बीते बुधवार को तमिलनाडु के मंत्री वी. सेंथिल बालाजी को ईडी द्वारा गिरफ़्तार किए जाने के कुछ घंटों बाद राज्य सरकार ने यह क़दम उठाया है. सेंथिल बालाजी को नौकरी के बदले नकद घोटाले की जांच के तहत गिरफ़्तार किया गया है.
एआईएडीएमके महासचिव ई. पलानीस्वामी ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता पर तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष अन्नामलाई की टिप्पणियों को ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बताते हुए कहा कि बिना किसी राजनीतिक अनुभव या परिपक्वता के भाजपा नेता ने जानबूझकर इस तरह की टिप्पणी की.
ईडी ने मंगलवार को तमिलनाडु के बिजली मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के घर और परिसरों में तलाशी शुरू करने के बाद बुधवार तड़के उन्हें हिरासत में ले लिया. यह मामला 2011 से 2016 के बीच राज्य के परिवहन विभाग में कथित रूप से नौकरी के लिए कैश के घोटाले से जुड़ा है. तब बालाजी अन्नाद्रमुक सरकार में परिवहन मंत्री थे.
वीडियो: ट्विटर के सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ जैक डोर्सी ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत सरकार की ओर से उन्हें ट्विटर बंद कर देने और कर्मचारियों के घर छापे की धमकी मिली थी. कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी सेल के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने इस पर कहा कि मोदी सरकार फ्री स्पीच के लिए ख़तरा है.
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट बताती है कि एक विद्रोही कुकी संगठन के अध्यक्ष द्वारा 2019 में गृह मंत्री अमित शाह को लिखे गए पत्र में दावा किया गया था कि 2017 में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा और भाजपा नेता राम माधव ने मणिपुर विधानसभा चुनाव जीतने के लिए उनसे मदद ली थी.
सरकार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण की बुकिंग के लिए बनाए गए कोविन ऐप पर अपलोड की गई नागरिकों की निजी जानकारी टेलीग्राम ऐप पर डालने की खबर सामने आई है. विपक्षी दलों ने इसकी गहन जांच की मांग की, साथ ही कांग्रेस ने सरकार के संपूर्ण डेटा प्रबंधन तंत्र की न्यायिक जांच की मांग की.
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष अन्नामलाई ने हाल ही में एआईडीएमके नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जयललिता पर परोक्ष कटाक्ष करते हुए कहा था कि राज्य में पिछली कई सरकारें भ्रष्ट थीं. एआईडीएमके ने कहा कि अन्नामलाई की टिप्पणी का मतलब सिर्फ़ इतना है कि वह नहीं चाहते कि पार्टी के साथ भाजपा का गठबंधन जारी रहे और मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनें.
कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि पार्टी मांग करती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और प्रशासन में विश्वास बहाल करने तथा राज्य में सामान्य स्थिति लाने के लिए सभी प्रयास करने के लिए जल्द से जल्द मणिपुर का दौरा करना चाहिए.
पुलिस ने बताया कि मणिपुर के चुराचांदपुर ज़िले के लैलोईफाई इलाके में बीते सोमवार को हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हुई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के विभिन्न जातीय समूहों के बीच शांति स्थापित करने के लिए शांति समिति का गठन किया है. हालांकि मुख्यमंत्री के इसमें शामिल किए जाने का विरोध हो रहा है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मणिपुर में विभिन्न जातीय समूहों के बीच शांति स्थापित करने के लिए एक समिति का गठन किया था. राज्यपाल अनुसुइया उइके इसकी अध्यक्षता करेंगी, जिसमें मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह भी शामिल हैं. कुकी नेताओं ने कहा कि वे इसका बहिष्कार करेंगे, क्योंकि इसमें मुख्यमंत्री और उनके समर्थक शामिल हैं.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटते हुए केंद्र सरकार द्वारा बीते 19 मई को लाया गया एक अध्यादेश दिल्ली में निर्वाचित सरकार के विभिन्न विभागों की प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के संबंध में उपराज्यपाल को अधिक शक्तियां प्रदान करता है.
मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने पर भाजपा द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत वेल्लोर में आयोजित एक जनसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नए संसद में 'सेंगोल' के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करने के लिए राज्य की जनता वहां से आगामी लोकसभा चुनाव में पच्चीस एनडीए सांसद चुने.
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘लव जिहाद’ पर एक सवाल के जवाब में भाजपा की राष्ट्रीय सचिव पंकजा मुंडे ने कहा कि अगर दो लोग विशुद्ध रूप से प्रेम के लिए एक साथ आए हैं, तो इसका सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन अगर इसके पीछे कोई कड़वाहट और चालाकी है तो इसे अलग तरह से देखा जाना चाहिए.
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि मई 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से क़र्ज़ का बोझ 100 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ गया है. 67 वर्षों में 14 प्रधानमंत्रियों के रहते क़र्ज़ 55 लाख करोड़ रुपये था, जबकि मोदी कार्यकाल में इसमें 100 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि देखी गई है.
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कुछ मार्गों पर हवाई किराये में अत्यधिक वृद्धि पर चिंता जताते हुए पूछा है कि आसमान छूते हवाई किराये मध्यम वर्ग के लिए कहर बरपा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जब बालासोर ट्रेन त्रासदी हुई तो सरकार ने भुवनेश्वर और कोलकाता के बीच उड़ान की कीमतों को नियंत्रण से बाहर जाने दिया.