देव कोहली ने 90 के दशक में कई हिट गाने दिए थे. उनका जन्म पाकिस्तान में हुआ था. वह 1949 में दिल्ली चले आए थे. 1964 में मुंबई पहुंचकर उन्होंने काम की तलाश शुरू की थी. 1969 में फिल्म ‘ग़ुंडा’ के साथ उन्होंने इंडस्ट्री में क़दम रखा. हालांकि उन्हें पहला बड़ा ब्रेक 1971 की फिल्म ‘लाल पत्थर’ के गाने ‘गीत गाता हूं मैं’ से मिला.
'आदिपुरुष' न केवल ख़राब ढंग से बनी फिल्म है, बल्कि इसने हर तरह के लोगों को नाराज़ किया है.
एक अभिनेता होने के अलावा गूफी पेंटल ने कुछ टीवी शो और एक फिल्म का निर्देशन भी किया था. बीआर फिल्म्स के साथ वह एसोसिएट डायरेक्टर, कास्टिंग डायरेक्टर और प्रोडक्शन डिज़ाइनर के रूप में भी काम कर चुके थे.
सुलोचना ने 250 से अधिक हिंदी और लगभग 50 मराठी फिल्मों में अभिनय किया था. उनकी उम्र 94 साल थी. हिंदी सिनेमा में वह अधिकांशत: हीरो की मां की भूमिका निभाने के लिए जानी जाती थीं. साल 1999 में उन्हें पद्मश्री सम्मान दिया गया था.
दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि कट्टरता और दुष्प्रचार फैलाने के लिए बनाई गई फिल्मों से लड़ने का एकमात्र तरीका कलाकारों का बोलना है. हालांकि उन्होंने अफ़सोस जताया कि बहुत से कलाकार ऐसा करने को तैयार नहीं हैं.
मुंबई के सबसे बड़े थिएटरों में से एक इरोज़ को मल्टीप्लेक्स और रिटेल आउटलेट में तब्दील किए जाने की सूचना है और इस बात से इसके चाहने वाले ख़ुश नहीं हैं.
बीते दिनों तमिलनाडु में बिहार के श्रमिकों पर कथित हमले की अफ़वाह फैलाने के आरोप में ख़ुद को पत्रकार बताने वाले यूट्यूबर मनीष कश्यप को बिहार पुलिस ने गिरफ़्तार किया था. अब राज्य में मुख्य विपक्षी दल भाजपा मनीष कश्यप को ‘सवर्ण’ जाति के एक पीड़ित के रूप में चित्रित करने का प्रयास कर रही है, ताकि सत्तारूढ़ महागठबंधन का मुक़ाबला कर सके.
वीडियो: आंखों देखी, दम लगा के हईशा और लाल सिंह चड्ढा जैसी फ़िल्मों के साथ-साथ पंचायत, मिर्ज़ापुर और ब्रीद: इनटू द शैडोज जैसी वेब-सीरीज़ में अभिनय कर चुके अभिनेता श्रीकांत वर्मा से उनके जीवन, रंगमंच, सिनेमा और ओटीटी पर उनके अनुभव और यात्रा के बारे में बातचीत.
स्मृति शेष: कलाकार के लिए ज़रूरी है वो अपनी रूह पर किरदार का लिबास ओढ़ ले. किरदार दर किरदार रूह लिबास बदलती रहे, देह वही किरदार नज़र आए. सतीश कौशिक को ये बख़ूबी आता था.
अभिनेता और फिल्म निर्देशक सतीश कौशिक का जन्म 13 अप्रैल 1956 को हरियाणा के महेंद्रगढ़ में हुआ था. वह नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) और फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) के पूर्व छात्र थे. उन्होंने अपना करिअर थियेटर से शुरू किया था. हास्य अभिनेता के तौर पर कौशिक ने काफी लोकप्रियता हासिल की थी.
शाहरुख़ ख़ान की फिल्म ‘पठान’ के ‘बेशर्म रंग’ गाने में दीपिका पादुकोण को भगवा बिकनी में दिखाने के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. इसे लेकर असम में भी विरोध हो रहा है. शाहरुख़ के फोन करने से पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा था कि शाहरुख़ ख़ान कौन हैं? मैं उनके या उनकी फिल्म पठान के बारे में कुछ नहीं जानता.
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता फिल्मों और नामी हस्तियों के ख़िलाफ़ अनावश्यक टिप्पणी करने से बचें. प्रधानमंत्री का बयान भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत कुछ प्रमुख भाजपा नेताओं द्वारा शाहरुख़ ख़ान की आगामी फिल्म 'पठान' के बहिष्कार के आह्वान के बीच आया है.
संजय चौहान ने ‘साहिब बीवी और गैंगस्टर’, ‘धूप’, ‘से सलाम इंडिया’, ‘राइट या रॉग’, ‘मैंने गांधी को नहीं मारा’ और ‘आई ऐम कलाम’ जैसी फिल्मों के लिए लेखन कार्य किया था. उन्होंने सुधीर मिश्रा की हिट फिल्म ‘हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी’ के लिए संवाद भी लिखे थे, जो 2003 में रिलीज़ हुई थी.
शाहरुख ख़ान और दीपिका पादुकोण अभिनीत फिल्म ‘पठान’ के ख़िलाफ़ कुछ असामाजिक तत्वों के विरोध पर गीतकार और लेखक जावेद अख़्तर ने कहा कि कोई असामाजिक तत्व नहीं हैं, मंत्री ऐसी बातें कर रहे हैं. मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ने गीत पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा कि यह तय करना मेरे या आपके लिए नहीं है कि गीत सही है या ग़लत.
बॉलीवुड फिल्मों के बहिष्कार को लेकर अभिनेता सुनील शेट्टी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मुलाकात के दौरान कहा कि हैशटैग बायकॉट बॉलीवुड चलन को कैसे ख़त्म किया जा सकता है, इस दिशा में प्रयास करने चाहिए. हम दिन भर ड्रग्स नहीं लेते, हम दिन भर ग़लत काम नहीं करते. प्रधानमंत्री से अगर आप इस बारे में कहें तो बहुत फ़र्क़ पड़ सकता है.