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गुजरातः सूरत के आठ इलाकों में अशांत इलाका अधिनियम की अवधि पांच साल और बढ़ाई गई

गुजरात के सूरत के अठवा, सलबतपुरा, चौक बाज़ार, महिधरपुरा, सैयदपुरा, लालगेट, रांदेर और लिंबायत पुलिस थाना इलाकों में इस अवधि को बढ़ाया गया है. इन इलाकों में कई असामाजिक तत्वों द्वारा बल या दबाव के ज़रिये संपत्तियों पर क़ब्ज़ा करने की घटनाओं को कम करने के लिए यह फैसला किया गया है.

गुजरात: पार्टी नेताओं पर आपत्तिजनक पोस्ट के आरोप में भाजपा आईटी सेल कार्यकर्ता गिरफ़्तार

गुजरात के सूरत शहर में आईटी सेल के साथ काम कर रहे भाजपा के एक सदस्य नीतेश वनानी की गिरफ़्तारी के बाद भाजपा अध्यक्षों और विभिन्न वार्डों के महासचिवों ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफ़े की घोषणा की.

कोविड-19: रेमडेसिविर वितरण अभियान के ख़िलाफ़ गुजरात भाजपा अध्यक्ष और अन्य को नोटिस

रेम​डेसिविर इंजेक्शन की जमाखारी और वितरण के आरोप में गुजरात हाईकोर्ट ने विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धानाणी की याचिका पर राज्य भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल, विधायक हर्ष सांघवी और अन्य को नोटिस जारी किया है. भाजपा ने सूरत कार्यालय से ये इंजेक्शन मुफ़्त बांटने का अभियान दस अप्रैल से शुरू किया था.

गुजरातः कचरा वाहन में वेंटिलेटर्स अस्पताल पहुंचाने का आरोप, जांच के आदेश

गुजरात के सूरत का मामला. सूरत नगर निगम द्वारा वलसाड सिविल अस्पताल से 20 से अधिक वेंटिलेटर कथित तौर पर कचरा उठाने वाले वाहन से एसएमआईएमईआर अस्पताल ले जाया गया था.

गुजरात: फुटपाथ पर चढ़ा अनियंत्रित ट्रक, 13 प्रवासी मजदूरों समेत 15 की मौत

घटना सूरत से करीब 60 किलोमीटर दूर कोसांबा गांव के पास मंगलवार तड़के हुई, जहां एक ट्रैक्टर से टकराने के बाद बेक़ाबू हुआ ट्रक फुटपाथ पर सो रहे मज़दूरों पर चढ़ गया. मारे गए सभी मज़दूरों में से एक को छोड़कर बाकी सभी राजस्थान के रहने वाले थे.

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा, राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति काफी भयावह

गुजरात हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि कोरोना वायरस की ख़राब स्थिति को देखते हुए राज्य को अपनी पूरी मशीनरी को दुरुस्त करने की ज़रूरत है. साथ ही अदालत ने राज्य के सभी सिविल अस्पतालों से भी मौजूदा स्थिति को लेकर विस्तृत रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है.

गुजरातः अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने के कुछ घंटे बाद ही कोरोना संक्रमित वृद्धा की मौत

घटना सूरत के एसएमआईएमईआर अस्पताल का है. परिवार का आरोप है कि अस्पताल ने महिला को इलाज के दौरान ही डिस्चार्ज कर दिया. वहीं अस्पताल का कहना है कि इस घटना में उनकी कोई ग़लती नहीं है.

सूरत कपड़ा व्यापारी दुकान खोलते वक़्त वंदे मातरम और बंद करते समय राष्ट्रगान गाएं: नगर निगम

गुजरात के सूरत में नगर निगम द्वारा जारी दिशानिर्देशों में कहा गया है कि टेक्सटाइल बाज़ार के कर्मचारी और कामगार काम के दौरान प्रेरक नारे जैसे ‘हारेगा कोरोना, जीतेगा सूरत’ और ‘एक लक्ष्य हमारा है, कोरोना को हराना है’ गाना जारी रखेंगे.

गुजरात: पुलिस की ग़लती मान कोर्ट ने घर भेजने की मांग करने वाले प्रवासियों को ज़मानत दी

लॉकडाउन के दौरान बीते 17 मई को गुजरात के राजकोट में प्रवासी मज़दूरों का एक समूह पुलिस से भिड़ गया था. ये समूह अपने गृह राज्य जाने के लिए ट्रेनों में जगह देने की मांग कर रहा था. पुलिस ने मज़दूरों के ख़िलाफ़ हत्या के प्रयास, डकैती समेत अन्य आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज की थी.

गुजरातः कोरोना संक्रमित होने के शक़ में युवक की बेरहमी से पिटाई, मामला दर्ज

यह मामला सूरत का है. कोरोना संक्रमित होने के शक़ में स्थानीय लोगों ने प्रवासी कामगार की लाठी और डंडों से पिटाई कर दी और मकान ख़ाली कर जाने को कहा. तीन लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ कर उनकी तलाश की जा रही है.

गुजरात: बिहार के शख्स की पीट-पीटकर हत्या, कांग्रेस पार्षद सहित अन्य पर मामला दर्ज

मामला गुजरात के सूरत का है. पुलिस ने बताया कि 23 वर्षीय संगम झा और 30 वर्षीय सुजीत सिंह मोटरसाइकिल से घर लौटने के दौरान रास्ता भटक गए और भेस्तान इलाके में घुस गए. स्थानीय लोग चोर समझकर लाठी और लोहे की रॉड से उन्हें पीटने लगे जिसमें संगम की मौके पर ही मौत हो गई जबकि सुजीत की हालत गंभीर है.

पीठ में बदलाव के बाद गुजरात हाईकोर्ट ने कहा- सरकार की आलोचना से मरे हुए वापस नहीं आएंगे

इससे पहले कोरोना वायरस को लेकर हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा था कि सरकार द्वारा संचालित अहमदाबाद सिविल अस्पताल की हालत दयनीय और कालकोठरी से भी बदतर है. बदलाव के बाद पीठ ने नाराज़गी ज़ाहिर की कि महामारी से निपटने को लेकर सरकार के बारे में की गईं अदालत की हालिया टिप्पणियों का ग़लत मंशा से दुरुपयोग किया गया.

क्या दिल्ली से लेकर गुजरात तक हाईकोर्ट की पीठ में बदलाव का उद्देश्य सरकारों को बचाना है?

कोरोना महामारी को लेकर अस्पतालों की दयनीय हालत और राज्य की स्वास्थ्य अव्यस्थताओं पर गुजरात सरकार को फटकार लगाने वाली हाईकोर्ट की पीठ में अचानक बदलाव किए जाने से एक बार फिर ‘मास्टर ऑफ रोस्टर’ की भूमिका सवालों के घेरे में है.

कोरोना को लेकर गुजरात सरकार को कड़ी फटकार लगाने वाली हाईकोर्ट पीठ में बदलाव किया गया

गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस जेबी पर्दीवाला और इलेश जे. वोरा की पीठ ने बीते दिनों कोरोना महामारी को लेकर राज्य सरकार को सही ढंग और जिम्मेदार होकर कार्य करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए थे.

अहमदाबाद के कोरोना अस्पतालों पर लगे आरोपों की जांच के लिए हाईकोर्ट ने समिति बनाई

पिछले दो सप्ताह से सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही एक विस्तृत 22 सूत्रीय रिपोर्ट में कहा गया है कि अहमदाबाद के अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की भारी कमी है.