Gujarat High Court

हाईकोर्ट जज के वेतन-भत्ते का आरटीआई के तहत खुलासा नहीं किया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट

याचिकाकर्ता ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत गुजरात हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश की नियुक्ति और वेतन-भत्तों से संबंधित जानकारी मांगी थी. गुजरात सूचना आयोग ने जानकारी को उपलब्ध कराए जाने योग्य माना था, लेकिन हाईकोर्ट ने आयोग के फैसले को रद्द कर दिया.

गोधरा ट्रेन अग्निकांड: अदालत ने कुछ दोषियों की ज़मानत याचिकाओं पर गुजरात सरकार से जवाब मांगा

गुजरात सरकार ने कुछ दोषियों के मामलों में अपील दायर की है, जिनकी मौत की सज़ा को हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास में बदल दिया था. राज्य के गोधरा में 27 फरवरी, 2002 को ट्रेन के एस-6 कोच में आग लगाए जाने से 59 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद राज्य में दंगे भड़क उठे थे.

मोरबी पुल हादसा: दुर्घटना के ढाई महीने बाद ओरेवा कंपनी के प्रमोटर के ख़िलाफ़ अरेस्ट वॉरंट जारी

30 अक्टूबर 2022 को गुजरात के मोरबी शहर में माच्छू नदी पर बने केबल पुल के अचानक टूटने से क़रीब 141 लोगों की मौत हो गई थी. पुल के रखरखाव व संचालन का ठेका ओरेवा समूह के पास था. मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जिनमें से चार ओरेवा के कर्मचारी हैं.

नागरिकों को विरोध करने की अनुमति देने संबंधी पुलिस नियम जानने का अधिकार: गुजरात हाईकोर्ट

एक याचिकाकर्ता ने दिसंबर 2019 में सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, जिससे गुजरात पुलिस ने इनकार कर दिया. तब उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत उन नियमों को प्रकाशित करने के लिए कहा, जो पुलिस को प्रदर्शन या रैलियां करने की अनुमति देने या अस्वीकार करने का अधिकार देते हैं. हालांकि उनके आवेदन को गुजरात पुलिस द्वारा ख़ारिज कर दिया गया था.

‘मोरल पुलिसिंग’ करने वाले सीआईएसएफ जवान की बर्ख़ास्तगी को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया

मामला वर्ष 2001 का है. गुजरात के वडोदरा स्थित एक पार्क में रात की शिफ्ट कर रहे सीआईएसएफ के एक जवान ने बाइक सवार जोड़े को रोककर युवती के साथ कुछ समय बिताने की मांग की थी और बाद में युवक की घड़ी लेकर उन्हें जाने दिया था. युवक की शिकायत के बाद सीआईएसएफ की विभागीय जांच में जवान को बर्ख़ास्त कर दिया गया था. 

गोधरा ट्रेन अग्निकांड: सुप्रीम कोर्ट में गुजरात सरकार ने कुछ दोषियों की ज़मानत का विरोध किया

गुजरात के गोधरा में 27 फरवरी, 2002 को अयोध्या से ‘कारसेवकों’ को लेकर लौट रही साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच में आग लगा देने के कारण 59 लोगों की मौत हो गई थी. इसके कारण राज्य में सांप्रदायिक दंगे हुए थे, जिसमें 1,200 से अधिक लोग मारे गए थे.

गुजरात हाईकोर्ट मोरबी पुल हादसे की जांच और अन्य पहलुओं की समय-समय पर निगरानी करे: सुप्रीम कोर्ट

बीते 30 अक्टूबर को मोरबी शहर में माच्छू नदी पर बने केबल पुल के अचानक टूटने से 140 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने इससे संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा कि गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने पहले ही घटना का स्वत: संज्ञान लिया है और कई आदेश पारित किए हैं.

मोरबी पुल हादसा: नगर पालिका को हाईकोर्ट की फटकार, कहा- जवाब दाख़िल करें या जुर्माना भरें

मोरबी पुल हादसे पर स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज की गई याचिका की सुनवाई में मंगलवार को गुजरात हाईकोर्ट ने मोरबी नगर पालिका से पूछा था कि पुल के संचालन और रखरखाव का ठेका बिना निविदा निकाले क्यों दिया गया था. 

गुजरात: हाईकोर्ट ने मोरबी पुल हादसे का स्वत: संज्ञान लिया, सरकार को नोटिस भेजा

बीते 30 अक्टूबर को मोरबी शहर में माच्छू नदी पर बने केबल पुल के अचानक टूटने से क़रीब 141 लोगों की मौत हो गई थी. अब गुजरात हाईकोर्ट ने घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य के गृह विभाग, नगर पालिकाओं के आयुक्त, मोरबी नगर पालिका, ज़िलाधिकारी व राज्य मानवाधिकार आयोग को नोटिस जारी किया है.

खेड़ा सार्वजनिक पिटाई: गुजरात हाईकोर्ट ने 15 पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी किया

बीते 3 अक्टूबर को खेड़ा ज़िले के एक गांव में एक मस्जिद के पास गरबा कार्यक्रम का विरोध किए जाने के बाद हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच विवाद हो गया था. घटना से संबंधित एक वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी मुस्लिम युवकों को पोल से बांधकर उन्हें लाठियों से पीटते नज़र आए थे. पीड़ितों ने 15 पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर की है.

गुजरात दंगा मामले में हाईकोर्ट ने पूर्व डीजीपी आरबी श्रीकुमार को अंतरिम ज़मानत दी

अहमदाबाद पुलिस ने 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े मामले में पूर्व डीजीपी आरबी श्रीकुमार को जून में गिरफ़्तार करते हुए उनके साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और पूर्व पुलिस अधिकारी संजीव भट्ट पर झूठे सबूत गढ़कर क़ानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की साज़िश रचने का आरोप लगाया गया था.

गुजरात दंगा: साक्ष्य गढ़ने के मामले में तीस्ता सीतलवाड़ और दो अन्य के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दाख़िल

गुजरात दंगों से जुड़े मामलों के सिलसिले में सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और पूर्व पुलिस अधिकारियों आरबी श्रीकुमार तथा संजीव भट्ट पर झूठे सबूत गढ़कर क़ानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की साज़िश रचने का आरोप लगाया गया है, ताकि कई लोगों को ऐसे अपराध में फंसाया जा सके, जो मौत की सज़ा के साथ दंडनीय हो.

जेल से बाहर आने के बाद तीस्ता सीतलवाड़ का पहला साक्षात्कार

वीडियो: सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को गुजरात दंगों की जांच को गुमराह करके ‘निर्दोष लोगों’ को फंसाने के लिए सबूत गढ़ने की कथित साज़िश के लिए जून महीने में गिरफ़्तार किया  गया था. सुप्रीम कोर्ट द्वारा ज़मानत मिलने के बाद उन्हें बीते शनिवार को साबरमती जेल से रिहा किया गया है. उनसे बातचीत.

सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ गिरफ़्तारी के क़रीब दो महीने बाद जेल से बाहर आईं

गुजरात की साबरमती जेल से रिहा किए जाने के बाद तीस्ता सीतलवाड़ को ज़मानत की औपचारिकताओं के लिए सत्र न्यायालय में पेश किया गया. अदालत ने उन्हें बिना अनुमति देश नहीं छोड़ने को कहा है. सीतलवाड़ को गुजरात दंगों की जांच को गुमराह करके ‘निर्दोष लोगों’ को फंसाने के लिए सबूत गढ़ने की कथित साज़िश के लिए बीते जून महीने में गिरफ़्तार किया  गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम ज़मानत दी

गुजरात पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को बीते जून महीने में साल 2002 के गुजरात दंगों की जांच को गुमराह करके ‘निर्दोष लोगों’ को फंसाने के लिए सबूत गढ़ने की कथित साज़िश के लिए गिरफ़्तार किया था.