Eid

ईद पर जोधपुर में दंगा, सांप्रदायिक हिंसा से किसको फ़ायदा?

वीडियो: ईद के दिन राजस्थान में जोधपुर शहर के जालौरी गेट इलाके में सांप्रदायिक झड़प हो गई थी. इसे लेकर राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने कई प्रदेशों में हुई सांप्रदायिक झड़पों का हवाला देते हुए भाजपा पर चुनावी राज्यों में नफ़रत फैलाने का आरोप लगाया है.

ईद पर बच्चों को धार्मिक पोशाक पहनने के लिए कथित तौर से बाध्य करने पर प्रिंसिपल के ख़िलाफ़ केस

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर के न्याय नगर पब्लिक स्कूल का मामला. आरोप है कि बच्चों को प्रिंसिपल द्वारा ईद के त्योहार पर धार्मिक पोशाक पहनने के लिए मजबूर किया गया था. विश्व हिंदू परिषद के एक पदाधिकारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि प्रिंसिपल बुशरा मुस्तफ़ा द्वारा पद का दुरुपयोग करते हुए जानबूझकर एक साज़िश के तहत हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने की कोशिश की गई.

क्या एक धर्म के त्योहार पर अपने धर्म की छाप छोड़ने की उतावली किसी हीनता के चलते है

ईद मुबारक के जवाब में अक्षय तृतीया या परशुराम जयंती की बधाई देना कैलेंडरवादी धार्मिकता का प्रतीक है. हम हर जगह अपना क़ब्ज़ा चाहते हैं. ध्वनिभूमि पर, ध्वनि तरंगों पर भी, दूसरों के उपासना स्थलों पर और समाज के मनोलोक पर.

राजस्थान: जोधपुर में कर्फ्यू जारी, उपद्रव के आरोप में 141 गिरफ़्तार

जोधपुर में जालौरी गेट इलाके में सोमवार देर रात एक स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा पर झंडा फहराने और हटाने को लेकर दो समुदायों के बीच झड़प के बाद कई क्षेत्रों ने कर्फ्यू लगाया गया था. सत्तारूढ़ कांग्रेस ने कई राज्यों में हुई सांप्रदायिक झड़पों का हवाला देते हुए भाजपा पर चुनावी राज्यों में नफ़रत फैलाने का आरोप लगाया है.

राजस्थान के जोधपुर शहर में सांप्रदायिक तनाव के बाद 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा

जोधपुर शहर के जालौरी गेट इलाके में हुई घटना. एहतियातन मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं. स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा पर झंडा फहराने और हटाने को लेकर दो समुदायों के बीच सोमवार देर रात हुई झड़प के कुछ घंटे बाद ही पथराव हो गया था, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. मंगलवार को सुबह की नमाज़ के बाद इस इलाके में फ़िर से संघर्ष शुरू हो गए थे, जिसके बाद कर्फ्यू लगा दिया गया.

नफ़रत के दिनों की ईद ज़्यादा खुले दिल से मनाई जानी चाहिए…

हमारी दुनिया में कितनी भी मायूसी हो, चाहे जितनी भी नफ़रत पैदा की जा रही हो, उम्मीद और प्रेम के उजालों में चलकर ही कहीं पहुंचा जा सकता है.

शोभा यात्रा और धार्मिक जुलूस बिना विधिवत अनुमति के न निकाले जाएं: योगी आदित्यनाथ

बीते दिनों दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा और हाल ही में मध्य प्रदेश, झारखंड, गुजरात और पश्चिम बंगाल में रामनवमी के जुलूस के दौरान हिंसा की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए योगी आदित्यनाथ ने राज्य में किसी भी तरह का तनाव रोकने और सुदृढ़ क़ानून-व्यवस्था के इरादे से इस व्यवस्था को लागू करने पर ज़ोर दिया है.

अदालत ने केरल सरकार से बकरीद पर कोविड पाबंदियों में तीन दिन छूट देने पर जवाब मांगा

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने 17 जुलाई को पाबंदियों में रियायत की घोषणा करते हुए 21 जुलाई को मनाए जाने वाले बकरीद के मद्देनज़र आवश्यक वस्तुओं के साथ कई अन्य तरह की दुकानों को भी 18, 19 और 20 जुलाई को सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक खुले रखने की अनुमति दी है.

त्योहारों की साझा संस्कृति और साझा ऐतिहासिक चेतना आज कहां है

क्या हम पहले के मुकाबले भावनात्मक रूप से अधिक असुरक्षित हो गए हैं? क्या हमारा भाव जगत पहले की तुलना में कहीं संकुचित हो गया है? किसी भी अन्य समुदाय के त्योहार में साझेदारी करने में अक्षम या उस दिन को हथिया लेने की जुगत लगाते हुए क्या हम हीन भावना के शिकार होते जा रहे हैं?

कश्मीर की दिवाली अंधेरी क्यों?

वीडियो: जम्मू कश्मीर से विशेष दर्जा हटाने के बाद वहां लागू प्रतिबंधों की वजह से लोग न तो ठीक से ईद मना पाए और न ही दिवाली. इस मुद्दे पर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

जब जुनैद का परिवार ईद नहीं मना सका तो मैं दीवाली कैसे मनाऊं?

दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर लिखती हैं, ‘मेरे लिए महज एक हिंदू होने से ज़्यादा ज़रूरी इंसान होना है. इस साल दीवाली पर मेरे घर में तो अंधेरा रहेगा, लेकिन मेरे मन का कोई कोना ज़रूर रोशन होगा.’

गांव वही था, लोग भी वही थे, मगर ईद वह नहीं थी

अपने हिंदू दोस्तों को ईद की दावत दी. सबने चिकन-मटन खाने से मना कर दिया. ये वही दोस्त थे जो इसके पहले सिर्फ़ इस शर्त पर आते थे कि चिकन-मटन खाने को मिलेगा.

ईद: देश के कई हिस्से में काली पट्टी बांधकर मनाया त्योहार, कश्मीर में हिंसक झड़प

हरियाणा के खंदावली गांव के किशोर जुनैद की ईद के दो दिन पहले चलती ट्रेन में पीटकर हत्या कर दी गई थी, जिसके विरोध में गांव वालों ने ईद नहीं मनाई.

क्या यह दावा कमज़ोर हुआ है कि हिंदू बहुसंख्यक हैं इसलिए देश धर्मनिरपेक्ष है?

2017 की ढलती जून की इस सुबह ईद मुबारक कहना झूठी तसल्ली जान पड़ती है, एक झूठा आश्वासन, सच्चाई से आंख चुराना! सच यह है कि यह ईद मुबारक नहीं है.