Pulwama

जम्मू कश्मीर: सब-इंस्पेक्टर की हत्या, महीने भर में तीन पुलिसकर्मी आतंकियों का निशाना बने

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिण कश्मीर ज़िले के पंपोर इलाके के संबूरा निवासी फ़ारूक़ अहमद मीर की शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात आतंकवादियों ने गोली मारकर तब हत्या कर दी, जब वे अपने धान के खेत में काम करने के लिए घर से निकले थे. वह आईआरपी 23वीं बटालियन में तैनात थे.

जम्मू कश्मीर: जानलेवा हमलों के बीच प्रवासी मज़दूर छोड़ रहे हैं घाटी

दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा में 19 मार्च से 7 अप्रैल के बीच 5 बार प्रवासी मज़दूरों पर जानलेवा हमले हो चुके हैं. हमलावरों के बारे में पुलिस को कोई सुराग नहीं है. डर और दहशत में प्रवासी मज़दूर पुलवामा छोड़कर घाटी के अन्य इलाकों का रुख कर रहे हैं या फिर अपने-अपने घर लौट रहे हैं.

जम्मू कश्मीर: ज़मानत के कुछ घंटे बाद पत्रकार फ़हद शाह फ़िर गिरफ़्तार

जम्मू कश्मीर के शोपियां की एक अदालत से ज़मानत मिलने के कुछ घंटे बाद समाचार पोर्टल ‘द कश्मीर वाला’ के संपादक फ़हद शाह को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया. उन्हें बीते शनिवार को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. शाह को आतंकवाद का महिमामंडन करने, फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने और राज्य के लोगों को भड़काने के आरोप में बीते चार फरवरी को गिरफ़्तार किया गया था.

एडिटर्स गिल्ड ने कश्मीर में पत्रकारों की गिरफ़्तारी की निंदा की, उनकी तत्काल रिहाई की मांग

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की ओर कहा गया है कि कश्मीर में मीडिया की स्वतंत्रता का दायरा लगातार सिमटता गया है. संगठन ने ‘द कश्मीर वाला’ न्यूज़ पोर्टल के संपादक फहद शाह और इसी संस्थान के एक अन्य पत्रकार सज्जाद गुल की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए जम्मू कश्मीर प्रशासन से आग्रह किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर पत्रकारों का उत्पीड़न बंद करें.

कश्मीर: वेबसाइट पर पुलवामा मुठभेड़ की ख़बर देने के बाद पत्रकार राजद्रोह के आरोप में गिरफ़्तार

द कश्मीर वाला न्यूज़ पोर्टल के संपादक फहद शाह को गिरफ़्तार करते हुए जम्मू कश्मीर पुलिस ने आरोप लगाया कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट ‘आतंकी गतिविधियों का महिमामंडन’ करते हैं और देश के ख़िलाफ़ ‘दुर्भावना व अंसतोष’ फैलाते हैं. पत्रकार संगठनों ने इसकी निंदा करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है.

जम्मू कश्मीर: आतंकियों ने पुलवामा ज़िले में एक एसपीओ, उनकी पत्नी और बेटी की गोली मारकर हत्या की

पुलवामा ज़िले के अवंतीपोरा इलाके के हरिपारिगाम में हुई घटना. सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू कर दिया है, लेकिन अभी तक किसी आतंकवादी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है. जम्मू कश्मीर के विभिन्न दलों के नेताओं ने इस घटना की निंदा की है.

जम्मू कश्मीर: भाजपा नेता को आतंकियों ने गोली मारी, मौत

पुलिस ने बताया कि त्राल के स्थानीय निकाय के चेयरमैन राकेश पंडित बुधवार रात अपने दोस्त के घर जा रहे थे, जब तीन अज्ञात आतंकवादियों ने उन पर गोलियां चलाईं. राकेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. घटना में उनके दोस्त की बेटी भी घायल हुई हैं, जो गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं.

विश्वसनीय ख़ुफ़िया जानकारियां होने के बावजूद हुआ था पुलवामा हमला: रिपोर्ट

फ्रंटलाइन पत्रिका की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2 जनवरी 2019 से 13 फरवरी 2019 तक मिली श्रृंखलाबद्ध ख़ुफ़िया जानकारियों पर अगर सुरक्षा एजेंसियों ने सफलतापूर्वक कार्रवाई की होती, तो पुलवामा आतंकी हमले को रोका जा सकता था.

जम्मू कश्मीरः कथित मुठभेड़ में मारे गए किशोर के पिता पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज

श्रीनगर के बाहरी इलाके लवायपोरा में 29-30 दिसंबर को एक कथित मुठभेड़ में तीन संदिग्ध आतंकियों का मार गिराया गया था, जिसमें से एक 16 साल का किशोर था. यह इस तरह की दूसरी घटना है, जिसमें मुठभेड़ में मारे गए कथित आतंकी के परिजन के ख़िलाफ़ पुलिस ने यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है.

मुझे फ़िर से हिरासत में लिया गया, बेटी इल्तिजा भी नज़रबंदः महबूबा मुफ़्ती

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने आरोप लगाया है कि वह पार्टी की युवा इकाई के नेता वाहिद पर्रा के परिवार से मिलने पुलवामा जाने वाली थीं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें मंज़ूरी नहीं दी. वाहिद ने डीडीसी चुनाव में नामांकन दाख़िल किया था. आतंक से संबंधित एक मामले में एनआईए ने 25 नवंबर को उन्हें गिरफ़्तार किया है.

जम्मू कश्मीर: दो पत्रकारों ने मुठभेड़ कवर करने के दौरान पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया

दोनों फोटो पत्रकारों दक्षिण कश्मीर के पुलवामा के मारवाल गांव में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच गोलीबारी की घटना को कवर करने गए थे.

‘अब श्रमिक स्पेशल ट्रेन का और इंतज़ार नहीं होता, सफ़र की तारीख नहीं मिली तो पैदल ही चल देंगे’

दूसरे राज्यों में फंसे कामगारों को उनके गृह राज्य पहुंचाने के लिए चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेन के रजिस्ट्रेशन की जद्दोजहद के बाद यात्रा की तारीख तय न होने से मज़दूर हताश हैं. कर्नाटक, कश्मीर और गुजरात के कई कामगार इस स्थिति से निराश होकर साइकिल या पैदल निकल चुके हैं या ऐसा करने के बारे में सोच रहे हैं.

Jammu: Army personnel stand guard at Gujjar Nagar area during a curfew, imposed on the third day after the clash between two communities over the protest against the Pulwama terror attack, in Jammu, Sunday, Feb. 17, 2019. (PTI Photo)(PTI2_17_2019_000035B)

पुलवामा हमलाः अब तक चार लोग गिरफ़्तार, ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट अमेज़न से मंगवाया गया था विस्फोटक

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार किए गए दोनों लोगों में से एक ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों के निर्देश पर आईईडी बनाने के लिए रसायन, बैटरियां एवं अन्य सामग्री खरीदने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट अमेज़न का इस्तेमाल किया था.

कर्नाटकः पाकिस्तान समर्थित नारे लगाने के आरोप में तीन कश्मीरी छात्र गिरफ़्तार

एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ रहे कश्मीर के तीन छात्रों पर पुलिस ने राजद्रोह और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.

सरकार से क्यों नाराज़ हैं पुलवामा हमले के शहीदों के परिवार

विशेष रिपोर्ट: 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकी हमले में बिहार के रहने वाले दो सीआरपीएफ जवान भी शहीद हुए थे. हमले के एक साल बाद इनके परिजनों का कहना है कि शहादत के बाद सरकार की तरफ से बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन सारे कागज़ी निकले.