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हमारा संविधान: अनुच्छेद-17 और 18, अस्पृश्यता और उपाधियों का उन्मूलन

वीडियो: संविधान के अनुच्छेद 17 के तहत जातिवाद के आधार पर होने वाली छुआछूत या अस्पृश्यता के भेदभाव को गैर-संविधानिक माना गया है. वहीं, अनुच्छेद 18 के तहत सभी प्रकार की उपाधि देने की व्यवस्था को ख़त्म कर दिया गया. इनके बारे में विस्तार से बता रही हैं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल.

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हमारा संविधान: अनुच्छेद-16 और सरकारी नौकरियों में समान अवसर

वीडियो: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 16 सरकारी नौकरियों में समानता की बात कहता है. इसके मुताबिक धर्म, जाति, लिंग आदि के नाम पर सरकारी नौकरियों में नियुक्ति और पदोन्नति में भेदभाव नहीं किया जा सकता. यदि सरकार को ये लगता है कि कुछ जाति या समुदाय के लोगों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है, तो उनके लिए आरक्षण किया जा सकता है.

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति साइरिल रामाफोसा (फोटो: रॉयटर्स)

अमीर-ग़रीब देश का भेद मिटा कोविड टीकों का वितरण नैतिक रूप से ज़रूरी: दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति साइरिल रामाफोसा ने कहा ​है कि संपन्न देशों में लाखों लोगों का टीकाकरण हो चुका है, जबकि ग़रीब देशों में अरबों लोग टीके का इंतज़ार कर रहे हैं. महामारी के ख़ात्मे के लिए प्रभावी और समावेशी वैश्विक टीकाकरण बहुत ज़रूरी है. आप तब तक सुरक्षित रहने की उम्मीद नहीं कर सकते, जब तक कि हम सभी सुरक्षित न हों.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

गुजरात: मूंछ रखने के लिए दलित युवक पर 11 लोगों ने किया हमला, तीन गिरफ़्तार

अहमदाबाद के वीरमगाम तालुका के कराथकल गांव का मामला है. अनुसूचित जाति के सुरेश वाघेला ने शिकायत की है कि लंबी मूंछ रखने के कारण अन्य पिछड़ा वर्ग के 11 लोगों ने उस पर हमला किया और जाति सूचक गालियां दीं.

(प्रतीकात्मक फोटोः नेविल जावेरी/फ्लिकर)

महाराष्ट्र: जाति पंचायत ने दूसरी शादी करने पर महिला को थूक चाटने की सुनाई सज़ा

घटना बीते नौ अप्रैल को महाराष्ट्र के अकोला ज़िले के वडगांव में हुई थी, महिला के शिकायत दर्ज कराने के बाद यह मामला सामना आया है. जाति पंचायत ने महिला पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. पुलिस ने बताया कि जाति पंचायत के 10 सदस्यों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है.

(फोटो: पीटीआई)

जजों के लिए पांच सितारा होटल में कोविड केंद्र बनाने का अनुरोध नहीं किया गया: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली में चाणक्यपुरी की एसडीएम गीता ग्रोवर ने अशोका होटल में 100 रूम अलग करने और एक कोविड हेल्थ केयर सुविधा केंद्र में तब्दील करने के लिए उन्हें प्राइमस अस्पताल को सौंपने का एक आदेश जारी किया था. दिल्ली सरकार ने अब इस आदेश को वापस ले लिया है.

अशोका होटल. (फोटो: आईटीडीसी)

दिल्ली सरकार ने पांच सितारा होटल में हाईकोर्ट जजों के लिए कोविड अस्पताल बनाने का निर्णय लिया

दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने पांच सितारा अशोका होटल में हाईकोर्ट के जजों, न्यायिक अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए एक विशेष कोविड हेल्थ केयर केंद्र स्थापित करने का फैसला लिया है. महामारी के दौर में जब आम नागरिकों के लिए बेड और ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हैं, तब जजों के लिए ऐसी सुविधा पर लोग सवाल उठा रहे हैं.

(फोटो साभार: अरिजीत)

बाबा साहेब के सपनों को साकार करने के लिए जातिवादी व्यवस्था के विरुद्ध मुहिम तेज़ करनी होगी

कोई भी राजनीतिक दल जाति व्यवस्था के अंत का बीड़ा नहीं उठाना चाहता है, न ही कोई सामाजिक आंदोलन इस दिशा में अग्रसर है. बल्कि, जाति आधारित संघों का विस्तार तेज़ी से हो रहा है. यह राष्ट्र एवं समाज के लिए एक घातक संकेत है.

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हमारा संविधान: अनुच्छेद-15 भेदभाव के ख़िलाफ़ निषेध

वीडियो: भारत में धर्म, कुल, जाति, लिंग, जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता. संविधान का अनुच्छेद 15 क्या कहता है? कैसे न्यायालयों ने भेदभाव करने वाले बहुत सारे क़ानूनों को ग़ैर-संविधानिक क़रार दिया.

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दलितों को इंसान समझे जाने का अभी भी इंतज़ार है: यशिका दत्त

वीडियो: हाल ही में यशिका दत्त को उनकी अंग्रेज़ी संस्मरणात्मक किताब ‘कमिंग आउट ऐज़ अ दलित’ के लिए साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. यशिका दत्त से दामिनी यादव की बातचीत.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

आरक्षण गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम नहीं, वंचितों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का तरीका है

बढ़ती सामाजिक असमानता के दौर में देश की शीर्ष अदालत का आरक्षण पर सवाल उठाना निराशाजनक है और यह वंचित तबके का न्यायपालिका में भरोसा कम करता है.

Sant Ravidas Wikipedia

‘जब सभ कर दोउ हाथ पग दोउ नैन दोउ कान, रविदास पृथक कइसे भये हिंदू औ मूसलमान’

संत कवियों की लंबी परंपरा में एक रविदास ही ऐसे हैं जो श्रम को ईश्वर बताकर ऐसे राज्य की कल्पना करते हैं, जो भारतीय संविधान के समता, स्वतंत्रता, न्याय व बंधुत्व पर आधारित अवधारणा के अनुरूप है.

(फोटो: रॉयटर्स)

सुप्रीम कोर्ट ने ग़रीब बच्चों को गैजेट्स, इंटरनेट उपलब्ध कराने संबंधी के आदेश पर रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले साल सितंबर में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन कक्षाओं के लिए आर्थिक रूप से कमज़ोर अथवा वंचित समूह श्रेणी के अंतर्गत आने वाले छात्रों को गैजेट्स और इंटरनेट पैकेज उपलब्ध कराने के लिए निजी और सरकारी स्कूलों को निर्देश दिया था.

(इलस्ट्रेशन: परिप्लब चक्रवर्ती/द वायर)

क्या भारत कट्टरता के मामले में पाकिस्तान बनने की राह पर है?

बहुत साल पहले पाकिस्तान की कवियित्री फ़हमीदा रियाज़ ने लिखा था कि ‘तुम बिल्कुल हम जैसे निकले, अब तक कहां छुपे थे भाई. वो मूरखता वो घामड़पन, जिसमें हमने सदी गंवाई, आख़िर पहुंची द्वार तुम्हारे… देश के आज के हालात में ये पंक्तियां सच के काफ़ी क़रीब नज़र आती हैं.

(प्रतीकात्मक फोटोः नेविल जावेरी/फ्लिकर)

उत्तर प्रदेशः कथित तौर पर सरकारी हैंडपंप छूने पर दलित व्यक्ति से मारपीट, मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले की घटना. पुलिस ने बताया कि यह मामला पिछले दो महीनों से चल रहा है. पुलिस कई बार मामले को सुलझा चुकी है और फ़िलहाल मामले की जांच जारी है.