2018 से उच्च शिक्षण संस्थानों में आत्महत्या से 98 छात्रों की मौत: केंद्र

केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2018 और 2023 के बीच उच्च शिक्षा संस्थानों में आत्महत्या करने वाले इन 98 छात्रों में से सबसे ज्यादा 39 आईआईटी से, 25 एनआईटी से और 25 केंद्रीय विश्वविद्यालयों से, चार आईआईएम से, तीन आईआईएसईआर से और दो आईआईआईटी से थे.

साल 2019 से 34,035 छात्रों ने उच्च शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई छोड़ दी

शिक्षा मंत्रालय ने संसद में बताया कि 2019 और 2023 के बीच केंद्रीय विश्वविद्यालयों, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एनआईटी जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों में लगभग आधे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणियों से संबंधित थे.

सुप्रीम कोर्ट में भीड़ की हिंसा और लिंचिंग पर केंद्र, राज्य सरकारों से स्टेटस रिपोर्ट तलब की

जुलाई 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को भीड़ द्वारा हिंसा और लिंचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कई दिशानिर्देश दिए थे. अब अदालत ने 2018 से ऐसी हिंसक घटनाओं के संबंध में दर्ज की गई शिकायतों, एफआईआर और अदालतों में पेश किए गए चालान से संबंधित वर्षवार डेटा दाखिल करने का निर्देश दिया है.

राष्ट्रगान न गाने पर सज़ा: किसी का सम्मान करने को बाध्य कैसे किया जा सकता है

भारत का कश्मीर के साथ रिश्ता इंसानी रिश्ता नहीं है. वह ताक़तवर और कमज़ोर का संबंध है. कमज़ोर जब चीख नहीं सकता तो ख़ामोश रहकर अपना प्रतिरोध दर्ज करता है. ताक़तवर के पास उसे इसकी सज़ा देने की ताक़त है.

‘कोई मजिस्ट्रेट उन मुलज़िमों के साथ इंसाफ़ नहीं कर सकता जिनके साथ ख़ुद सरकार ऐसा करना न चाहे’

कभी-कभार | अशोक वाजपेयी: मौलाना अबुल कलाम आज़ाद द्वारा बग़ावत के इल्ज़ाम में उन पर चलाए गए एक मुक़दमे में क़रीब सौ साल पहले कलकत्ते की एक अदालत में पेश लिखित बयान ‘क़ौल-ए-फ़ैसल: इंसाफ़ की बात’ शीर्षक से किताब की शक्ल में सामने आया है.

देश में आगामी चुनाव बहुलतावादी लोकतंत्र को बचाने के सामूहिक संकल्प की परीक्षा होंगे

नागरिकों की चेतना को आत्मसमर्पण के लिए भ्रमित करने की बाध्यकारी राजनीति को ख़त्म करने की जरूरत है. जो लोग वैकल्पिक नेतृत्व की बात कर रहे हैं उनके कंधों पर ऐसे ऐतिहासिक मार्ग को चुनने और बनाने के साथ उस पर चलने की बड़ी चुनौती है.

गुजरात: कथित रूप से दूषित पानी पीने से कम से कम 25 ऊंटों की मौत

गुजरात के भरूच ज़िले के कछीपुरा गांव का मामला. ग्रामीणों का कहना है कि कच्चे तेल को क्षेत्र से ले जाने वाली पाइपलाइन के रिसाव के कारण तालाब कथित रूप से दूषित हो गया था. उनके अनुसार, गांव पिछले कुछ समय से पानी की गंभीर समस्या का सामना कर रहा है.

हरियाणा: किसानों पर बिजली चोरी का जुर्माना बढ़ाने वाला सर्कुलर वापस लिया गया

हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग की ओर से जारी एक सर्कुलर में बिजली चोरी पर किसानों के लिए जुर्माने की राशि बढ़ाकर 6 लाख रुपये तक कर दी गई थी, जबकि पहले यह 2,000 रुपये से 20,000 रुपये के बीच थी.

कर्नाटक: मुख्यमंत्री के ‘फ्रीबीज़’ देने की आलोचना वाले पोस्ट के लिए सरकारी शिक्षक निलंबित

कर्नाटक के चित्रदुर्ग ज़िले में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने सरकार के मुफ्त में सामान और सुविधा देने के वादों पर सवाल खड़े किए थे, जिसमें कहा गया था कि सरकार की ओर से मुफ्त वादों के चलते राज्य पर हमेशा क़र्ज़ बढ़ जाता है.

छत्तीसगढ़ पुलिस ने भाजपा के आठ पदाधिकारियों को ‘नफ़रत भरे पोस्ट’ के लिए नोटिस भेजा

कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने पुलिस से शिकायत कर भाजपा की राज्य इकाई के सदस्यों पर पार्टी के आधिकारिक हैंडल सहित सोशल मीडिया के माध्यम से नफ़रत फैलाने का आरोप लगाया था. पुलिस ने भाजपा पदाधिकारियों से पेश होकर ऐसी पोस्ट से संबंधित तथ्यात्मक बयान प्रस्तुत करने के लिए कहा है.

राज्यसभा के सभापति को निष्पक्ष होना चाहिए, हमेशा सरकार का गुणगान नहीं करना चाहिए: कांग्रेस

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राहुल गांधी की ब्रिटेन यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि विदेश यात्रा करते समय लोगों को अपना ‘राजनीतिक चश्मा’ पीछे छोड़ देना चाहिए. इसके जवाब में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राज्यसभा के सभापति होने के नाते उन्हें निष्पक्ष होना चाहिए, हमेशा सरकार का गुणगान नहीं करना चाहिए.

‘भीड़’ समाज में अदृश्य लोगों की कहानी बयां करती है: अनुभव सिन्हा

वीडियो: कोविड-19 महामारी, अचानक देश में लगाए गए लॉकडाउन और इस दौरान हाशिये के वर्ग के लोगों के सामने पेश आई मुश्किलें निर्देशक अनुभव सिन्हा की नई फिल्म 'भीड़' का विषय हैं. इस बारे में उनसे और फिल्म की टीम से बातचीत.

वरवरा राव: कवि जीता है अपने गीतों में, और गीत जीता है जनता के हृदय में…

विशेष: मुक्तिबोध ने कहा था ‘तय करो किस ओर हो तुम?’ और ‘पार्टनर, तुम्हारी पॉलिटिक्स क्या है?’ वरवरा राव इस सवाल से आगे के कवि हैं. वे तय करने के बाद के तथा पॉलिटिक्स को लेकर वैज्ञानिक दृष्टि रखने वाले कवि हैं. उनके लिए कविता स्वांतः सुखाय या मनोरंजन की वस्तु न होकर सामाजिक बदलाव का माध्यम है.

महाराष्ट्र: 1 रुपये किलो बिका प्याज़, किसानों ने जलाए अपने खेत

वीडियो: महाराष्ट्र का प्याज़ उत्पादक किसान किस हाल से गुज़र रहा है और किस तरह उनकी समस्याएं सरकारी अनदेखी का शिकार हैं, बता रहे हैं अतुल होवाले.

महाराष्ट्र: प्याज़ की कीमतों में गिरावट को लेकर लासलगांव मंडी में किसानों का आंदोलन

प्याज़ की कीमतों में लगातार गिरावट से आंदोलित किसानों ने सोमवार से महाराष्ट्र के नासिक ज़िले में स्थित लासलगांव कृषि उत्पाद बाज़ार समिति (एपीएमसी) में प्याज़ की नीलामी रोक दी. दरअसल प्याज़ की प्रति किलो कीमत 2 से 4 रुपये तक आ गई, जिससे किसान नाराज़ हैं.