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आदिवासी कार्यकर्ता सुनीता पोट्टम पर छत्तीसगढ़ पुलिस का शिकंजा

छत्तीसगढ़ के बीजापुर संभाग के कोरचोली गांव की निवासी सुनीता पोट्टम को बीजापुर पुलिस ने तीन जून को रायपुर से गिरफ़्तार किया था. दावा किया जा रहा है कि पुलिस उन्हें बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ी में ले गई थी.

सामाजिक असामनता के चलते हीटवेव का असर भी समान नहीं है

भीषण गर्मी कमज़ोर वर्ग को असमान रूप से प्रभावित करती है. ग़रीब श्रमिक के पास न तो आराम या सुकून का समय ही उपलब्ध हैं न ही चिकित्सा सुविधाएं. निर्माण और कृषि श्रमिकों तो खुले में श्रम और ऊंचे तापमान के लंबे समय तक संपर्क में होता है, ऐसे में उनके लिए भीषण गर्मी जानलेवा भी हो सकती है.

उच्च शिक्षण संस्थानों में जातीय भेदभाव का स्तर भी ऊंचा बना हुआ है

बीते दस सालों में पूरे ही माहौल में बराबरी और न्याय की आवाज़ बहुत पीछे चली गई है. बराबरी की दिशा बनाने वाले आरक्षण को ही संदिग्ध बनाने की हवा बह रही है. ऐसे में उच्च शिक्षा के संस्थानों में जातीय भेदभाव और उत्पीड़न को मिटाए बिना समानता हासिल नहीं हो सकती.

मणिपुर: हिंसाग्रस्त क्षेत्र में मुख्यमंत्री के दौरे से पहले उनके सुरक्षा काफिले पर हमला, एक घायल

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह मंगलवार को हिंसा प्रभावित जिरीबाम ज़िले के दौरे पर जाने वाले थे, जिसकी तैयारी के लिए सुरक्षाकर्मियों का एक दल ज़िले की ओर ही जा रहा था, रास्ते में ही वह संदिग्ध उग्रवादियों के हमले का शिकार हो गया.

मोदी कैबिनेट में 37 पुराने मंत्रियों को नहीं मिली जगह, एक भी मुस्लिम नेता नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 72 सदस्यों वाली मंत्रिपरिषद में 30 कैबिनेट मंत्री, पांच राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 36 राज्य मंत्री शामिल हैं. इसमें 33 नए चेहरों को शामिल किया गया है और सात महिलाएं हैं. हालांकि, आज़ादी के बाद यह पहली ऐसा मंत्रिमंडल है, जिसमें कोई मुस्लिम चेहरा नहीं है.

ओडिशा: बीजू जनता दल चुनाव हारने के बाद वीके पांडियन ने राजनीति छोड़ने का ऐलान किया

हाल ही में हुए ओडिशा विधानसभा चुनावों में बीजू जनता दल की हार के बाद आलोचना का सामना कर रहे पूर्व नौकरशाह और नवीन पटनायक के करीबी वीके पांडियन ने विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी की हार के लिए माफ़ी मांगते हुए कहा कि वे राजनीति छोड़ रहे हैं.

पक्ष-विपक्ष में बंटे विमर्शों में जनतंत्र के पाले में कौन है?

जनतंत्र के नाम पर अब कोई भी पक्ष लिया जा सकता है. इसका एक कारण यह भी है कि अब किसी चीज़ के कोई मायने नहीं: न मुक्ति, न समानता, न धर्मनिरपेक्षता, न पूंजी, न मज़दूर: सारे शब्द और अवधारणाएं व्यर्थ हो चुके हैं. कविता में जनतंत्र स्तंभ की 30वीं क़िस्त.

जम्मू-कश्मीर प्रशासन की फिर कर्मचारियों पर कार्रवाई, कथित आतंकी संबंधों को लेकर चार बर्ख़ास्त

भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाने और सूबे को केंद्र शासित प्रदेश में तब्दील करने के बाद संविधान के अनुच्छेद 311 का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में चार दर्जन से अधिक कर्मचारियों को बर्ख़ास्त करने के लिए किया गया है.

जम्मू-कश्मीर: संदिग्ध आतंकवादी हमले के बाद तीर्थयात्रियों से भरी बस खाई में गिरी, 10 की मौत

एक पुलिस अधिकारी ने बताया है कि आतंकवादियों ने शिव खोरी से कटरा जा रही यात्री बस पर गोलीबारी की, जिसके कारण बस चालक ने संतुलन खो दिया और बस खाई में जा गिरी.

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