उत्तर प्रदेश और बिहार घरेलू हिंसा और विवाहित औरतों की हत्याओं के मामले में सबसे ऊपर हैं. ध्यान रहे, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बंगाल और केरल जाकर वहां औरतों को बतलाते हैं कि वे वहां उत्तर प्रदेश जैसी ही सुरक्षा औरतों को देंगे. हिंदुत्ववादी नेता ख़ुद को हिंदू लड़कियों के रक्षक के तौर पर पेश करते हैं. लेकिन 'अपनी' लड़कियों की उनके पति या सास-ससुर से रक्षा में उनकी कोई रुचि नहीं.
शीर्ष अदालत शादी के झूठे वादे और बलात्कार के आरोप से जुड़े एक मामले की ज़मानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जब जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि 'हो सकता है हम पुराने ख्यालों के हों, लेकिन शादी से पहले लड़का-लड़की एक-दूसरे के लिए अजनबी होते हैं. उनके रिश्ते में चाहे जो भी उतार-चढ़ाव आए, हमें समझ नहीं आता कि वे शादी से पहले शारीरिक संबंध कैसे बना सकते हैं.'
उत्तर प्रदेश के आगरा में दलित समुदाय के एक व्यक्ति पर उनकी बारात में पिस्तौल के बट से हमला किया गया और उन्हें घोड़े से उतरकर विवाह स्थल पर न जाने पर जान से मारने की धमकी दी गई. पुलिस ने तीन लोगों के ख़िलाफ़ के दर्ज किया है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महिला से बलात्कार करने और उसकी तस्वीरें ऑनलाइन साझा करने के आरोपी व्यक्ति को ज़मानत देते हुए उसे तीन महीने के भीतर पीड़िता से शादी करने का निर्देश दिया. आरोप है कि आरोपी ने कथित तौर पर महिला के साथ बलात्कार किया और मारपीट का वीडियो जारी करने की धमकी देकर उससे 9 लाख रुपये ऐंठ लिए.
रीवा जिला अदालत में एक मुस्लिम पुरुष और हिंदू महिला शादी का पंजीकरण कराने पहुंचे थे, जिसे लेकर कुछ वकीलों ने ‘लव जिहाद’ का आरोप लगाया और उनके साथ मारपीट की. इस महीने की शुरुआत में भोपाल के एक कोर्ट में भी अंतरधार्मिक जोड़े के साथ बदसलूकी हुई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने भारत में समलैंगिक विवाहों को क़ानूनी मान्यता देने से इनकार करने वाले 2023 के अपने फ़ैसले को चुनौती देने वाली समीक्षा याचिकाओं को ख़ारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड में कोई त्रुटि नहीं है.
मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में सेना में जाने की लम्बी परम्परा रही है. मसलन, अब तक हर भर्ती में मुरैना के काजी बसई गांव के 4-5 युवक सेना में चुने जाते थे. अग्निपथ योजना आने के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि गांव से कोई नहीं चुना गया. सेना की भर्ती पर निर्भर रहते आये ये युवक अब अनजाने काम खोज रहे हैं.
शीर्ष अदालत उस मामले में फैसला दे रही थीं, जहां एक व्यक्ति पर साल 1993 में उनकी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा था. कोर्ट ने निचली अदालतों को ऐसे मामलों में पति और उसके रिश्तेदारों के ख़िलाफ़ क़ानूनी निष्कर्ष निकालने के प्रति आगाह किया, जहां किसी महिला ने शादी के सात साल के भीतर आत्महत्या की हो.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जान की सुरक्षा की मांग करने वाले आठ हिंदू-मुस्लिम जोड़ों द्वारा दायर याचिकाओं को इस आधार पर ख़ारिज कर दिया है कि उनकी शादियां उत्तर प्रदेश ग़ैरक़ानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के अनुपालन में नहीं थीं. याचिकाकर्ता पांच मुस्लिम पुरुषों ने हिंदू महिलाओं और तीन हिंदू पुरुषों ने मुस्लिम महिलाओं से शादी की थी.
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के हिस्से के रूप में ये दिशानिर्देश जारी किए, जहां एक मुस्लिम व्यक्ति ने अक्टूबर 2022 में एक हिंदू महिला द्वारा उसके ख़िलाफ़ दायर बलात्कार की शिकायत को रद्द करने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी. हालांकि, अदालत ने एफ़आईआर रद्द करने से इनकार कर दिया.
उन्नाव ज़िले में एक 13 वर्षीय लड़की की कथित तौर पर 22 वर्षीय व्यक्ति से शादी कर दी गई, क्योंकि दूल्हे ने उसकी बड़ी बहन ने शादी करने से इनकार कर दिया था. पुलिस ने दूल्हे, लड़की के परिवार, शादी कराने वाले पुजारी और समारोह में शामिल होने वाले 111 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है.
शादी के बाद परिवार की धमकियों का सामना कर रहे एक दंपत्ति को पुलिस सुरक्षा देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी करने का अधिकार संवैधानिक रूप से संरक्षित है. यहां तक कि परिवार के सदस्य भी ऐसे वैवाहिक संबंधों पर आपत्ति नहीं कर सकते हैं.
झारखंड हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद में गुज़ारा-भत्ता राशि में संशोधन को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एक संतुलन बनाने पर ज़ोर दिया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि पत्नी को दिया जाने वाला गुज़ारा भत्ता बहुत अधिक न हो, जिससे पति को कठिनाई हो, न ही कम हो, जो पत्नी को ग़रीबी में धकेल दे.
पांच जजों की पीठ द्वारा 3:2 से यह प्रस्ताव भी ख़ारिज कर दिया गया कि समलैंगिक जोड़े बच्चों को गोद ले सकते हैं.
2023 अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार हार्वर्ड प्रोफेसर क्लॉडिया गोल्डिन को महिलाओं की श्रम बाज़ार में स्थिति को लेकर किए उनके शोध को लेकर मिला है. उनकी रिसर्च दर्शाती है कि परिवार बनाने और नौकरी करने में कोई द्वंद्व नहीं है, बशर्ते समाज उसके लिए तैयार हो.