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सरकार संचालित मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों की हालत अमानवीय और चिंताजनक: मानवाधिकार आयोग

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने देश के 46 मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम के अमल को जांचने के लिए दौरा किया था. इसमें सामने आया कि इन संस्थानों में मरीज़ों को ठीक होने के बाद भी रखा जा रहा था और उनके परिवारों से मिलाने या फिर समाज से जोड़ने का कोई प्रयास नहीं किया गया.

दिल्ली: पिता-पुत्र के खुले सीवर में गिरने को लेकर एनएचआरसी ने सरकार, पुलिस प्रमुख को नोटिस भेजा

दो दिन पहले दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में एक व्यक्ति और उनके आठ वर्षीय बेटे के खुले सीवर में गिरने की ख़बर को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली सरकार और शहर के पुलिस प्रमुख को नोटिस भेजते हुए कहा है कि वह इस घटना के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों के ख़िलाफ़ हुई कार्रवाई के बारे में भी जानना चाहता है.

महिलाओं के साथ भेदभाव ख़त्म करने के लिए समान नागरिक संहिता लाना ज़रूरी: एनएचआरसी अध्यक्ष

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस अरुण मिश्रा ने एक समारोह में कहा कि संविधान का अनुच्छेद 44 समान नागरिक संहिता को लागू करके समानता की बात करता है, उसे अप्रभावी नहीं रहना चाहिए.

असम-मेघालय सीमा पर हिंसा: शिलॉन्ग में गृह मंत्री शाह और मुख्यमंत्री के पुतले फूंके

बीते 22 नवंबर को असम-मेघालय सीमा पर मुकरोह गांव में भड़की हिंसा में एक वनकर्मी सहित छह लोगों की मौत की घटना के बाद से रविवार को लगातार छठे दिन यात्रा पाबंदी होने के साथ ही दोनों राज्यों की सीमा पर विवादित इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात है और निषेधाज्ञा आदेश अब भी लागू है.

मेघालय ने असम सीमा पर गोलीबारी की घटना में मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप की मांग की

असम ने लोगों के मेघालय जाने पर ‘पाबंदी’ जारी रखी. मेघालय ने सात प्रभावित ज़िलों में इंटरनेट पर रोक शनिवार को 48 घंटे के लिए बढ़ा दी. कथित तौर पर अवैध लकड़ी ले जा रहे एक ट्रक को 22 नवंबर को तड़के असम के वनकर्मियों द्वारा रोकने के बाद असम-मेघालय सीमा पर मुकरोह गांव में भड़की हिंसा में एक वनकर्मी सहित छह लोगों की मौत हो गई थी. 

एनएचआरसी ने केंद्र, छह राज्यों को नोटिस जारी करके देवदासी प्रथा पर रिपोर्ट मांगी

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि देवदासी प्रथा की शिकार ज़्यादातर महिलाओं का यौन शोषण किया जा रहा है, जब वे गर्भवती हो जाती हैं तो उन्हें उनके भाग्य पर छोड़ दिया जाता है.

बिलक़ीस की इंसाफ़ की लड़ाई अब देश की ज़िम्मेदारी है

2002 में सुप्रीम कोर्ट ने बिलक़ीस मामले में शामिल होने का फैसला किया था क्योंकि उसे पता था कि गुजरात सरकार बलात्कारियों और हत्यारों को बचा रही है. बीस साल बाद भी कुछ नहीं बदला है.

बिलक़ीस मामला: दोषियों की सज़ा माफ़ी पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व गुजरात सरकार को नोटिस भेजा

बिलक़ीस बानो के सामूहिक बलात्कार और उनके परिजनों की हत्या के 11 दोषियों की समयपूर्व रिहाई के ख़िलाफ़ याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपियों ने जो किया, उसके लिए उन्हें सज़ा मिली. सवाल यह है कि क्या वे सज़ा माफ़ी के हक़दार हैं और क्या यह माफ़ी क़ानून के मुताबिक़ दी गई.

बिलक़ीस बानो मामला: दोषियों की रिहाई के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर

बिलक़ीस बानो के सामूहिक बलात्कार और उनके सात परिजनों की हत्या के 11 दोषियों की समयपूर्व रिहाई के ख़िलाफ़ एक याचिका टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और एक अन्य याचिका माकपा नेता सुभाषिनी अली, स्वतंत्र पत्रकार रेवती लाल और लखनऊ की पूर्व प्रोफेसर व कार्यकर्ता रूपरेखा वर्मा ने दाख़िल की है.

बिलक़ीस मामला: एनएचआरसी की पूर्व सदस्य बोलीं- सज़ा माफ़ी से ‘क़ानून का राज’ कमज़ोर हुआ

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज सुजाता मनोहर साल 2003 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सदस्य थीं, जब आयोग ने बिलक़ीस बानो गैंगरेप मामले में हस्तक्षेप किया था. उन्होंने कहा कि हम महिलाओं को सशक्त बनाना चाहते हैं पर उनके लिए पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करते. यह सज़ा माफ़ी उनकी सुरक्षा को लेकर सही संदेश नहीं देती है.

पुलिस दबिश के दौरान महिलाओं की मौत के मामले में यूपी सरकार को एनएचआरसी का नोटिस

बागपत ज़िले के छपरौली थाना क्षेत्र में पुलिस की दबिश के दौरान ज़हर खाने वाली मां और दो बेटियों की मौत के मामले में आरोपी दारोगा को निलंबित कर दिया गया है. वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस भेज चार हफ्ते के अंदर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.

यूपी पुलिस की पूछताछ के दौरान वृद्धा की संदिग्ध स्थितियों में मौत, परिजनों का मारपीट का आरोप

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद ज़िले के पचोखरा क्षेत्र में कथित रूप से पुलिस द्वारा ज़ोर से धक्का दिए जाने से गिरी एक 60 वर्षीय वृद्ध महिला की मौत हो गई है. इसी तरह की एक घटना चंदौली ज़िले में बीते एक मई को हुई थी, जहां एक पुलिस दल ने छापेमारी के दौरान एक रेत व्यापारी की दो बेटियों के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी, जिसमें एक की मौत हो गई थी.

दलित व्यक्ति से थूक में नाक रगड़वाने के मामले में ओडिशा को मानवाधिकार आयोग का नोटिस

ओडिशा के केंद्रपाड़ा ज़िले का मामला. पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) क़ानून के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है.

यूपी: सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों की मौत के दो साल बाद आख़िरकार एनएचआरसी ने जांच शुरू की

उत्तर प्रदेश में सीएए के विरोध में दिसंबर 2019 में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने कई ज़िलों में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की थी, जिसमें 22 मुस्लिमों की मौत हो गई और कई घायल हो गए थे. नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों की कई शिकायतों के आधार पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अब इसकी जांच शुरू की है.

पूर्वोत्तर में आफ़स्पा के चलते मानवाधिकार उल्लंघन होने की आम राय बनाना ग़लत: एनएचआरसी प्रमुख

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि आयोग सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम यानी आफ़स्पा की वैधता या संवैधानिकता की पड़ताल नहीं कर सकता या इस पर बहस नहीं कर सकता. अधिनियम लागू करने या वापस लेने की आवश्यकता की समीक्षा सरकार करेगी.