Custodial Death

बीते दो सालों में पुलिस हिरासत में 4,484 मौतें, उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक: केंद्र सरकार

लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि देश भर में साल 2020 में हिरासत में मौत के 1,940 और साल 2021 में 2,544 मामले दर्ज किए गए. सरकारी डेटा के अनुसार, साल 2020 में पुलिस एनकाउंटर में मौत के 82 और साल 2021 में 151 मामले दर्ज किए गए.

जम्मू कश्मीर: हिरासत में मौत मामले में क्राइम ब्रांच को पुलिस पर केस दर्ज करने का निर्देश

जम्मू कश्मीर पुलिस ने बीते 9 जुलाई को श्रीनगर के नाटीपोरा इलाके में रहने वाले 21 वर्षीय युवक मुस्लिम मुनीर लोन को चोरी के एक मामले में हिरासत में लिया था. आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने बेहोशी की हालत में उन्हें वापस उनके घर पहुंचा दिया था. फ़िर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर गए थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था.

उत्तर प्रदेश: हाथरस ज़िले में हिरासत में मौत के संबंध में दो और गिरफ़्तार

बीते 16 मई को हिंदू जागरण मंच के एक कार्यकर्ता की कथित तौर पर हिरासत में मौत हो गई थी. हाथरस ज़िले के चांदपा थाने में दर्ज मौत के मामले में पांच पुलिसकर्मियों समेत कुल 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जबकि पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, इनमें से दो के ख़िलाफ़ हत्या की एफ़आईआर दर्ज की गई है.

कासगंज हिरासत में मौतः अल्ताफ़ के पिता बोले- इंसाफ़ की लड़ाई मुश्किल, पर कोर्ट ने ग़रीबों की सुनी

यूपी के कासगंज ज़िले में एक नाबालिग लड़की की गुमशुदगी के सिलसिले में हिरासत में लिए गए अल्ताफ़ की बीते साल नवंबर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. पुलिस ने इसे ख़ुदकुशी बताया था जबकि मृतक के परिजनों ने पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटे जाने से अल्ताफ़ की मौत होने का आरोप लगाया था. अब कोर्ट ने अल्ताफ़ का शव निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम करवाने का निर्देश दिया है.

कासगंज हिरासत में मौत: कोर्ट ने पीड़ित का शव निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम करने का निर्देश दिया

उत्तर प्रदेश के कासगंज ज़िले में एक नाबालिग लड़की के गुमशुदगी के सिलसिले में हिरासत में लिए गए अल्ताफ़ बीते साल नवंबर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी. पुलिस ने इसे ख़ुदकुशी बताया था जबकि मृतक के परिजनों ने पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटे जाने से अल्ताफ़ की मौत होने का आरोप लगाया था.

लखीमपुर खीरी: पुलिस की कथित पिटाई से नाबालिग की मौत का आरोप, तीन पुलिसकर्मी निलंबित

मामला लखीमपुर खीरी ज़िले की संपूर्णानगर कोतवाली के कमलापुरी गांव का है, जहां के एक 17 वर्षीय युवक को मोबाइल चोरी के आरोप में खजुरिया चौकी में हिरासत में लिया गया था. आरोप है कि वहां उसकी बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके बाद युवक ने एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया.

तमिलनाडु: कथित तौर पर पुलिस हिरासत में विशेष रूप से सक्षम दलित की मौत

तमिलनाडु के सेलम ज़िले के रहने वाले प्रभाकर और उनकी पत्नी को चोरी के संदेह में तीन थानों की पुलिस उनके घर से मारपीट करके जबरन उठा ले गई थी. चार दिन बाद पुलिस ने उनके परिवार को सूचित किया कि प्रभाकर अस्पताल में हैं और उसकी हालत गंभीर है. हिरासत में प्रताड़ना के आरोपों के बीच तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

‘जय भीम’ के निर्देशक ने वन्नियार समुदाय को आहत करने पर खेद जताया

तमिल, तेलुगु सहित कई भाषाओं में आई फिल्म ‘जय भीम’ पर तमिलनाडु में विवाद खड़ा हो गया है. वन्नियार समुदाय का आरोप है कि फिल्म में उन्हें ग़लत तरीके से दिखाया गया है. निर्देशक टीजे ज्ञानवेल ने कहा कि विवाद की पूरी ज़िम्मेदारी उनकी है और इसके लिए अभिनेता सूर्या को निशाना बनाना अनुचित है.

बीते 20 सालों में हिरासत में मौत के 1,888 मामले, 26 पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया: रिपोर्ट

एनसीआरबी और क्राइम इन इंडिया की 2001-2020 की रिपोर्ट्स से तैयार किया गया डेटा बताता है कि कुल 1,888 में से 893 में पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किए गए और 358 के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दायर हुए. हालांकि इन सालों में केवल छब्बीस पुलिसकर्मियों को दोषी साबित किया जा सका.

कासगंज मामला: युवक की हिरासत में मौत के तीन दिन बाद ‘लापता’ लड़की मिली- पुलिस

उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक नाबालिग लड़की के ‘गुमशुदगी’ के सिलसिले में अल्ताफ़ नाम के युवक को हिरासत में लिया गया था, जहां उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. पुलिस ने बताया है कि लड़की 12 नवंबर को कासगंज रेलवे स्टेशन पर मिली.

कासगंज में अल्ताफ़ की मौत: क्या पुलिस हिरासत में की गई हत्या है?

वीडियो: उत्तर प्रदेश के कासगंज ज़िले में एक ‘गुमशुदा’ लड़की के मामले में हिरासत में लिए गए 22 वर्षीय युवक अल्ताफ़ की पुलिस थाने में बीते 8 नवंबर को मौत हो गई थी. इसे लेकर एक एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. पुलिस का दावा है कि अल्ताफ़ ने शौचालय के नल की टोटी से फांसी लगाकर आत्महत्या की है.

कासगंज मामलाः पुलिस हिरासत में युवक की मौत के कई दिनों बाद एफआईआर दर्ज

नौ नवंबर को कासगंज में अल्ताफ़ नाम के युवक की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. पुलिस ने इसे ख़ुदकुशी बताया है जबकि मृतक के परिजनों ने पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटे जाने से मौत होने का आरोप लगाया है.

कासगंज मामला: मृत युवक के परिजनों ने मांगा न्याय, कहा- पुलिस ने गढ़ी आत्महत्या की कहानी

नौ नवंबर को कासगंज में अल्ताफ़ नाम के युवक की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. पुलिस ने इसे ख़ुदकुशी बताया है जबकि मृतक के परिजनों ने पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटे जाने से मौत होने का आरोप लगाया है. अल्पसंख्यक आयोग ने मामले में यूपी प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है.

जय भीम: आशा और निराशा दोनों के यथार्थ दिखाता न्याय का संघर्ष

टीजे ज्ञानवेल की जय भीम उम्मीद और नाउम्मीदी की फ़िल्म है. उम्मीद इसलिए कि यह दिखाती है कि इंसाफ़ के लिए लड़ा जा सकता है, जीता भी जा सकता है. नाउम्मीदी इसकी कि शायद हमारे इस वक़्त में यह सब कुछ एक सपना बनकर रह गया है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत में मौत की सीबीआई जांच का निर्देश दिया

उत्तर प्रदेश के जौनपुर ज़िले में 24 वर्षीय एक व्यक्ति की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी. इस मामले में अजय कुमार यादव ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पुलिस उनके भाई को 11 फरवरी, 2021 को जबरदस्ती अपने साथ ले गई और उन्हें थाने में रखा था. अगले दिन बताया गया कि उनके भाई की मौत हो गई है.