बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के आधिकारिक फेसबुक पेज एक पोस्ट में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के हवाले से कहा गया, ‘पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बीच अगर पुश-इन की घटनाएं होती हैं तो बांग्लादेश कार्रवाई करेगा.’ ‘पुश-इन’, जिसे भारत में ‘पुशबैक’ कहा जाता है, उस प्रक्रिया को कहा जाता है जिसमें भारतीय सीमा सुरक्षा बल लोगों को शारीरिक रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार धकेल देते हैं.
लिपुलेख पास को लेकर भारत और नेपाल आमने-सामने आ गए हैं. नेपाल ने कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर आपत्ति जताई है, जबकि भारत ने उसके दावे को तथ्यहीन बताया है. नई नेपाली सरकार के गठन के बाद सीमा विवाद पर दोनों देशों के बीच यह पहला खुला टकराव है.
ईरान पर हमलों के 62वें दिन भी पश्चिम एशिया का संकट कम नहीं हुआ है. ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को फिर से खोलने के बदले अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की बात कही गई थी. इस बीच अमेरिका में युद्ध की लागत, हथियारों के इस्तेमाल और बच्चों की मौत पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं.
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक संपर्क बढ़ा है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अब्बास अराग़ची ने गत 60 दिनों में छठी बार बातचीत की है. हालिया फोन कॉल (29 अप्रैल) ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले हुई है, जो अगले महीने नई दिल्ली में आयोजित होनी है, हालांकि दोनों पक्षों ने अपने बयानों में इसका जिक्र नहीं किया है.
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल के हमलों के 61 दिन पूरे हो चुके हैं. युद्ध विराम के बावजूद लेबनान और ग़ज़ा में इज़रायली हमले जारी हैं. इस बीच संयुक्त राष्ट्र में ईरान को वर्ष 2026 के परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) समीक्षा सम्मेलन का उपाध्यक्ष चुना गया है. इस फैसले को वैश्विक मंच पर वॉशिंगटन की अलग-थलग पड़ती स्थिति के रूप में देखा जा रहा है.
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमलों के 60वें दिन तनाव बरक़रार है, हालांकि कूटनीतिक हलचल तेज़ हुई है. ईरान के विदेश मंत्री अराग़ची रूस पहुंचे और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को समर्थन के लिए आभार जताया. दूसरी तरफ, ईरान के नए शांति प्रस्ताव पर ट्रंप की नाराज़गी की ख़बरें सामने आई हैं.
ईरान पर हमलों के 57वें दिन पाकिस्तान में कूटनीतिक गतिविधियां बढ़ीं, लेकिन ईरान ने अमेरिका से सीधे बातचीत से इनकार किया. ट्रंप प्रशासन ने अपने दूत भेजने का फैसला किया है, जबकि दिल्ली में ब्रिक्स बैठक बिना संयुक्त बयान के खत्म हुई, जो वैश्विक मतभेदों को दर्शाती है.
नेपाल की बालेन शाह सरकार की सिफ़ारिश के बाद राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों का 30 अप्रैल को होने वाला सत्र 'विशेष कारणों' का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया है. विपक्ष ने इस क़दम को 'अभूतपूर्व और आश्चर्यजनक' बताया है.
लेबनान में संघर्षविराम तीन हफ्ते बढ़ाने के बावजूद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है. स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं और अमेरिकी घेराबंदी जारी है. गाज़ा में मानवीय संकट गहरा रहा है, जबकि दक्षिणी लेबनान और वेस्ट बैंक पर इज़रायली कार्रवाइयां जारी हैं.
ईरान पर हमलों के 55वें दिन संघर्षविराम के बावजूद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. अमेरिका ने इसे अनिश्चित समय तक बढ़ाया है, लेकिन बातचीत ठप है. होर्मुज़ में जहाज़ पर हमले, गाज़ा में नागरिकों की मौत, लेबनान में पत्रकार की हत्या और समुद्री घेराबंदी ने संकट को और जटिल बना दिया है.
अमेरिका ने ईरान को प्रस्ताव देने का समय देने के नाम पर संघर्षविराम बढ़ाने की बात कही है, लेकिन तेहरान ने इस पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी. बंदरगाहों की घेराबंदी और जारी हमलों के बीच क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और कूटनीतिक समाधान अब भी अनिश्चित नजर आ रहा है.
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमलों के 53वें दिन तनाव बरकरार है. ट्रंप ने बातचीत नहीं होने पर गंभीर परिणामों की चेतावनी दी है, जबकि ईरान ने दबाव में वार्ता से इनकार किया है. लेबनान में हमले जारी हैं, और अमेरिका में युद्ध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे हैं.
ईरान पर हमलों के 52वें दिन अमेरिका ने होर्मुज के पास ईरानी जहाज़ जब्त करने का दावा किया है, जिससे तनाव और बढ़ गया है. प्रस्तावित वार्ता पर अनिश्चितता बनी हुई है, जबकि ईरान ने अमेरिका की नीयत पर सवाल उठाए हैं और तेल बाजार को लेकर चेतावनी दी है.
भारत ने होर्मुज़ स्ट्रेट पर दो भारतीय जहाज़ों पर हुई गोलीबारी की घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए देश में ईरान के राजदूत को तलब किया. हालांकि, विदेश मंत्रालय के बयान में 'समन' शब्द का प्रयोग नहीं किया गया, लेकिन यह संकेत दिया गया कि ईरानी राजदूत फाथली को शनिवार शाम जवाहरलाल नेहरू भवन में विदेश सचिव से मिलने के लिए कहा गया था.
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित रूसी तेल की ख़रीद पर दी गई छूट को फिर से बढ़ा दिया गया है. इसके तहत भारत समेत अन्य देश उन रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को खरीद सकते हैं, जो शुक्रवार तक जहाजों पर लदे हुए हैं. यह छूट 16 मई तक लागू रहेगी. इससे पहले दी गई 30 दिनों की छूट 11 अप्रैल को समाप्त हो गई थी.