आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2023-24 के बीच मुकदमों पर 409 करोड़ रुपये से अधिक ख़र्च किए. केंद्र सरकार विभिन्न अदालतों में लंबित लगभग सात लाख मामलों में पक्ष है, जिसमें अकेले वित्त मंत्रालय ही लगभग दो लाख मामलों में पक्ष है.