अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी कर भारतीय सामानों पर लगाए गए 25% टैरिफ को घटाकर 18% करने का ऐलान इस शर्त पर किया है कि भारत रूस से कच्चे तेल का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात बंद करेगा और अमेरिका से ऊर्जा उत्पादों की खरीद बढ़ाएगा. ट्रंप का यह आदेश भारत के लिए कई रणनीतिक, आर्थिक और भू-राजनीतिक जोखिम पैदा करता है.
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पत्रकार संगठनों ने श्रीनगर के पत्रकारों पर हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और अधिकारियों से इसे तुरंत रोकने का आग्रह किया है. वहीं, हिंदुस्तान टाइम्स के संपादकीय में इस संबंध में सख़्त रुख़ अपनाते हुए कहा गया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सामान्य ख़बरों को लेकर पत्रकारों को तलब कर 'हद पार कर दी है.' अखबार ने यह भी जोड़ा कि वह केवल अपने पाठकों के प्रति जवाबदेह है.
आईसीसी ने कहा था कि अगर बांग्लादेश भारत में खेलने से इनकार करता रहा तो उसे आगामी टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया जाएगा और उसकी जगह किसी अन्य टीम को शामिल किया जा सकता है. इसके बावजूद बांग्लादेश ने अपने मैच श्रीलंका में कराने की मांग दोहराई है, जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि बांग्लादेश अगले महीने होने वाले इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं होगा.
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा ज़िले के बकुलाही गांव स्थित एक स्टील प्लांट में गुरुवार को हुए विस्फोट में कम से कम छह मज़दूरों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल हो गए. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विस्फोट यूनिट के डस्ट सेटलिंग चैंबर में हुआ, जिसके बाद गर्म धूल मज़दूरों पर गिरी, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए.
केरल के कैथोलिक चर्च ने चर्च के मुखपत्र दीपिका में प्रकाशित संपादकीय में भाजपा-शासित राज्यों में ईसाइयों के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा को लेकर पार्टी की कड़ी आलोचना की है. अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की ईसाई समुदाय में बढ़ती सक्रियता के बीच चर्च ने केरलवासियों से सतर्क रहने की अपील की है.
जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा देश के प्रमुख अख़बारों- इंडियन एक्सप्रेस और हिंदुस्तान टाइम्स के कश्मीर ब्यूरो में काम करने वाले पत्रकारों को तलब किए जाने के बाद अब द हिंदू के पत्रकार पीरज़ादा आशिक को भी पुलिस ने थाने मिलने बुलाया है. वरिष्ठ पत्रकारों, संपादकों तथा प्रेस संगठनों ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की है.
एनएमसी द्वारा वैष्णोदेवी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पाठ्यक्रम चलाने की अनुमति वापस लिए जाने के बाद संस्थान में दाख़िला ले चुके 50 एमबीबीएस छात्र बिना कॉलेज के रह गए हैं. वहीं, राज्य बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए नई काउंसलिंग कराने से इनकार करते हुए सरकार से कहा है कि वह अपने स्तर पर इन छात्रों को अन्य मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त सीटों पर दाख़िला दिलाए.
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