अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी कर भारतीय सामानों पर लगाए गए 25% टैरिफ को घटाकर 18% करने का ऐलान इस शर्त पर किया है कि भारत रूस से कच्चे तेल का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात बंद करेगा और अमेरिका से ऊर्जा उत्पादों की खरीद बढ़ाएगा. ट्रंप का यह आदेश भारत के लिए कई रणनीतिक, आर्थिक और भू-राजनीतिक जोखिम पैदा करता है.
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अरावली पहाड़ियों की परिभाषा को लेकर जारी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए अपने पुराने फैसले पर लगाई रोक को बरक़रार रखा है, जिसमें पर्यावरण मंत्रालय द्वारा 100 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों को ही अरावली मानने की सिफ़ारिश की गई थी.
अमेरिकी सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज कमीशन ने एक संघीय अदालत को बताया है कि भारत सरकार के सहयोग न करने के कारण अडानी समूह को 14 महीनों से समन तामील नहीं हो सका है. अब एजेंसी ने अदालत से ईमेल के ज़रिए नोटिस भेजने की अनुमति मांगी है. मामला कथित रिश्वतखोरी से जुड़ा है.
वर्तमान में हम भारतीय बेहद यक़ीन के साथ कहते हैं कि देश में कोई सरकार आए, वह संविधान के मूल यानी बुनियादी ढांचे से छेड़छाड़ नहीं कर सकती. क्योंकि यह ढांचा 'संविधान की आत्मा' है. हालांकि याद रखने योग्य बात यह है कि 1973 में केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य के मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुनाए गए ऐतिहासिक फैसले से पहले यह विश्वास हमारे पास नहीं था.
साक्षात्कार: केंद्र सरकार 4 फरवरी को लद्दाख के प्रमुख संगठनों से बातचीत करने जा रही है. सितंबर 2025 की हिंसा के बाद बदले हालात में लेह एपेक्स बॉडी और केडीए साझा मसौदे के साथ बैठक में शामिल होंगे. द वायर हिंदी से बातचीत में केडीए संयोजक सज्जाद करगिली कहते हैं कि केंद्र शासित प्रदेश का मॉडल विफल हो चुका है और लद्दाख को पूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार चाहिए.
मुंबई की एक अदालत टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के उन छात्रों के ख़िलाफ़ दर्ज मामला सुन रही है. छात्रों पर आरोप है कि उन्होंने दिवंगत प्रोफेसर जीएन साईबाबा की पहली पुण्यतिथि पर एकत्रित होकर कार्यक्रम आयोजित किया था. कोर्ट ने उनकी अग्रिम ज़मानत याचिकाओं पर सुनवाई को इस महीने के अंत तक के लिए स्थगित करते हुए पहले दी गई अंतरिम सुरक्षा को बढ़ा दिया है.
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फ़ॉन डेर लेयेन ने कहा है कि भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता अंतिम चरण में है. यह समझौता यूरोपीय संघ को भारत जैसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ार में रणनीतिक बढ़त देगा. ट्रंप प्रशासन की हालिया नीतियों के बीच दोनों पक्ष समझौते को जल्द अंतिम रूप देना चाहते हैं.
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