Khargone

मध्य प्रदेश: बरसों से उपेक्षित आदिवासी समुदाय अचानक राजनीति के केंद्र में क्यों आ गया है

हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 15 नवंबर यानी बिरसा मुंडा जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने और इस रोज़ भव्य आयोजन करने की घोषणा की थी. सरकार व भाजपा संगठन का कहना है कि 15 नवंबर तक वे प्रदेश भर में जनजातियों से जुड़े विभिन्न आयोजन करेंगे. विपक्षी कांग्रेस भी प्रदेश में ‘आदिवासी अधिकार यात्रा’ निकाल रही है.

मध्य प्रदेश: पुलिस हिरासत में युवक की मौत के बाद चार पुलिसकर्मी निलंबित

मामला खंडवा ज़िले के ओंकारेश्वर थाने का है, जहां बाइक चोरी के मामले में पूछताछ के लिए लाए गए एक व्यक्ति की कथित रूप से पुलिस हिरासत में मौत हो गई. मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं और संबंधित थाना प्रभारी, एक सहायक उप निरीक्षक और दो आरक्षकों को निलंबित किया गया है.

मध्य प्रदेश: न्यायिक हिरासत में आदिवासी की मौत, खरगोन पुलिस अधीक्षक हटाए गए

मध्य प्रदेश के खरगोन ज़िले में बिशन भील नामक व्यक्ति को चार सितंबर को पुलिस ने 11 अन्य लोगों के साथ एक गांव में लूट और डकैती के मामले में गिरफ़्तार किया था. खरगोन उप-जेल में सात सितंबर को उनकी मौत हो गई थी. घटना के बाद सरकार ने सात सितंबर को चार पुलिसकर्मियों और एक जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया था. मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

मध्य प्रदेश: खनन अधिकारी से विवाद के बाद छह पत्रकारों के ख़िलाफ़ केस दर्ज

मध्य प्रदेश के खरगोन ज़िले का मामला. ज़िला खनन अधिकारी की शिकायत के आधार पर यह एफ़आईआर दर्ज की गई है, जिन्होंने छह पत्रकारों पर अभद्रता करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. पत्रकारों ने इससे इनकार​ किया है. पत्रकार दो ठेकेदारों से संबंधित अवैध रेत खनन के मामले को लेकर उनसे बयान लेने गए थे.

Chitrakoot: Congress President Rahul Gandhi with MPCC President Kamal Nath (2nd L), party MP Jyotiraditya Scindia (3rd R) and other leaders during a public meeting in Chitrakoot, Thursday, Sept 27, 2018. (AICC Photo via PTI) (PTI9_27_2018_000139B)

मध्य प्रदेश: क्या कांग्रेस मालवांचल में विधानसभा चुनाव में मिली सफलता दोहरा पाएगी?

मध्य प्रदेश के मालवांचल की आठ सीटों- देवास, धार, खंडवा, खरगोन, इंदौर, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन पर 19 मई को मतदान है. 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने ये सभी सीटें जीतकर इतिहास रचा था, लेकिन विधानसभा चुनावों में पार्टी को इस क्षेत्र से ज़ोरदार झटका लगा था.

Jabalpur: A shopkeeper poses with political parties' campaign materials ahead of Lok Sabha elections 2019, in Jabalpur, Wednesday, March 13, 2019. (PTI Photo) (PTI3_13_2019_000028B)

मध्य प्रदेश: क्यों आरक्षित सीटें प्रदेश में लोकसभा चुनावों के नतीजों के लिहाज़ से अहम हैं

मध्य प्रदेश की कुल 29 लोकसभा सीटों में से 10 अनसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित हैं. 2014 में भाजपा ने इन सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी. लेकिन इस बार उसकी हालत पतली है. इसलिए आरक्षित सीटों पर 75 फीसदी सांसदों के टिकट काट दिए हैं, जबकि अनारक्षित सीटों पर केवल 33 फीसदी ही टिकट काटे गए हैं.