Khargone

एमपी में हिंदूवादी नेता ने ‘मुस्लिमों का डर’ दिखा किसानों से सस्ते में ज़मीन ख़रीदी: रिपोर्ट

मध्य प्रदेश के खरगोन ज़िले का मामला. भाजपा नेता रंजीत सिंह दांडीर पहले बजरंग दल में थे. आरोप है कि उन्होंने वाली तंज़ीम-ए-ज़रख़ेज नामक संस्था बनाकर 2000 के दशक में किसानों की कई एकड़ ज़मीन यह डर दिखाकर सस्ते दामों में ख़रीद ली कि इस पर बूचड़खाना बनने वाला है. सौदा होने के बाद संस्था का नाम बदलकर पीसी महाजन फाउंडेशन कर दिया गया.

मध्य प्रदेश: बुलडोज़र अभियान का विरोध करने वाले कार्यकर्ता ज़ैद पठान रासुका के तहत गिरफ़्तार

प्रदेश में स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा चलाए जा रहे बुलडोज़र अभियानों के ख़िलाफ़ मुखर कार्यकर्ता जै़द पठान को खरगोन में राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत गिरफ़्तार किया गया है. उन पर समुदायों के बीच नफ़रत फैलाने, धार्मिक भावनाएं भड़काने और सोशल मीडिया मंचों पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप लगाए गए हैं.

मध्य प्रदेश: चोरी के संदेह में दलित युवक को बेरहमी से पीटा, कपड़े उतरवाए

आरोप है कि 3 अगस्त को खरगोन ज़िले के बलकवाड़ा थानाक्षेत्र के निमरानी में एक फैक्ट्री परिसर में 24 साल के एक दलित शख़्स को पीटा गया. परिजनों का कहना है कि धर्म जानने के लिए पीड़ित के कपड़े भी उतरवाए गए. मामले में चार लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज हुआ है और एक पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया है.

खरगोन हिंसा: तीन मुख्य आरोपी गिरफ़्तार, 72 दर्ज मामलों के संबंध में अब तक 182 लोग पकड़े गए

मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में बीते 10 अप्रैल को रामनवमी के जुलूस के दौरान सांप्रदायिक हिंसा हो गई थी. अधिकारी ने बताया कि हिंसा को उकसाने के मुख्य आरोपियों में से एक इक़बाल बानी, अफ़ज़ल और अर्श उर्फ कैफ़ को गिरफ्तार किया गया है.

सांप्रदायिक हिंसा के 24 दिन बाद मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में लगा कर्फ्यू पूरी तरह से समाप्त

अधिकारियों ने बताया​ कि सीआरपीसी की धारा 144 के तहत लागू निषेधाज्ञा भी समाप्त कर दी गई है. खरगोन में 10 अप्रैल को रामनवमी पर​ निकाले गए धार्मिक जुलूस के दौरान हुई हिंसा में दुकानों, घरों एवं वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया था. इसके बाद पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था. हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.

एमपी: खरगोन में कर्फ्यू में कोई ढील नहीं, घरों में ही ईद और अक्षय तृतीया मनाने को कहा गया

मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में बीते 10 अप्रैल को रामनवमी के जुलूस के दौरान हिंसा हुई थी, जिसके बाद शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया. ढील न दिए जाने के संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि खरगोन में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और शहर के सभी धार्मिक स्थल मंगलवार को बंद रहेंगे.

खरगोन हिंसा: ‘जब दंगाई मेरे घर में घुसे तो लगा मेरा आख़िरी दिन है’

वीडियो: मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में सांप्रदायिक हिंसा के बाद यहां से आठ किमी दूर कुकडोल गांव में अब्दुल हमीद और उनका परिवार 12 अप्रैल की रात को तब दहशत में आ गया था, जब 20 वर्षीय बलराम चौहान उर्फ ​​बलराम राजपूत के नेतृत्व में भीड़ ने उनके घर पर धावा बोल दिया. अब्दुल का आरोप है कि भीड़ ने उनकी मूक बधिर बेटी के साथ बलात्कार करने की धमकी दी, उनकी पत्नी के कपड़े फाड़े और पत्थरों से हमला किया.

खरगोन हिंसा में एक व्यक्ति की मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाया आरोप

वीडियो: मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में 10 अप्रैल को रामनवमी के जुलूस के दौरान हिंसा भड़कने के बाद से 28 वर्षीय इबरिस खान लापता हो गए थे. उनका परिवार तब से उन्हें लगातार तलाश रहा था. बीते 17 अप्रैल को पता चला कि एक अज्ञात शव मिला था. खरगोन में फ्रीज़र सुविधा न होने के चलते शव को पोस्टमॉर्टम के बाद इंदौर के एक अस्पताल भेज दिया गया था. शव की पहचान इबरिस के रूप में हुई थी.

खरगोन सांप्रदायिक हिंसा मामले में अब तक 175 लोग गिरफ़्तार: मध्य प्रदेश पुलिस

मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान पथराव के चलते दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क गई थी, तब से खरगोन कर्फ्यू के साये में है. दो दिनों से कर्फ्यू में कुछ घंटों की ढील दी गई है. पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक 64 एफआईआर दर्ज की गई हैं.

खरगोन हिंसा में हुई पहली मौत की पुष्टि, पीड़ित परिवार का पुलिस पर मौत को छिपाने का आरोप

पुलिस ने बताया कि शहर में सांप्रदायिक हिंसा के अगले दिन 11 अप्रैल को एक अज्ञात शव मिला था. खरगोन में फ्रीज़र की सुविधा उपलब्ध न होने के चलते शव को पोस्टमार्टम के बाद इंदौर के अस्पताल में रखा गया था. वहीं, मृतक इब्रेश ख़ान के परिवार का आरोप है कि 12 अप्रैल को कुछ लोगों ने उसे पुलिस की हिरासत में देखा था.

खरगोन हिंसा: पीएम आवास योजना के तहत बना मकान तोड़ने के बाद सरकार परिवार का पुनर्वास करेगी

मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में रामनवमी पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद ज़िला प्रशासन द्वारा कई घरों और दुकानों को गिराने की कार्रवाई की गई थी. इसमें हसीना फ़ख़रू का भी मकान अवैध बताकर बुलडोज़र से ढहा दिया गया था, जबकि उनके पास उपलब्ध दस्तावेज़ बताते हैं कि वह मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत था.

रामनवमी हिंसा के बाद एमपी के मुसलमानों के घरों पर चला बुलडोज़र, सुप्रीम कोर्ट ख़ामोश क्यों?

वीडियो: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर खरगोन ज़िला प्रशासन और पुलिस ने रामनवमी जुलूस पर कथित तौर पर हमले में शामिल लोगों के घर तोड़ दिए हैं. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

सांप्रदायिक हिंसा और हिंदू-मुस्लिम नफ़रत का नया दौर

वीडियो: जिस देश में हिंदू बहुसंख्यक हैं और मुसलमान अल्पसंख्यक, वहां हिंदुओं का एक धड़ा अल्पसंख्यक समुदाय से ख़तरा महसूस करता है. देश के विभिन्न स्थानों पर हाल में हुईं सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं पर द वायर की आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

खरगोन दंगा पीड़ितों ने कहा, उनके त्योहार आते हैं तो हमें जान बचाकर भागना पड़ता है

वीडियो: हिंदुत्ववादी समूहों द्वारा बीते 10 अप्रैल को रामनवमी के अवसर पर निकाले गए जुलूसों के दौरान देश के विभिन्न शहरों में सांप्रदायिक हिंसा की ख़बरें सामने आई थीं. इनमें मध्य प्रदेश का खरगोन शहर भी शामिल है. हिंसा के बाद ज़िला प्रशासन द्वारा कई घरों और दुकानों को गिराने की कार्रवाई की गई थी.

‘यह आज़ाद भारत के इतिहास का सबसे बुरा दौर है’

वीडियो: पिछले कुछ दिनों में कई राज्यों में हुए सांप्रदायिक घटनाक्रम के बाद तनाव का माहौल है. मध्य प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के घर-दुकान ढहाए गए, तो कहीं मस्जिदों के सामने अभद्र नारे लगे. इसके मद्देनज़र द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की इतिहासकार रामचंद्र गुहा से बातचीत.