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गुजरात: दस लोगों को आरटीआई दाख़िल करने से आजीवन प्रतिबंधित किया गया

पिछले 18 महीनों में गुजरात सूचना आयोग ने दस लोगों को जीवनभर आरटीआई आवेदन दायर करने से बैन करते हुए कहा कि वे ‘सरकारी अधिकारियों को परेशान करने के लिए आरटीआई अधिनियम का इस्तेमाल’ करते हैं. आयोग ने एक शख़्स पर आरटीआई के तहत सूचना मांगने पर पांच हज़ार रुपये जुर्माना भी लगाया है.

वर्ष 2021-22 में प्राकृतिक आपदाओं और रखरखाव के कारण क़रीब 1,693 टन अनाज बर्बाद: आरटीआई

सूचना का अधिकार क़ानून से पता चला है कि भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में 2018-19 में 5,213 टन, 2019-20 में 1,930 टन और 2020-21 में 1,850 टन अनाज प्राकृतिक आपदाओं और रखरखाव के कारणों से नष्ट हुआ था.

बीते दो सालों में चीन के निवेश संबंधी क़रीब 80 एफडीआई प्रस्तावों को सरकार ने मंजू़री दी: रिपोर्ट

पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना से टकराव के बाद भारत ने अप्रैल 2020 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश संबंधी नीति में परिवर्तन किए थे और भारत के साथ ज़मीनी सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए सरकारी मंजू़री को अनिवार्य कर दिया था. अब सूचना के अधिकार से सामने आया है कि बीते दो सालों में सरकार ने क़रीब 80 चीनी एफडीआई प्रस्तावों को स्वीकृति दे दी है.

सीआईसी के समक्ष 26,500 से अधिक अपील और शिकायतें लंबित: सरकार

केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में बताया कि केंद्रीय सूचना आयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि 18 जुलाई 2022 तक सीआईसी के पास 26,518 अपील और शिकायत लंबित हैं.

पीपीई किट: असम के मुख्यमंत्री ने दिल्ली के डिप्टी सीएम के ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा किया

बीते जून महीने में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा ने भी दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ख़िलाफ़ 100 करोड़ रुपये की मानहानि का मुक़दमा दर्ज कराया था. सिसोदिया ने साल 2020 में कोविड-19 महामारी की पहली लहर के दौरान असम में पीपीई ख़रीद के लिए हिमंता की पत्नी की कंपनी को बाज़ार मूल्य से अधिक दामों पर ठेका देने का आरोप लगाया था. हिमंता उस वक़्त राज्य के स्वास्थ्य मंत्री थे.

पांच साल में मौजूदा और पूर्व सांसदों की मुफ़्त रेल यात्रा पर आया 62 करोड़ रुपये का ख़र्च: आरटीआई

आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, कोरोना महामारी के दौरान 2020-21 में क़रीब 2.5 करोड़ रुपये पूर्व और मौजूदा सांसदों की इस तरह की यात्राओं पर ख़र्च हुए हैं. इस दौरान रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों समेत विभिन्न श्रेणी के यात्रियों को दी जाने वाली कई छूट पर रोक लगा दी थी, जिससे कुछ तबकों में नाराज़गी है. वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली सब्सिडी ख़त्म करने के क़दम की भी आलोचना हुई है.

सीआईसी ने भारतीय सुरक्षा प्रेस को चुनावी बॉन्ड के मुद्रण लागत की जानकारी देने का निर्देश दिया

राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए चुनावी बॉन्ड की छपाई की कुल लागत की जानकारी हासिल करने की ख़ातिर भारतीय सुरक्षा प्रेस को आरटीआई आवेदन दिया था. हालांकि भारतीय सुरक्षा प्रेस ने तर्क दिया था कि सूचना सार्वजनिक किए जाने से देश के आर्थिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.

पीपीई किट घोटाला: असम सीएम की पत्नी ने सिसोदिया पर 100 करोड़ की मानहानि का मुक़दमा किया

बीते चार जून को दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया था कि कोविड महामारी के दौरान साल 2020 में एक ओर असम सरकार ने अन्य कंपनियों से जहां 600 रुपये में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट खरीदी थीं, तो दूसरी ओर उन्होंने अपनी पत्नी व बेटे के व्यापारिक भागीदारों की कंपनियों को 990 रुपये के हिसाब से तत्काल पीपीई किट की आपूर्ति के ऑर्डर दिए थे.

असम: वाम दलों, तृणमूल कांग्रेस ने पीपीई किट घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग उठाई

आरोप है कि साल 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा की पत्नी और एक पारिवारिक मित्र के स्वामित्व वाली फर्मों को बाज़ार दरों से ऊपर पीपीई किट की आपूर्ति का ठेका दिया गया था. वाम दलों ने आरोप लगाया कि दो साल पहले कोविड-19 से निपटने के मद्देनज़र चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति के ठेके देने के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), असम द्वारा सभी मानदंडों का उल्लंघन किया गया था.

असम के सीएम ने पत्नी-बेटे के साझेदारों की कंपनियों को पीपीई किट आपूर्ति के ठेके दिए: सिसोदिया

आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया है कि साल 2020 में जब देश कोविड-19 महामारी से जूझ रहा था, तब असम सरकार ने उस समय स्वास्थ्य मंत्री रहे हिमंता बिस्वा शर्मा की पत्नी की कंपनी और बेटे के व्यापारिक साझेदारों को ‘अत्यधिक दरों’ पर पीपीई किट की आपूर्ति करने के लिए ठेके दिए थे. इस संबंध में द वायर’ और ‘द क्रॉस करंट’ बीते एक ​जून को रिपोर्ट प्रकाशित की थी. असम सरकार और हिमंता बिस्वा शर्मा ने आरोपों से इनकार किया है.

मध्य प्रदेश: विदिशा में आरटीआई कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या

मध्य प्रदेश के विदिशा शहर में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) कार्यालय के बाहर आरटीआई कार्यकर्ता 42 वर्षीय रंजीत सोनी की दिनदहाड़े अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी. वह अशोकनगर का रहने वाले थे. पुलिस ने बताया कि कार्यालय में लगा सीसीटीवी काम नहीं कर रहा था और हमलावरों को पता लगाने के लिए पुलिस शहर के बाकी फुटेज देख रही है.

रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों को टिकट रियायत निलंबित कर अतिरिक्त 1500 करोड़ रुपये कमाए: आरटीआई

आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, 20 मार्च, 2020 और 31 मार्च, 2022 के बीच भारतीय रेलवे ने 7.31 करोड़ वरिष्ठ नागरिक यात्रियों को रियायतें नहीं दीं. इनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के 4.46 करोड़ पुरुष, 58 से अधिक आयु की 2.84 करोड़ महिलाएं और 8,310 ट्रांसजेंडर लोग शामिल हैं.

आईआईटी में सिविल इंजीनियरिंग छात्रों की प्लेसमेंट की दर सबसे कम, वेतन भी औसतः रिपोर्ट

करिअर्स 360 द्वारा दायर किए गए आरटीआई आवेदन से पता चला है कि आईआईटी में 2020-2021 में सिविल इंजीनियरिंग में सबसे कम 43 फीसदी प्लेसमेंट दर दर्ज हुई है.

बिहार: आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या और बेटे की मौत के मामले में मुख्यमंत्री से जांच की मांग

मोतीहारी के आरटीआई कार्यकर्ता बिपिन अग्रवाल की बीते वर्ष सितंबर माह में हत्या कर दी गई थी. पिता की हत्या की जांच में देरी के चलते उनके बेटे ने बीते माह कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. आरटीआई का समर्थन करने वाली एक राष्ट्रीय संस्था ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने की मांग की है.

सीआईसी ने लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री के बाल कटवाने संबंधी आरटीआई को नकारा

मई 2020 में एक व्यक्ति ने आरटीआई अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी कि क्या लॉकडाउन में सैलून बंद होने से प्रधानमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगियों पर उतना ही प्रभाव पड़ा, जितना किसी आम नागरिक पर. सीआईसी ने इसे ‘बेतुका’ बताते हुए कहा कि यह अधिनियम के प्रावधानों के दुरुपयोग के समान है.