Neiphiu Rio

नगा शांति वार्ता में वार्ताकार और नगालैंड के राज्यपाल आरएन रवि. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

नगालैंड: राज्यपाल आरएन रवि ने एनएससीएन-आईएम की अलग झंडे और संविधान की मांग को नकारा

अक्टूबर में नगालैंड के सबसे प्रभावशाली नगा संगठन एनएससीएन-आईएम के प्रमुख ने कहा था कि भारत सरकार के साथ चल रही शांति वार्ता में उनका संगठन अलग झंडे और संविधान की मांग पर कोई समझौता नहीं करेगा.

(फोटो: पीटीआई)

नगा समूह का आरोप- गृह मंत्रालय असम राइफल्स को उनके ख़िलाफ़ अभियान तेज़ करने का निर्देश दे रहा

उत्तर पूर्व के सभी उग्रवादी संगठनों के अगुवा एनएससीएन-आईएम ने एक बयान जारी कर कहा कि भारत सरकार को बड़ी संवेदनशीलता के साथ स्थिति को संभालना चाहिए और भारतीय सुरक्षा बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को एनएससीएन के खिलाफ अभियान चलाने के लिए नहीं उकसाना चाहिए. हमारे धैर्य को हमारी कमजोरी या लाचारी नहीं समझना चाहिए.

एनएससीएन-आईएम प्रमुख टी. मुइवाह और करण थापर. (फोटो: द वायर)

नगा कभी भारत का हिस्सा नहीं बनेंगे, न ही भारतीय संविधान स्वीकार करेंगे: एनएससीएन आईएम प्रमुख

विशेष: द वायर के साथ बातचीत में एनएससीएन-आईएम के प्रमुख टी. मुइवाह ने दोहराया कि भारत सरकार के साथ चल रही शांति वार्ता में उनका संगठन अलग झंडे और संविधान की मांग पर कोई समझौता नहीं करेगा.

नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो. (फोटो: पीटीआई)

नगालैंडः नगा समूहों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की, शांति प्रक्रिया के लिए साथ काम करने पर सहमत

मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के साथ बैठक में विभिन्न नगा जातियों, नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, चर्च के प्रतिनिधियों, नगा समाज की प्रमुख हस्तियों ने सात सूत्रीय प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए और केंद्र के साथ चल रही शांति प्रक्रिया को सुविधानजनक बनाने का आह्वान किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनएसए अजीत डोभाल के साथ टी. मुईवाह. (फोटो: पीटीआई)

नगा शांति समझौते की बातचीत ‘तीसरे देश’ में करने की मांग नगा समूहों ने की थी

इस साल फरवरी में एनएससीएन-आईएम प्रमुख टी. मुईवाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में मांग की थी कि वार्ता सीधे प्रधानमंत्री स्तर पर बिना किसी पूर्व शर्त के हो. संगठन ने अब यह पत्र जारी करते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि लोग जानें कि नगा समूहों के साथ पीएमओ का रवैया कितना अनुत्तरदायी था.

नगा शांति वार्ता में वार्ताकार और नगालैंड के राज्यपाल आरएन रवि. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

शांति समझौता: नगा समूहों ने कहा- राजनीतिक समाधान का समय नज़दीक है

नगा राष्ट्रीय राजनीतिक समूहों की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि इंतज़ार की घड़ियां समाप्त हुईं और केंद्र ऐसा समाधान निकालने के लिए आवश्यक क़दम उठा रहा है, जो सभी को स्वीकार्य हो.

एनपीएफ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग. (फोटो साभार: फेसबुक/@TRZeliang)

नगालैंड: एनपीएफ ने नगा शांति मुद्दे पर गठित फोरम से ख़ुद को अलग किया

केंद्र और एनएससीएन-आईएम के बीच नगा शांति वार्ता की प्रक्रिया को लेकर चल रही तनातनी के बीच नगालैंड के मुख्य विपक्षी दल नगा पीपुल्स फ्रंट ने इस मसले पर गठित विधायकों के फोरम से ख़ुद को अलग करते हुए कहा कि मुद्दे के समाधान के लिए मौजूदा सरकार की अनिच्छा की वजह से इसमें कोई प्रगति नहीं हो सकी.

टी. मुइवाह और आरएन रवि. (फाइल फोटो: पीटीआई)

नगालैंड: नगा संगठन ने जारी की गोपनीय फ्रेमवर्क एग्रीमेंट की प्रति, वार्ताकार पर लगाए आरोप

केंद्र सरकार के साथ शांति वार्ता में शामिल सबसे बड़े नगा संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड-इसाक मुईवाह ने 2015 में सरकार के साथ हुए फ्रेमवर्क एग्रीमेंट की प्रति सार्वजनिक करते हुए कहा कि वार्ताकार आरएन रवि नगा राजनीतिक मसले को संवैधानिक क़ानून-व्यवस्था की समस्या का रंग दे रहे हैं.

नगा शांति वार्ता में वार्ताकार और नगालैंड के राज्यपाल आरएन रवि. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

नगालैंड: शांति वार्ता को लेकर बढ़ा तनाव, वार्ताकार ने राज्य सरकार को फटकारा

नगालैंड के राज्यपाल और शांति वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे आरएन रवि ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए अपने संदेश में प्रदेश सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में पूरा देश आगे बढ़ रहा है लेकिन ‘निजी हितों’ की वजह से नगालैंड पीछे छूट गया है.

नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो. (फोटो: पीटीआई)

नगालैंड सरकार का आदेश, उग्रवादी समूहों से जुडे़ परिजनों का ब्योरा साझा करें सरकारी कर्मचारी

नगालैंड सरकार का यह निर्णय राज्यपाल आरएन रवि के उस पत्र बाद आया है, जिसमें उन्होंने राज्य की क़ानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे और कहा था कि राज्य में संगठित गिरोह अपनी समानांतर सरकार चला रहे हैं.

नगालैंड के राज्यपाल आरएन रवि और मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो. (फोटो साभार: ​ट्विटर/विकिपीडिया)

नगालैंड: क़ानून व्यवस्था के मुद्दे पर राज्यपाल और राज्य सरकार आमने-सामने क्यों हैं?

पिछले महीने नगालैंड के राज्यपाल आरएन रवि ने मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो को पत्र लिखकर कहा था कि राज्य में क़ानून व्यवस्था एकदम बिगड़ चुकी है और इसमें उन्हें हस्तक्षेप करना पड़ेगा. इस संबंध में राज्य सरकार ने एक विस्तृत बयान जारी कर कहा है कि नगालैंड में स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण बनी हुई है.

नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो. (फोटो: पीटीआई)

नगालैंड सरकार पर कोविड-19 संबंधी भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाला शख़्स गिरफ़्तार

यूट्यूब पर एक चैनल चलाने वाले इस व्यक्ति ने एक वीडियो में नगालैंड की नेफ्यू रियो सरकार की कोविड-19 को संभालने की रणनीति और फंड आवंटन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि केंद्र से अधिक फंड लेने के लिए राज्य सरकार जानबूझकर प्रदेश में कोरोना वायरस फैला रही है.

Afspa- Armed forcesc PTI File

नगालैंड: फिर छह महीने के लिए बढ़ाया गया आफस्पा, गृह मंत्रालय ने कहा अब भी ‘अशांत’

गृह मंत्रालय का कहना है कि समूचा नगालैंड क्षेत्र एक ऐसी ‘अशांत और ख़तरनाक स्थिति’ में है कि नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए सशस्त्र बल का इस्तेमाल ज़रूरी है.

प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स

नगालैंड: आफस्पा की अवधि छह महीने के लिए बढ़ाई गई

गृह मंत्रालय का कहना है कि नगालैंड को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित रखने का निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि राज्य के विभिन्न हिस्सों में हत्याएं, लूट और उगाही जारी है. ऐसे हालात में वहां तैनात सुरक्षा बलों की सुविधा के लिए आफस्पा की अवधि बढ़ाना ज़रूरी था.