अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे पर कि भारत ने रूसी कच्चे तेल का आयात पूरी तरह रोकने पर सहमति जताई है, उठे सवालों के जवाब में विदेश और वाणिज्य मंत्रियों के बयान इस धारणा को और मज़बूत करते हैं कि सरकार अपनी स्थिति साफ़ करने से बच रही है. दोनों मंत्रालयों के एक-दूसरे पर ज़िम्मेदारी डालने के बीच, किसी स्पष्ट इनकार का न होना अब मूक सहमति जैसा दिखने लगा है.
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दिल्ली के विश्व पुस्तक मेले में शामिल होने वाले विभिन्न भारतीय भाषाओं के प्रकाशकों की संख्या में लगातार कमी दर्ज की जा रही है.
मैं इस सिस्टम से नाराज हूं. मुझे इस पर गुस्सा है क्योंकि ये सिर्फ दिखावा करता है कि इसे हमारी फिक्र है पर असलियत इसके उलट है.
अरुणाचल प्रदेश के आठवें मुख्यमंत्री कालिखो पुल की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है.
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