NHRC

यूपी पुलिस की पूछताछ के दौरान वृद्धा की संदिग्ध स्थितियों में मौत, परिजनों का मारपीट का आरोप

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद ज़िले के पचोखरा क्षेत्र में कथित रूप से पुलिस द्वारा ज़ोर से धक्का दिए जाने से गिरी एक 60 वर्षीय वृद्ध महिला की मौत हो गई है. इसी तरह की एक घटना चंदौली ज़िले में बीते एक मई को हुई थी, जहां एक पुलिस दल ने छापेमारी के दौरान एक रेत व्यापारी की दो बेटियों के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी, जिसमें एक की मौत हो गई थी.

दलित व्यक्ति से थूक में नाक रगड़वाने के मामले में ओडिशा को मानवाधिकार आयोग का नोटिस

ओडिशा के केंद्रपाड़ा ज़िले का मामला. पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) क़ानून के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है.

यूपी: सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों की मौत के दो साल बाद आख़िरकार एनएचआरसी ने जांच शुरू की

उत्तर प्रदेश में सीएए के विरोध में दिसंबर 2019 में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने कई ज़िलों में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की थी, जिसमें 22 मुस्लिमों की मौत हो गई और कई घायल हो गए थे. नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों की कई शिकायतों के आधार पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अब इसकी जांच शुरू की है.

पूर्वोत्तर में आफ़स्पा के चलते मानवाधिकार उल्लंघन होने की आम राय बनाना ग़लत: एनएचआरसी प्रमुख

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि आयोग सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम यानी आफ़स्पा की वैधता या संवैधानिकता की पड़ताल नहीं कर सकता या इस पर बहस नहीं कर सकता. अधिनियम लागू करने या वापस लेने की आवश्यकता की समीक्षा सरकार करेगी.

मानवाधिकार उल्लंघन सूची में लगातार तीसरे साल उत्तर प्रदेश शीर्ष परः केंद्र

केंद्रीय गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एनएचआरसी द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर बताया कि पिछले तीन वित्त वर्षों से 31 अक्टूबर 2021 तक आए मानवाधिकार उल्लंघन के कुल मामलों के तक़रीबन 40 फीसदी अकेले उत्तर प्रदेश से हैं.

नॉर्थ ईस्ट डायरी: अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया- चीन ने अरुणाचल के विवादित क्षेत्र में गांव बसाया

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मेघालय और मिज़ोरम के प्रमुख समाचार.

विभिन्न मानवाधिकार उल्लंघनों के बीच आयोग के अध्यक्ष द्वारा सरकार की तारीफ़ के क्या मायने हैं

जिस राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को देशवासियों के मानवाधिकारों की रक्षा करने, साथ ही उल्लंघन पर नज़र रखने के लिए गठित किया गया था, वह अपने स्थापना दिवस पर भी उनके उल्लंघन के विरुद्ध मुखर होने वालों पर बरसने से परहेज़ न कर पाए, तो इसके सिवा और क्या कहा जा सकता है कि अब मवेशियों के बजाय उन्हें रोकने के लिए लगाई गई बाड़ ही खेत खाने लगी है?

एनएचआरसी को हर दिन मिलती हैं औसतन 228 शिकायतें, 20 हज़ार से अधिक मामले विचाराधीन

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, विचाराधीन 20,806 नए और पुराने मामलों में से 344 मामले पुलिस हिरासत में मौत के, 3,407 मामले न्यायिक हिरासत में मौत के, 365 मामले पुलिस मुठभेड़ में मौत के हैं. वित्त वर्ष 2021-22 में अब तक उसे 53,191 शिकायतें मिली हैं. सितंबर में 10,627 नई शिकायतें मिलीं.

यूपी: जेल भेजे गए किशोर ने कथित तौर पर ख़ुदकुशी की, एनएचआरसी ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी

मामला एटा ज़िले का है जहां मादक पदार्थ रखने के आरोप में जेल भेजे गए एक 15 वर्षीय किशोर ने ज़मानत पर बाहर आने के बाद बीते 21 सितंबर को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अपने जांच विभाग को मामले की जांच का आदेश देते हुए ज़िला पुलिस से सवाल किया है कि किशोर के साथ बालिग के बतौर व्यवहार करने की क्या वजह थी.

मानवाधिकार आयोग ने सफ़ाईकर्मियों की मौत के मामलों में ज़िम्मेदारी तय करने की पैरवी की

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने केंद्र और राज्य सरकारों को परामर्श जारी कर कहा कि सफ़ाईकर्मियों के साथ भी अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी की तरह व्यवहार किया जाए. आयोग ने कहा है कि सफ़ाईकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, प्रौद्योगिकी का उपयोग हो, जागरूकता फैलाई जाए और न्याय एवं पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए.

ई-कॉमर्स से महामारी के दौरान उपजी असमानता, छोटे व्यापारियों के अधिकार प्रभावित हुए: एनएचआरसी

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा ने कहा है कि ई-कॉमर्स ने कोविड-19 के दौरान छोटे विक्रेताओं के अधिकारों को प्रभावित करने वाली असमानता उत्पन्न की है. उनके अधिकारों को संरक्षित करने की आवश्यकता है.

एनएचआरसी ने गुजरात सरकार से कहा- हर छह माह पर क़ैदियों की टीबी व एड्स की जांच कराएं

एक मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट में सूरत के एक केंद्रीय कारागार में कई क़ैदियों को टीबी होने की जानकारी सामने आने के बाद एनएचआरसी के एक दल ने जेल का दौरा किया था. बताया गया था कि जेल में उचित चिकित्सा के अभाव में 21 साल के एक विचाराधीन क़ैदी की 15 जुलाई 2020 को टीबी से मौत हो गई थी. अप्रैल 2019 में  जेल में आने के वक़्त यह व्यक्ति स्वस्थ था.

हरियाणा: राज्यपाल से मिले कांग्रेस नेता, किसानों पर लाठीचार्ज की न्यायिक जांच की मांग की

बीते 28 अगस्त को करनाल में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज किया था, जिसमें कई किसान घायल हो गए थे. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से इस लाठीचार्ज की न्यायिक जांच की मांग की है. साथ ही विधानसभा द्वारा हाल में पारित भूमि अधिग्रहण विधेयक को मंज़ूरी न देने का आग्रह किया है.

बाल मज़दूरी ख़त्म करने के लिए उठाए गए कदमों पर एनएचआरसी ने सभी राज्यों से रिपोर्ट मांगी

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राजस्थान से बच्चों की तस्करी के संबंध में मिली शिकायत को लेकर कहा कि स्वतंत्रता के 70 साल बाद भी बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए विभिन्न क़ानूनों और योजनाओं के बावजूद बाल मज़दूरी और बच्चों की तस्करी का जारी रहना राज्य की मशीनरी पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है.

सीमा विवाद: केंद्र, असम और मिज़ोरम को मानवाधिकार आयोग का नोटिस

26 जुलाई को असम-मिज़ोरम सीमा पर हुई एक हिंसक झड़प में असम के छह पुलिसकर्मियों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक घायल हुए थे. असम के एक निवासी की शिकायत पर मानवाधिकार आयोग ने केंद्रीय गृह सचिव के साथ असम व मिज़ोरम के मुख्य सचिवों से चार हफ़्तों में इस पर रिपोर्ट देने को कहा है.