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बीबीसी डॉक्यूमेंट्री ब्लॉक करने के लिए सरकार ने किन ‘आपातकालीन नियमों’ का इस्तेमाल किया है

बीते सप्ताह सूचना और प्रसारण सचिव द्वारा आईटी नियम, 2021 के नियम 16 का उपयोग करते हुए गुजरात दंगों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका रेखांकित करने वाली बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए गए थे.

2002 दंगों पर बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ब्लॉक करने की सरकार की सेंसरशिप अस्वीकार्य: एन. राम

द हिंदू के पूर्व संपादक एन. राम ने मोदी सरकार द्वारा बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को सोशल मीडिया पर ब्लॉक करने को लेकर कहा कि उन्होंने दुनिया को यह संदेश दिया है कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था इतनी नाज़ुक है कि उसे एक ऐसी डॉक्यूमेंट्री से ख़तरा है जो देश में प्रसारित नहीं हुई है और यूट्यूब/ट्विटर तक पहुंच रखने वाली बहुत कम आबादी द्वारा देखी गई है.

जेएनयू प्रशासन ने छात्रसंघ द्वारा बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन रद्द करने को कहा

बीबीसी की ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि ब्रिटेन सरकार द्वारा करवाई गई गुजरात दंगों की जांच में नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर हिंसा के लिए ज़िम्मेदार पाया गया था. सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर इसके लिंक ब्लॉक करने का आदेश दिए जाने के बाद कई विश्वविद्यालयों में इसकी स्क्रीनिंग की जा रही है.

पूर्व ब्रिटिश विदेश सचिव ने बीबीसी रिपोर्ट की पुष्टि की कि दंगों के लिए ‘मोदी सीधे ज़िम्मेदार’

बीबीसी ने ब्रिटेन में प्रसारित ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ डॉक्यूमेंट्री में कहा है कि ब्रिटेन सरकार की गोपनीय जांच में गुजरात दंगों के लिए नरेंद्र मोदी ज़िम्मेदार पाए गए थे. इस डॉक्यूमेंट्री के सामने आने के बाद साल 2002 में ब्रिटेन के विदेश सचिव रहे जैक स्ट्रा से वरिष्ठ पत्रकार करण थापर की बातचीत. 

डॉक्यूमेंट्री सेंसर पर कांग्रेस का तंज़: वाजपेयी ने मोदी को ‘राज धर्म’ की याद क्यों दिलाई थी

बीबीसी की ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ नाम की एक डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि ब्रिटेन सरकार द्वारा करवाई गई गुजरात दंगों की जांच में नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर हिंसा के लिए ज़िम्मेदार पाया गया था. सोशल मीडिया पर डॉक्यूमेंट्री से संबंधित पोस्ट हटाने का निर्देश देने पर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना की है. 

भारत ने गुजरात दंगों पर डॉक्यूमेंट्री को ‘दुष्प्रचार’ कहा, बीबीसी बोला- सरकार ने जवाब नहीं दिया

बीबीसी ने ब्रिटेन में प्रसारित ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ डॉक्यूमेंट्री में कहा है कि ब्रिटेन सरकार की गोपनीय जांच में गुजरात दंगों के लिए नरेंद्र मोदी ज़िम्मेदार पाए गए थे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इसे ‘दुष्प्रचार’ बताते हुए कहा कि इसमें पूर्वाग्रह, निष्पक्षता की कमी और औपनिवेशिक मानसिकता झलकती है.

भारत ने कनाडा से ‘ख़ालिस्तान रेफरेंडम’ पर रोक और सिख फॉर जस्टिस पर प्रतिबंध की मांग की

भारत द्वारा प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस ने 06 नवंबर को टोरंटो के पास मिसिसॉगा में ख़ालिस्तान की मांग वाले जनमत संग्रह का प्रस्ताव रखा है. भारत ने कनाडा से आग्रह किया कि वह अपने क़ानूनों के तहत उन व्यक्तियों, संस्थाओं को आतंकवादी घोषित करे जिन्हें भारतीय क़ानूनों के तहत आतंकी घोषित किया गया है.

कनाडा में तथाकथित ख़ालिस्तानी जनमत संग्रह से नाराज़ भारत ने कहा- सतर्क रहें भारतीय नागरिक

कनाडा में हुए ‘तथाकथित ख़ालिस्तानी जनमत संग्रह’ को आपत्तिजनक बताने के बाद भारत ने कनाडा में बढ़ते हेट क्राइम और भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़ी घटनाओं में तीव्र वृद्धि का हवाला देते हुए वहां रह रहे भारतीय नागरिकों और छात्रों को सचेत रहने की सलाह दी है.

नगा शांति वार्ता: केंद्र सरकार के साथ एनएससीएन-आईएम फिर से वार्ता शुरू करेगा

केंद्र सरकार और नगा संगठनों की अगुवाई कर रहे नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (इसाक-मुइवा) के बीच शांति वार्ता मई से रुकी हुई है. एनएससीएन-आईएम ने कहा है कि वह नगा बहुल क्षेत्रों के एकीकरण और एक अलग झंडे की अपनी मांग पर कायम है और इन पर कोई समझौता नहीं हो सकता.

नेताजी की बेटी ने कहा, उनकी अस्थियों की डीएनए जांच के लिए भारत-जापान सरकार से संपर्क करूंगी

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बोस फाफ ने कहा कि जब देश अपनी आज़ादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है तो ऐसे में बोस के जीवन से जुड़े रहस्यों को सुलझाना और अस्थियों को भारत लाना स्वतंत्रता सेनानी को असल श्रद्धांजलि होगी.

नगा शांति वार्ता के अंतिम समाधान में देरी के लिए आरएसएस ज़िम्मेदार: एनएससीएन (आईएम)

केंद्र सरकार के साथ शांति वार्ता कर रहे नगा संगठनों की अगुवाई कर रहे नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (इसाक-मुइवा) ने दावा किया है कि दशकों से चली आ रही इस समस्या के समाधान में हो रही देरी की वजह आरएसएस द्वारा उनके अलग झंडे और अलग संविधान की मांग पर आपत्ति जताया जाना है.

कोविड-19 मौतों को लेकर डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों पर भारत की आपत्ति: कितना सच, कितना झूठ

वीडियो: पिछले हफ़्ते विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा था कि साल 2020 और 2021 में लगभग 1.5 करोड़ लोगों ने या तो कोरोना वायरस से या स्वास्थ्य प्रणालियों पर पड़े इसके प्रभाव के कारण जान गंवाई है. डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से 47 लाख लोगों की मौत हुई. भारत के अलावा किसी भी बड़े देश ने अभी तक इन आंकड़ों पर सवाल नहीं उठाया है.

कोविड-19 से दुनिया में अनुमानत: 1.5 करोड़ मौतें हुईं, भारत में 47 लाख लोगों की जान गई: डब्ल्यूएचओ

भारत ने डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रामाणिक आंकड़ों की उपलब्धता के बावजूद कोरोना वायरस महामारी से संबंधित अधिक मृत्यु दर अनुमानों को पेश करने के लिए गणितीय मॉडल के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस्तेमाल किए गए मॉडल और डेटा संग्रह की कार्यप्रणाली संदिग्ध है. 

पाकिस्तान ने भारतीय मिसाइल ‘दुर्घटनावश चलने’ के मामले की संयुक्त जांच की मांग की

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने सवाल उठाया है कि भारत मिसाइल के दुर्घटनावश प्रक्षेपण के बारे में पाकिस्तान को तुरंत सूचित करने में विफल क्यों रहा तथा उसने पाकिस्तान के घटना की घोषणा करने और स्पष्टीकरण मांगने तक इसे स्वीकार करने का इंतज़ार क्यों किया? बीते नौ मार्च को पाकिस्तानी क्षेत्र में दुर्घटनावश मिसाइल के फायर होने पर भारत ने खेद जताते हुए उच्चस्तरीय ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ का आदेश दिया है.

भारत ने दुर्घटनावश फायरिंग से पाकिस्तानी क्षेत्र में गिरी मिसाइल पर खेद व्यक्त किया

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि तकनीकी ख़राबी के कारण नौ मार्च को नियमित रखरखाव के दौरान दुर्घटनावश एक मिसाइल चल गई थी. सरकार ने दुर्घटनावश मिसाइल चल जाने की घटना को गंभीरता से लिया है और उच्चस्तरीय ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ के आदेश दिए हैं. पाकिस्तान ने उसके हवाई क्षेत्र के कथित उल्लंघन को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया था.