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कृष्ण प्रताप सिंह

शिव प्रसाद गुप्त: गांधी ने जिन्हें राष्ट्ररत्न कहा था, लोगों ने उन्हें भुला दिया

वाराणसी के समाजसेवी शिवप्रसाद गुप्त को आज उनके शहर के बाहर कोई जयंती या पुण्यतिथि पर भी याद नहीं करता, लेकिन कभी देश की आज़ादी की लड़ाई के साथ समाज के उत्थान में उनके योगदान के चलते महात्मा गांधी उन्हें राष्ट्ररत्न कहा करते थे.

उत्तर प्रदेश में प्रेस विज्ञप्तियां कैसे करेंगी संस्कृत का उत्थान?

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार संस्कृत के उत्थान के लिए सचमुच फिक्रमंद होती तो संस्कृत में प्रेस विज्ञप्तियां जारी करने के अपने फैसले पर अमल से पहले उन कारणों का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करवाती, जिनके चलते संस्कृत अपने लोक से लगातार कटती गई है.

उत्तर प्रदेश से पश्चिम बंगाल तक भाजपा कांग्रेस की दिखाई राह पर चल रही है

भाजपा की उत्तर प्रदेश सरकार हो या केंद्र की मोदी सरकार, अपने फ़ैसलों में दोनों कदम-दर-कदम पुराने दिनों वाली कांग्रेसी सरकार के निर्णयों की ही पुनरावृत्ति करती दिखाई दे रही हैं. योगी सरकार ने ट्वीट के लिए गिरफ़्तारी करवाई है, वहीं इसी प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस के जीबी पंत ने गीतकार शैलेंद्र की एक कविता पर प्रतिबंध लगाया था.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi address following a meeting with President Ramnath Kovind at Rastrapati Bhawan in New Delhi, Saturday, May 25, 2019. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI5_25_2019_000248B)

मोदी 2.0: नई बोतल में पुरानी शराब?

यह देखना दिलचस्प होगा कि नरेंद्र मोदी सारी सत्ता व अधिकार अपनी मुट्ठी में क़ैद रखने की अपने पिछले कार्यकाल की रीति-नीति बदलने में कोई दिलचस्पी रखते हैं या नहीं?

क्या 2019 की नरेंद्र मोदी सरकार 2014 की सरकार से अलग होगी?

क्या नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार जल्द ही उन्हें हासिल जनादेश की ग़लत व्याख्या करने और उसको अपनी सारी कारस्तानियों पर जनता की मुहर मान लेने की ग़लती करने लगेगी?

क्या एक्ज़िट पोल पर भरोसा किया जा सकता है?

एक एक्ज़िट पोल में पश्चिम बंगाल में भाजपा को 4 से लेकर 22 सीटों तक का आकलन दिया, जिसमें 5 गुने का फर्क है. तमिलनाडु में एनडीए को 2 से 15 सीटें दी गईं, जिसमें सात गुने का फर्क है. एक चैनल ने पंजाब में भाजपा को उतनी सीटें दीं, जितनी वह लड़ ही नहीं रही. उत्तराखंड में उस आम आदमी पार्टी को भी कुछ प्रतिशत वोट दिला दिए जो वहां चुनाव मैदान में ही नहीं है.

चंदौली लोकसभा सीट: वाराणसी की इस पड़ोसन की तो दास्तान ही अलग

पिछले 21 वर्षों में चंदौली सीट के मतदाताओं ने किसी भी पार्टी या प्रत्याशी को लगातार दो बार नहीं चुना है. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडे दोबारा जीत दर्ज कर अपनी प्रतिष्ठा बचा पाते हैं या नहीं.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi during a press conference at the party headquarter in New Delhi, Friday, May 17, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist)

मोदी जी! वे दिन हवा हो चुके जब ख़लील ख़ां फ़ाख़्ते उड़ाया करते थे

गनीमत है कि अपनी स्वनामधन्य विशेषज्ञता को मतदाताओं को फांसने के जाल की तरह इस्तेमाल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरस्ट्राइक पर जा रहे पायलटों को राम का नाम लेने, कोई मंत्र बुदबुदाने या हनुमान चालीसा पढ़ने का सुझाव नहीं दिया.

घोसी में मोदी के ‘कटप्पा’ ने भाजपा प्रत्याशी को ही ‘बाहुबली’ बनाया

पूर्वांचल की घोसी लोकसभा सीट अरसे तक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, फिर कांग्रेस और सपा-बसपा का गढ़ रही है, इस बार यहां से भाजपा से नाराज़ उसकी सहयोगी सुभासपा ने अपना उम्मीदवार उतारकर ‘कमल न खिलने देने’ की ठान ली है.

पूर्वी उत्तर प्रदेश की कुशीनगर सीट पर कौन-कितने पानी में?

पूर्वी उत्तर प्रदेश की कुशीनगर लोकसभा सीट पर भाजपा से विजय दुबे, कांग्रेस से आरपीएन सिंह और सपा-बसपा गठबंधन की ओर से नथुनी प्रसाद कुशवाहा चुनाव मैदान में हैं.

आम्बेडकरनगर सीट: क्या भाजपा को भी ‘मोदी लहर’ पर भरोसा नहीं रहा?

पूर्वी उत्तर प्रदेश की आम्बेडकरनगर लोकसभा सीट पर भाजपा ने अपने वर्तमान सांसद हरिओम पांडेय का टिकट काटकर प्रदेश सरकार में मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा को प्रत्याशी बनाया है.

… तो देश को 1977 में ही मिल जाता पहला दलित प्रधानमंत्री

चुनावी बातें: 1977 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद जनसंघ के सांसद चाहते थे कि बाबू जगजीवन राम के रूप में पहला दलित प्रधानमंत्री देकर देश को नया संदेश दिया जाए, लेकिन राजनीतिक जटिलताओं के चलते ऐसा हो न सका.

अब तक गठित सोलह लोकसभाओं में तीसरी ने देखे सबसे बुरे दिन

चुनावी बातें: तीसरी लोकसभा के कार्यकाल के दौरान देश ने अपने पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान के आक्रमणों का मुक़ाबला किया और अपने दो प्रधानमंत्रियों को गंवाया.

अयोध्या का एक गांव जहां लोगों ने कभी वोट नहीं डाला

चुनावी बातें: उत्तर प्रदेश के अयोध्या ज़िले की फ़ैज़ाबाद लोकसभा सीट के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित इस गांव का नाम पूरे बोध तिवारी है.

जब राजमाता सिंधिया के ‘धर्मपुत्र’ ने उनके समर्थन के बावजूद उनके बेटे से शिकस्त खाई

चुनावी बातें: 1984 में भाजपा से अटल बिहारी वाजपेयी और कांग्रेस से माधवराव सिंधिया ग्वालियर से मैदान में थे, जिससे विजयाराजे सिंधिया के सामने पार्टी व पुत्र के बीच चुनाव का धर्मसंकट आ खड़ा हुआ था. उस पर अटल बिहारी ने ख़ुद को उनका धर्मपुत्र बताकर इस दुविधा को और बढ़ा दिया था.