अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे पर कि भारत ने रूसी कच्चे तेल का आयात पूरी तरह रोकने पर सहमति जताई है, उठे सवालों के जवाब में विदेश और वाणिज्य मंत्रियों के बयान इस धारणा को और मज़बूत करते हैं कि सरकार अपनी स्थिति साफ़ करने से बच रही है. दोनों मंत्रालयों के एक-दूसरे पर ज़िम्मेदारी डालने के बीच, किसी स्पष्ट इनकार का न होना अब मूक सहमति जैसा दिखने लगा है.