Sonia Gandhi

New Delhi: Senior Congress leader Ghulam Nabi Azad speaks during a news conference in which MLA's of various local parties in Haryana who joined Congress, in New Delhi, Sunday, Sept. 15, 2019. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI9_15_2019_000167B)

सोनिया गांधी से मिलने के बाद आज़ाद ने कहा: नेतृत्व परिवर्तन मुद्दा नहीं, संगठन को लेकर सुझाव दिए

कांग्रेस के ‘जी 23’ समूह के प्रमुख सदस्य गुलाम नबी आजाद ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने के बाद कहा कि फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन कोई मुद्दा नहीं है, उन्होंने सिर्फ संगठन को मज़बूत बनाने तथा आगे के विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर अपने सुझाव दिए हैं.

कांग्रेस के ‘जी 23’ ने कहा- सामूहिक और समावेशी नेतृत्व व्यवस्था अपनाई जाए, हर स्तर पर निर्णय हो

कांग्रेस के ‘जी 23’ समूह के नेताओं ने कहा कि पार्टी समान विचारधारा वाली सभी ताक़तों के साथ संवाद की शुरुआत करे ताकि 2024 के लिए विश्वसनीय विकल्प पेश करने का एक मंच बन सके. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग हालिया चुनावी हार की पटकथा लिखने के ज़िम्मेदार हैं, उन्हें ही चुनाव बाद के हालात के आकलन के लिए नियुक्त किया गया है.

चुनावी राजनीति में सोशल मीडिया कंपनियों के सुनियोजित प्रभाव और दखल पर रोक लगे: सोनिया गांधी

लोकसभा में शून्य काल के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अल जज़ीरा और द रिपोर्टर्स कलेक्टिव द्वारा प्रकाशित फेसबुक के एल्गोरिदम संबंधी उन रिपोर्ट्स का ज़िक्र किया जिनमें इस सोशल मीडिया कंपनी द्वारा विपक्षी राजनीतिक दलों की तुलना में भाजपा को सस्ती दरों पर विज्ञापन देने का ख़ुलासा हुआ था.

सोनिया गांधी के चुनावी राज्यों के अध्यक्षों से इस्तीफ़ा मांगने के बाद कई ने पद छोड़ा

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इस निर्देश के कुछ देर बाद ही उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने अपने त्याग-पत्र की घोषणा की है. हालांकि, पार्टी ने इन पांच चुनावी राज्यों के महासचिवों और प्रभारियों को इस्तीफ़ा देने के लिए नहीं कहा है.

दिल्ली दंगा: अदालत का नेताओं के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए दायर याचिका पर नोटिस

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों से जुड़ीं अनेक याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है. जिन नेताओं के ​ख़िलाफ़ एफ़आरआई दर्ज करने की मांग की गई है उनमें भाजपा नेता अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा, प्रवेश वर्मा और अभय वर्मा, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, आप नेता मनीष सिसोदिया, विधायक अमानतुल्ला खान और अन्य नेताओं के नाम शामिल हैं.

उत्तर प्रदेश चुनाव: क्या प्रियंका गांधी कांग्रेस को नई पहचान देने में कामयाब हो सकेंगी

2019 के लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश से सक्रिय राजनीति में क़दम रखा था, तब भले ही वे कोई कमाल नहीं दिखा सकीं, पर उसके बाद से राज्य में उनकी सक्रियता चर्चा में रही. विपक्ष के तौर पर एकमात्र प्रियंका ही थीं जो प्रदेश में हुई लगभग हर अवांछित घटना को लेकर योगी सरकार को घेरती नज़र आईं.

उत्तराखंड: विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस में घमासान क्यों मचा है

पिछले कुछ दिनों के भीतर उत्तराखंड कांग्रेस में गुटबाज़ी खुलकर सामने आ गई है. प्रदेश में पार्टी के सबसे कद्दावर नेता हरीश रावत ने ‘संगठन का सहयोग न मिलने’ की तंज़ भरे लहज़े में शिकायत की और राजनीति से ‘विश्राम’ का शिगूफ़ा छोड़ दिया, जिसके बाद पार्टी आलाकमान ने उन्हें दिल्ली बुलाया.

उत्तराखंड कांग्रेस प्रमुख ने अपनी भी भावना हरीश रावत के समान होने की बात कही

उत्तराखंड में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने संगठन पर उनके साथ असहयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि अब आराम करने का समय है. उनकी भावनाओं पर सहमत होते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रमुख गणेश गोडियाल ने कहा कि यह एक संगठनात्मक विषय है, जिसका हल पार्टी आलाकमान के साथ परामर्श कर किया जाएगा.

उत्तराखंड कांग्रेस: हरीश रावत ने कहा, उनके हाथ बंधे हुए हैं, अब आराम का समय है

उत्तराखंड में अगले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में गतिरोध उभरने लगा है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री रह चुके हरीश रावत ने संगठन पर उनके साथ असहयोग करने के आरोप लगाए हैं. बताया जा रहा है कि राज्य में कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव और हरीश रावत के आपसी संबंध बहुत अच्छे नहीं हैं. रावत, यादव के कामकाज की शैली से नाखुश हैं और उन्हें ख़ुद को दरकिनार करने के प्रयास का संदेह है.

मतदाताओं को लुभाने की होड़ में राजनीतिक दलों के बीच कोई ख़ास वैचारिक अंतर नहीं है

वर्तमान भारतीय राजनीति में प्रत्येक दल ख़ुद का सफल फॉर्मूला ईजाद करने की कवायद में दूसरे दल से कुछ न कुछ उधार लेने की कोशिश कर रहा है. आज भारतीय लोकतंत्र कम हो रहे राजनीतिक विकल्पों और इन विकल्पों के अभाव में अपने आप को ही विकल्प समझ लेने वालों से भरा पड़ा है.

New Delhi: Senior Congress leader Ghulam Nabi Azad speaks during a news conference in which MLA's of various local parties in Haryana who joined Congress, in New Delhi, Sunday, Sept. 15, 2019. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI9_15_2019_000167B)

कांग्रेस की वर्तमान पीढ़ी सुझावों को बग़ावत के तौर पर देखती है: ग़ुलाम नबी आज़ाद

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद उस जी-23 समूह का हिस्सा हैं, जिसने पिछले साल पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर दल के ढांचे में व्यापक बदलाव की मांग की थी.

राजस्थान: क्या मंत्रिमंडल पुनर्गठन कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक की ओर लौटने की बेचैनी है

राजस्थान के मंत्रिमंडल पुनर्गठन में कांग्रेस आलाकमान ने अनुसूचित जाति व जनजाति और महिलाओं को अच्छी संख्या में प्रतिनिधित्व देकर एक प्रयोग करने की कोशिश की है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह कांग्रेस की अपने पुराने और पारंपरिक वोट बैंक की ओर लौटने की छटपटाहट है.

मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा समेत कांग्रेस के 12 विधायक पार्टी में शामिल: टीएमसी

बताया जा रहा है कि अगस्त में विंसेंट एच. पाला को राज्य इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद से कांग्रेस की मेघालय इकाई में उथल-पुथल मची हुई है. संगमा ने दावा किया था कि नियुक्ति उनकी सहमति के बिना की गई थी. कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी के कुछ नेताओं के तृणमूल में शामिल होने को ‘नाटक’ क़रार देते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी इस तरह के प्रयासों से कमज़ोर नहीं होगी.

राजस्थान: कैबिनेट फेरबदल के कयासों के बीच तीन मंत्रियों ने पद छोड़ने की इच्छा जताई

इन मंत्रियों में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा और शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा शामिल हैं. डोटासरा इस समय पार्टी प्रदेश अध्यक्ष हैं, शर्मा को पार्टी ने हाल में गुजरात व हरीश चौधरी को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है.

कांग्रेस की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति से ग़ुलाम नबी आज़ाद को बाहर किया गया

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद  जी-23 का हिस्सा हैं- इस समूह ने पिछले साल पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर दल के ढांचे में व्यापक बदलाव की मांग की थी. अब पांच सदस्यीय नई अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का पुनर्गठन कर दोबारा इसकी ज़िम्मेदारी पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी को ही सौंपी गई है.