uniform civil code

मुसलमानों से देश छोड़ने की बात कहने वाले ख़ुद देश छोड़कर चले जाएं: महमूद मदनी

देवबंद में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की प्रबंधन समिति के सालाना अधिवेशन में महमूद मदनी ने कहा, ‘हमारा मज़हब, लिबास, तहज़ीब, खाना-पीना भी अलग है. और अगर आपको हमारा मज़हब बर्दाश्त नहीं है, तो आप कहीं और चले जाएं. वो ज़रा-ज़रा सी बात पर कहते हैं कि पाकिस्तान जाओ, भइया तुम्हें मौक़ा नहीं मिलेगा पाकिस्तान जाने का, हमें मिला था, हमने रिजेक्ट किया है. इसलिए हम नहीं जाएंगे, जिसको भेजने का शौक़ है वो चला जाए.’

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित

उत्तराखंड सरकार के एक आदेश में कहा गया है कि पांच सदस्यीय समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई करेंगी, जो वर्तमान में भारत के परिसीमन आयोग की प्रमुख हैं. अन्य सदस्यों में दिल्ली हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौर, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह और दून विश्वविद्यालय की कुलपति सुरेखा डंगवाल शामिल हैं.

मदरसे बंद करना और समान नागरिक संहिता मुस्लिमों के हित में: हिमंता बिस्वा शर्मा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े साप्ताहिक ‘पाञ्चजन्य’ और ‘ऑर्गेनाइजर’ के एक कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि बच्चों को मदरसों में प्रवेश देना मानवाधिकारों का उल्लंघन है. किसी भी धार्मिक संस्थान में प्रवेश उस उम्र में होना चाहिए, जिसमें वे अपने फ़ैसले खुद ले सकें.

सुरेश चव्हाणके ने भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने की भाजपा विधायक समेत अन्य को शपथ दिलाई

हरियाणा के अंबाला शहर में हुए आयोजन का कथित वीडियो ट्विटर पर शेयर ​किया गया है, जिसमें सुदर्शन न्यूज़ के प्रमुख सुरेश चव्हाणके, शहर विधायक असीम गोयल और अन्य को कहते सुना जा सकता है कि हम हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र बनाने की शपथ लेते हैं. इन लोगों ने इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर ‘बलिदान देने या लेने’ की भी बात कही.

उत्तराखंड: कॉमन सिविल कोड से पहाड़ की जनता को क्या मिलेगा

अगर पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार कोई क़ानून लाना चाहती है तो उसके बारे में आम जनता को पहले से तफ़्सील से क्यों नहीं बताया जाता कि उत्तराखंड के लिए इसके क्या फ़ायदे होंगे.

मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी: केस दर्ज कराने पहुंचे युवक ने दिल्ली पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया

जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र अरबाब अली ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के जंतर मंतर पर मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी के संबंध में भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय और हिंदुत्व कार्यकर्ता उत्तम उपाध्याय के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज कराने की कोशिश करने पर उन्हें हिरासत में लिया गया और धमकाया गया. आरोप है कि अश्विनी उपाध्याय के नेतृत्व में बीते आठ अगस्त को जंतर मंतर पर एक कार्यक्रम के दौरान भड़काऊ और मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी की गई थी.

जंतर मंतर पर ख़ूनी नारे लगा रहे शख़्स के पिता ने कहा, सरेंडर करे बेटा

वीडियो: बीते 8 अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर एक कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम विरोधी हिंसक नारे लगे थे. उत्तम उपाध्याय उन लोगों में से एक हैं, जिन्हें वीडियो में ये नारे लगाते हुए देखा जा सकता है. इस कार्यक्रम के बाद से वह घर नहीं लौटे हैं. दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह वीडियो में किसी की पहचान नहीं कर पाई है, लेकिन द वायर ने उत्तम कुमार की पहचान की और उनके परिवार से बातचीत भी की.

जंतर मंतर पर सांप्रदायिक नारेबाजी: अदालत ने तीन आरोपियों को जमानत देने से इनकार किया

आठ अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ नामक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया गया था. अदालत ने सांप्रदायिक नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार तीन लोगों को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि इन लोगों को अलोकतांत्रिक टिप्पणी करते हुए देखा जा सकता है.

जंतर मंतर पर मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी: दिल्ली की अदालत ने भाजपा नेता को दी ज़मानत

बीते आठ अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ नामक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रत्यक्ष तौर पर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया गया था. इस दौरान भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय और गजेंद्र चौहान थे. अश्विनी उपाध्याय ने आयोजन में अपनी भूमिका से इनकार किया है. हालांकि भारत जोड़ो अभियान की प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शन उनके ही नेतृत्व में हुआ था.

जंतर मंतर पर मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी: ‘हिंदुत्व नायकों’ पर कार्रवाई कब?

वीडियो: बीते आठ अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ नामक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी की घटना को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर अपूर्वानंद और अधिवक्ता राहुल नारायण से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत. 

जंतर मंतर पर मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी के आरोप में भाजपा नेता सहित छह लोग गिरफ़्तार

बीते आठ अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ नामक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रत्यक्ष तौर पर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया गया था. इस दौरान भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय और गजेंद्र चौहान थे. सोशल मीडिया पर वायरल कार्यक्रम के एक कथित वीडियो में मुस्लिमों की हत्या का आह्वान किया गया था. अश्विनी उपाध्याय ने आयोजन में अपनी भूमिका से इनकार किया है. हालांकि भारत जोड़ो अभियान की प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शन उनके ही नेतृत्व में हुआ था.

मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी: वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखा, कहा- यह नरसंहार का आह्वान था

बीते आठ अगस्त को ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ नामक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के तहत समान नागरिक संहिता को लागू करने के पक्ष में रैली हुई थी. आरोप है कि इस दौरान प्रत्यक्ष तौर पर मुस्लिमों के ख़िलाफ़ हिंसा का आह्वान किया गया था और भड़काऊ तथा मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी भी की गई थी. राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने इस मामले में पुलिस को नोटिस जारी कर कहा है कि इसे लेकर सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

जंतर मंतर पर हिंदुत्व हिंसक भीड़ का जमावड़ा, पत्रकार पर भी हमला

वीडियो: बीते आठ अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ नामक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रत्यक्ष तौर पर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया गया था. सोशल मीडिया पर वायरल कार्यक्रम के एक कथित वीडियो में मुस्लिमों की हत्या का आह्वान किया गया था. इस मुद्दे पर केरल के पूर्व डीआईजी एनसी अस्थाना, द वायर के रिपोर्टर याक़ूत अली, नेशनल दस्तक के रिपोर्टर अनमोल प्रीतम और आलीशान जाफ़री से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने चर्चा की.

दिल्लीः जंतर मंतर पर भाजपा नेता के कार्यक्रम में हुई मुस्लिम विरोधी भड़काऊ नारेबाज़ी, केस दर्ज

भाजपा के पूर्व प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय द्वारा बिना पुलिस की मंज़ूरी के आयोजित इस कार्यक्रम में समान नागरिक संहिता को लागू कर औपनिवेशक क़ानूनों को ख़त्म करने की मांग की गई. सोशल मीडिया पर वायरल कार्यक्रम के एक वीडियो में प्रत्यक्ष तौर पर मुस्लिमों की हत्या का आह्वान किया गया. इस दौरान एक यूट्यूब चैनल के रिपोर्टर को कथित तौर पर भीड़ ने घेरकर उन्हें जय श्रीराम का नारा लगाने के लिए मजबूर किया.

दिल्ली हाईकोर्ट ने किया समान नागरिक संहिता का समर्थन, कहा- आधुनिक समाज एक जैसा हो रहा है

एक तलाक़ के मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि विभिन्न समुदायों, जातियों या धर्मों से जुड़े विवाह करने वाले युवाओं को विभिन्न पर्सनल लॉ, विशेषकर विवाह और तलाक़ के संबंध में टकराव के कारण उत्पन्न होने वाले मुद्दों से जूझने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए.