मध्य प्रदेश: वृद्ध दलित दंपत्ति को खंभे से बांधकर पीटा, बदसलूकी

मध्य प्रदेश के अशोक नगर ज़िले का मामला. किलोरा में कुछ लोगों ने 65 वर्षीय व्यक्ति और उनकी 60 वर्षीय पत्नी को एक खंभे से बांधकर पीटा और जूतों की माला पहना दी. दंपति का बेटा कुछ महीने पहले छेड़छाड़ के मामले में शामिल था. पुलिस का कहना है कि हमले के पीछे पीड़ित परिवार के सदस्यों के होने का संदेह है.

जब तक खुलेआम जातिवादी टिप्पणी न की गई हो, एससी/एसटी क़ानून का केस नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति पर एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कथित अपराधों के लिए तब तक मुक़दमा नहीं चलाया जा सकता, जब तक कि अपमानित करने के इरादे से ‘सार्वजनिक तौर पर’ जातिवादी टिप्पणी न की गई हो.

कर्नाटक: मंदिर ने दलित परिवार को परिजन के अंतिम संस्कार के लिए धन देने को मजबूर किया

कर्नाटक के चिक्काबल्लापुरा ज़िले का मामला. आदि कर्नाटक समुदाय से आने वाली एक महिला की मृत्यु के बाद स्थानीय मंदिर के पदाधिकारियों ने उनके परिजनों को अंतिम संस्कार की अनुमति देने से पहले 25,000 रुपये देने को कहा था. परिवार के क़र्ज़ लेकर 3,000 रुपये चुकाने के बाद उन्हें अंतिम संस्कार करने दिया गया.

सामाजिक आर्थिक और जातिगत जनगणना वेबसाइट दो महीने से अधिक समय से बंद: रिपोर्ट

देश की सामाजिक आर्थिक और जातिगत जनगणना की वेबसाइट के दो महीने से बंद होने को लेकर इसके संचालन के लिए ज़िम्मेदार ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 'तकनीकी' कारणों का हवाला दिया है.

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को जेल मैनुअल से जाति-आधारित नियम हटाने चाहिए: गृह मंत्रालय

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक एडवाइज़री जारी कर कहा है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके जेल मैनुअल में कैदियों को उनकी जाति और धर्म के आधार पर अलग करने या दायित्व सौंपने का प्रावधान न हो. कुछ जेल मैनुअल ऐसी भेदभावपूर्ण प्रथाओं का प्रावधान कर रहे हैं.

‘हमारा समाज ही नहीं चाहता है कि डोम अपना काम छोड़ें’ 

साक्षात्कार: मौत के साथ जीवन बिताने वाले वाराणसी के डोम समुदाय के लोगों पर पत्रकार राधिका अयंगर ने ‘फायर ऑन गैंजेस: लाइफ अमंग द डेड इन बनारस’ नाम की किताब लिखी है. उनका कहना है कि वे लोग भी जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं पर मुश्किलें ऐसी हैं कि उनकी ज़िंदगी अगले पहर की रोटी के संघर्ष में ही गुज़र रही है.

तमिलनाडु: 60 दलित आज़ादी से पहले की प्रथा ख़त्म करते हुए जूते पहनकर सड़क पर निकले

दलित समुदाय के 60 सदस्य ने 24 दिसंबर को तिरुपुर ज़िले के मदाथुकुलम तालुक के राजावुर गांव में पहली बार जूते पहनकर उस सड़क पर निकले, जहां उन्हें जाने की मनाही थी. ऐसा करते हुए उन्होंने कथित ऊंची जातियों के उस अनकहे नियम को तोड़ दिया, जो दलितों को सड़क पर चप्पल-जूते पहनकर चलने से रोकता था.

कर्नाटक: स्कूल में दलित छात्रों से सेप्टिक टैंक साफ कराया गया, प्रिंसिपल निलंबित

कोलार ज़िले के यलुवहल्ली में मोरारजी देसाई आवासीय विद्यालय में कथित तौर पर सातवीं से नवीं कक्षा के पांच-छह छात्रों को प्रिंसिपल और एक शिक्षक की उपस्थिति में सेप्टिक टैंक में उतरकर इसे साफ करने के लिए मजबूर किया गया. अब प्रिंसिपल समेत पांच स्टाफ सदस्यों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है. 

राजस्थान: दलित व्यक्ति पर हमले के आरोप में भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य के ख़िलाफ़ केस दर्ज

तराजस्थान की हवामहल सीट से भाजपा के एक नवनिर्वाचित भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य उर्फ संजय शर्मा पर एक दलित व्यक्ति पर हमला करने और उन पर थूकने का आरोप है. पीड़ित सूरजमल रैगर का आरोप है कि विधायक ने उनकी ज़मीन पर अवैध क़ब्ज़ा करने का प्रयास करते हुए उनके साथ मारपीट की है.

साल 2019-21 के बीच 35,000 से अधिक छात्रों की आत्महत्या से मौत हुई: सरकारी डेटा

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने संसद में बताया कि 2019 में छात्रों की आत्महत्या से मौत की 10,335 घटनाएं दर्ज की गईं, 2020 व 2021 में यह आंकड़ा क्रमशः 12,526 और 13,089 दर्ज किया गया. एससी और एसटी छात्रों द्वारा आत्महत्या की संख्या पर मंत्रालय ने कहा कि इसका डेटा उपलब्ध नहीं है.

केरल के मंत्री द्वारा एक मंदिर में जातिगत भेदभाव का सामना किए जाने की घटना की निंदा

अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले केरल के देवस्वोम और एससी/एसटी कल्याण मंत्री के. राधाकृष्णन ने आरोप लगाया है कि कन्नूर में एक मंदिर के दो पुजारियों ने एक समारोह के दौरान दीपक जलाने के बाद उन्हें दीप सौंपने से इनकार कर दिया था. केरल राज्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं.

साल 2019 से 34,035 छात्रों ने उच्च शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई छोड़ दी

शिक्षा मंत्रालय ने संसद में बताया कि 2019 और 2023 के बीच केंद्रीय विश्वविद्यालयों, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एनआईटी जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों में लगभग आधे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणियों से संबंधित थे.

मध्य प्रदेश में दलितों के ख़िलाफ़ अपराध दर सबसे ज़्यादा: रिपोर्ट

एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में 2021 में अनुसूचित जाति (एससी) समूहों के लोगों के ख़िलाफ़ अपराध दर सबसे अधिक थी. 2021 में देश में अनुसूचित जाति के ख़िलाफ़ अपराध की 50,900 घटनाएं हुईं. मध्य प्रदेश में यह संख्या 7,214 थी.

कृषि मंत्रालय तीन साल में बजट में आवंटित 44,000 करोड़ रुपये इस्तेमाल नहीं कर सका: रिपोर्ट

लोकसभा में पेश कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि कृषि मंत्रालय द्वारा वापस की गई धनराशि मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के कल्याण के लिए बनाई गई योजनाओं के लिए ‘कम आवश्यकता’ के कारण है.

अनुसूचित जाति के लोगों के साथ राजनीतिक दल ‘ग़ुलामों’ की तरह व्यवहार करते हैं: भाजपा विधायक

राजस्थान के भीड़वाड़ा ज़िले में एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक कैलाश मेघवाल ने कहा कि यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि आज की राजनीति में अनुसूचित जाति के सदस्यों को खुलकर बोलने की आज़ादी नहीं है. अगर वे खुलकर बोलते हैं तो उनका टिकट कट जाता है.

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