में दर्ज 758 प्राथमिकी में से 361 में आरोप-पत्र दाख़िल, 67 में आरोप तय: पुलिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले साल सीएए के विरोध में प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में हिंसा और नफरत फैलाने के संबंध में दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह राष्ट्रीय राजधानी में फरवरी 2020 में हुए दंगे के सिलसिले में दर्ज आपराधिक मामलों की स्थिति रिपोर्ट हलफनामे के साथ जमा करे.

दिल्ली दंगा: चार पर हत्या के आरोप तय, कोर्ट ने कहा- दंगों की आड़ में ‘सोचा समझा हमला’ था

दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के दंगों के दौरान एक व्यक्ति की कथित हत्या को सुनियोजित हमला बताते हुए चार आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या, दंगा और आपराधिक साज़िश के आरोप तय किए हैं. इन सभी पर आंबेडकर कॉलेज के पास एक व्यक्ति की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई कर हत्या करने का आरोप है.

दिल्ली दंगा: आरोपी को ‘अनावश्यक रूप से प्रताड़ित’ करने पर पुलिस पर जुर्माना

दिल्ली की एक अदालत ने फरवरी 2020 के दंगों के मामले संबंधी एक अर्ज़ी दायर करने में देरी के लिए पुलिस पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा कि इन मामलों में पुलिस आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निजी हस्तक्षेप करने के लिए बार-बार दिए गए निर्देशों को नज़रअंदाज़ किया गया.

दिल्ली दंगों की जांच को लेकर पुलिस को कई बार फटकार लगा चुके अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश का तबादला

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव दिल्ली के कड़कड़डूमा ज़िला अदालत में दंगों संबंधी कई मामलों की सुनवाई कर रहे थे. उनका स्थानांतरण नई दिल्ली ज़िले की राउज़ एवेन्यू अदालत में विशेष न्यायाधीश (पीसी कानून) (सीबीआई) के रूप में किया गया है. जस्टिस यादव ने दिल्ली दंगों को लेकर पुलिस की जांच को लेकर सवाल उठाते हुए उसे कई बार फटकार लगा चुके हैं. उन्होंने अधिकतर मामलों में जांच के मापदंड को घटिया बताया था.