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शरद पवार ने भाजपा पर क्षेत्रीय सहयोगियों को ख़त्म करने का आरोप लगाया, नीतीश का समर्थन किया

राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि भाजपा की एक ख़ासियत यह है कि वह चुनावों के वक़्त क्षेत्रीय दल से हाथ मिलाती है, लेकिन यह सुनिश्चित करती है कि सहयोगी दल कम सीटें जीते.

क्या शपथ से पहले देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री होने की ख़ुशी में लड्डू खा रहे थे?

भाजपा के इस दौर में हर काम मोदी के नाम पर होता है. राज्यों के मुख्यमंत्री भी अपने रूटीन फ़ैसले के पीछे माननीय प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व को श्रेय देते हैं. महाराष्ट्र के केस में भाजपा कहना क्या चाहती है. वो पहले तय कर ले कि उपमुख्यमंत्री के पद को सम्मान बताकर देवेंद्र फडणवीस का अपमान करना है या जेपी नड्डा का? क्या यह नड्डा को मज़ाक़ का पात्र बनाना नहीं है कि वे कम से कम उपमुख्यमंत्री बनाने का फ़ैसला लेने लगे हैं?

महाराष्ट्र: सुप्रीम कोर्ट ने बाग़ी विधायकों की अयोग्यता पर 11 जुलाई तक फ़ैसला लेने पर रोक लगाई

महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष द्वारा शिवसेना के बाग़ी विधायकों को जारी किए गए अयोग्यता नोटिसों के जवाब में एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. वहीं, शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया, जिसमें विधानसभा में बहुमत परीक्षण नहीं कराए जाने का अनुरोध किया गया था.

आदित्य ठाकरे बोले- बाग़ियों के लिए दरवाजे बंद, केंद्रीय मंत्री ने कहा- एमवीए सरकार 2-3 दिन चलेगी

महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन सरकार के घटक दल शिवसेना में मची अंदरूनी खींचतान के बीच केंद्र की भाजपा सरकार ने शिवसेना के 15 बाग़ी विधायकों को ‘वाय प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है, तो वहीं असम सरकार के भाजपाई मंत्रियों ने गुवाहाटी के होटल में बाग़ी विधायकों से मुलाक़ात की. 

महाराष्ट्रीय अस्मिता से अधिक बलशाली अब हिंदुत्व की पुकार है

भाजपा की फूहड़, हिंसक, बेहिस विभाजनकारी शासन नीति से अलग सभ्य, शालीन, ज़िम्मेदार शासन नीति और आचरण के लिए उद्धव ठाकरे की सरकार को याद किया जाएगा. कम से कम इस प्रयास के लिए कि एक अतीत के बावजूद सभ्यता का प्रयास किया जा सकता है.

महाराष्ट्र संकट: उद्धव ने कहा- सत्ता का लालच नहीं, शिंदे बोले- किसी राष्ट्रीय दल से संपर्क नहीं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पार्टी पदाधिकारियों से बातचीत में कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास खाली किया है, लेकिन उनका दृढ़ संकल्प बरकरार है. उधर, पार्टी के बाग़ी विधायक एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को दिए बयान से पटलते हुए कहा कि कोई भी राष्ट्रीय दल उनके संपर्क में नहीं है.

महाराष्ट्र संकट: शिंदे का 46 विधायकों के समर्थन का दावा, ठाकरे मुख्यमंत्री पद छोड़ने तैयार

महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे असम के गुवाहाटी में समर्थक विधायकों के साथ एक होटल में ठहरे हैं. उनका दावा है कि उन्हें 46 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जबकि खबरों के मुताबिक 34 विधायकों ने प्रस्ताव पारित करके उन्हें शिवसेना विधानसभा दल का नेता नियुक्त किया है. इस बीच, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि अगर बाग़ी विधायक मेरे सामने आकर कह दें कि मैं मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष के पदों को संभालने में सक्षम नहीं हूं तो तत्काल इस्तीफा दे दूंगा.

Kolkata: BJP leader Yashwant Sinha speaks during a panel discussion and an interactive session on an analysis of Union Budget 2018-19, in Kolkata on Tuesday. PTI Photo by Swapan Mahapatra (PTI2_6_2018_000178B)

राष्ट्रपति चुनाव में यशवंत सिन्हा होंगे संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार

राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार पर फैसला करने के लिए एनसीपी प्रमुख शरद पवार द्वारा संसद भवन में बुलाई गई बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं ने यशवंत सिन्हा के नाम पर सहमति जताई. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बैठक के बाद एक संयुक्त बयान पढ़ते हुए कहा कि हमें खेद है मोदी सरकार ने राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर आम सहमति बनाने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किया.

महाराष्ट्र में सियासी संकट, विधायकों के साथ गुजरात पहुंचे शिवसेना के मंत्री एकनाथ शिंदे

गुजरात के सूरत में एक होटल में कुछ विधायकों के साथ रह रहे मंत्री एकनाथ शिंदे को शिवसेना ने विधायक दल के नेता पद से हटा दिया है. वहीं, शिंदे ने बयान जारी करके कहा है कि वह कभी भी सत्ता के लिए धोखा नहीं देंगे और बाल ठाकरे से मिली सीख को नहीं छोड़ेंगे. इस बीच, महाराष्ट्र की एमवीए सरकार में सहयोगी एनसीपी के शरद पवार ने इसे भाजपा द्वारा सरकार गिराने की कोशिश क़रार दिया है.

पवार और अब्दुल्ला के बाद गोपाल कृष्ण गांधी का भी विपक्ष से राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से इनकार

राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाख़िल करने की प्रक्रिया बीते 15 जून से शुरू हो गई है, जो 29 जून तक चलेगी. फिलहाल भाजपा 18 जुलाई को होने वाले 16वें राष्ट्रपति चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार के बारे में चुप्पी साधे हुए है. चुनाव नतीजे 21 जुलाई को घोषित किए जाएंगे.

राष्ट्रपति चुनाव: फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने भी विपक्ष के उम्मीदवार के रूप में अपना नाम वापस लिया

राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में अपना नाम वापस लेने वाले फ़ारूक़ अब्दुल्ला दूसरे नेता हैं. इससे पहले राकांपा प्रमुख शरद पवार ने उम्मीदवार बनने से इनकार कर दिया था. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है. राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को होगा. मतगणना 21 जुलाई को होगी.

राष्ट्रपति चुनाव: शरद पवार ने उम्मीदवार बनने से इनकार किया, ममता की बैठक में शामिल हुए 17 दल

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों को एक बैठक में आमंत्रित किया था. बैठक में ऐसा साझा उम्मीदवार खड़ा करने का फैसला किया गया, जो मोदी सरकार को भारत के सामाजिक ताने-बाने और लोकतंत्र को आगे और नुकसान पहुंचाने से रोके. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है. राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को होने हैं.

शरद पवार पर ट्वीट मामले को लेकर छात्र की गिरफ़्तारी पर कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को लताड़ा

बॉम्बे हाईकोर्ट राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने को लेकर 14 मई से जेल में बंद 21 वर्षीय छात्र निखिल भामरे की याचिका पर सुनवाई कर रहा था. अदालत ने महाराष्ट्र सरकार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई उस व्यक्ति (पवार) के नाम को नुकसान पहुंचाती है, जिसे दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला है.

शरद पवार पर ‘आपत्तिजनक’ पोस्ट के मामले में अभिनेत्री केतकी चिताले 18 मई तक पुलिस हिरासत में

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने पर मराठी अभिनेत्री केतकी चिताले और फार्मेसी के 23 वर्षीय छात्र निखिल भामरे को बीते 14 मई को गिरफ़्तार किया गया था. इसके बाद से चिताले के ख़िलाफ़ महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में कई एफ़आईआर दर्ज कराए जा चुके हैं.

विपक्ष के 13 नेताओं ने सांप्रदायिक हिंसा पर चिंता जताई, प्रधानमंत्री की ‘चुप्पी’ पर सवाल उठाया

सोनिया गांधी, शरद पवार, ममता बनर्जी समेत विपक्ष के नेताओं की ओर से कहा गया है कि हम प्रधानमंत्री की चुप्पी को लेकर स्तब्ध हैं, जो कि ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ कुछ भी बोलने में नाकाम रहे, जो अपने शब्दों और कृत्यों से कट्टरता फैलाने और समाज को भड़काने का काम कर रहे हैं. यह चुप्पी इस बात का तथ्यात्मक प्रमाण है कि इस तरह की निजी सशस्त्र भीड़ को आधिकारिक संरक्षण प्राप्त है.