उद्योगपति अनिल अंबानी ने आरोप लगाया कि एनडीटीवी ने पिछले कुछ महीनों में उनको ‘निशाना बनाते हुए’ 72 लेख प्रकाशित किए हैं, ताकि उसके वास्तविक मालिकों की ‘कब्ज़े की रणनीतियों’ को आगे बढ़ाया जा सके. उन्होंने जोड़ा कि एनडीटीवी का बहुसंख्यक शेयरधारक- अडानी समूह अनिल अंबानी की कंपनियों पर क़ब्ज़ा करना चाहता है.
वेदांता ने बीते मार्च महीने में एनसीएलटी की इलाहाबाद पीठ के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें जयप्रकाश (जेपी) एसोसिएट्स के अधिग्रहण के लिए अडानी की बोली को मंज़ूरी दी गई थी. एनसीएलएटी ने वेदांता की याचिका को ख़ारिज कर दिया है.
वेदांता ने जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए अडानी एंटरप्राइजेज की दिवालिया समाधान योजना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. कंपनी ने प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं, जबकि एनसीएलएटी पहले ही अंतरिम रोक देने से इनकार कर चुका है. मामले में कानूनी विवाद तेज हो गया है.
एनसीएलटी ने जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए अडानी एंटरप्राइजेज की 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की समाधान योजना को मंज़ूरी दे दी है. वेदांता की आपत्ति ख़ारिज हो गई है. योजना को 93% लेनदारों का समर्थन मिला, हालांकि कुल लोन के मुकाबले वसूली करीब 2.8% ही रहने वाली है.
झारखंड के रहने वाले लल्लन सिंह की 13 मार्च की रात मध्य प्रदेश के सिंगरौली के बधौरा स्थित अडानी पावर प्लांट में मौत हो गई. बताया गया है कि इसे लेकर ख़बर फैली कि उनकी मृत्यु कार्यस्थल पर हुए हादसे में हुई और कंपनी प्रबंधन घटना को छिपाने की कोशिश कर रहा है. इस बात से मज़दूर आक्रोशित हो उठे, जिसके बाद कंपनी परिसर में आगजनी और तोड़फोड़ की गई. पुलिस के मुताबिक श्रमिक की मौत दिल का दौरा पड़ने
भारत सरकार के पूर्व सचिव ईएएस शर्मा ने अडानी समूह, एनएमडीसी और ब्राज़ील की कंपनी वेल एसए के बीच हुए समझौते पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि इससे विशाखापत्तनम पोर्ट और स्टील प्लांट जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के हित प्रभावित होंगे. उन्होंने केंद्र से मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष का असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति और उद्योगों पर दिखने लगा है. एलएनजी की कमी के कारण अडानी टोटल गैस ने औद्योगिक ग्राहकों के लिए क़ीमतें बढ़ा दी हैं. वहीं, गुजरात के कई औद्योगिक क्षेत्रों में गैस सप्लाई 40-50 प्रतिशत तक घटने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है.
गुवाहाटी स्थित एक ग़ैर-सरकारी संगठन ने असम के दीमा हसाओ ज़िले में अडानी समूह के प्रस्तावित सीमेंट प्लांट के लिए होने वाली जनसुनवाई से एक दिन पहले कई पर्यावरणीय और सुरक्षा संबंधी चिंताएं उठाई हैं और अधिकारियों से आग्रह किया है कि इन्हें आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल किया जाए.
मध्य प्रदेश के सिंगरौली ज़िले में अडानी समूह को आवंटित धिरौली कोयला ब्लॉक की पर्यावरण मंज़ूरियों को लेकर एनजीटी ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. याचिकाओं में 5.70 लाख पेड़ों की कटाई और प्रस्तावित हाथी कॉरिडोर पर संभावित असर को चुनौती दी गई है.
नॉर्वे के गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल ने भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का हवाला देते हुए अडानी ग्रीन एनर्जी को निवेश के लिए अयोग्य कंपनियों की सूची में डाल दिया है. इससे पहले अडानी पोर्ट्स को भी इसी आधार पर 15 मई 2024 को सूची में शामिल किया गया था.
सिंगरौली के धिरौली कोयला ब्लॉक को अडानी समूह को आवंटित किए जाने पर मध्य प्रदेश विधानसभा में गुरुवार (26 फरवरी) को तीखी बहस हुई. कांग्रेस ने भूमि अधिग्रहण और मुआवज़े में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए संयुक्त समिति से जांच की मांग की, जबकि राज्य सरकार ने सभी आरोप ख़ारिज किए. हंगामे के बीच विपक्ष ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया.
अमेरिका ने भारत से निर्यात होने वाले सोलर उत्पादों पर 126% का दंडात्मक टैरिफ लगाया है. यह कार्रवाई अडानी समूह की दो कंपनियों- मुंद्रा सोलर एनर्जी और मुंद्रा सोलर पीवी का अमेरिकी जांच प्रक्रिया से हटने के बाद की गई है.
ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में फॉर्मूला 1 रेस की संभावित वापसी को लेकर अडानी समूह सक्रिय दिख रहा है. ऐसी ख़बर है कि सर्किट का निर्माण और स्वामित्व करने वाली जयप्रकाश एसोसिएट्स के अडानी समूह द्वारा अधिग्रहण प्रस्ताव के साथ सर्किट भी सौदे का हिस्सा बन सकता है. हालांकि, फॉर्मूला 1 से जुड़े कर विवाद और नीतिगत स्पष्टता को लेकर अब भी कई सवाल बाकी हैं.
हिंडनबर्ग रिपोर्ट आने के बाद इटली के बैंक इंतेसा सानपाओलो ने अडानी समूह से जुड़े दो लोगों की जांच शुरू की. फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, बैंक को उनके खातों में बड़े निवेश और कुछ लेनदेन संदिग्ध लगे. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन लेनदेन का महत्व इसलिए है क्योंकि वे हिंडनबर्ग के दावे को मज़बूती देते हैं.
निजी कंपनियों के लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र खोलने वाले मोदी सरकार के 'शांति' अधिनियम के पारित होने के दो महीने बाद ही अडानी समूह ने इस क्षेत्र में प्रवेश की घोषणा की है. अडानी पावर ने ‘अडानी एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड’ नामक सहायक कंपनी बनाई है. विपक्ष ने उक्त क़ानून को ‘पसंदीदा को लाभ’ पहुंचाने वाला बताया है.